आतंकवादी मोहम्मद अंसार उक हक़ गिरफ्तार एयरपोर्ट से

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आतंकियों को देता रहा। आरोपी करीब पांच वर्ष से एचएम से जुड़ा हुआ है। दिल्ली पुलिस ने अंसार की गिरफ्तारी की सूचना जम्मू कश्मीर पुलिस को  दे दी है।
डीसीपी प्रमोद कुशवाह ने बताया कि एसीपी गोविंद शर्मा की टीम को सूचना मिली कि जम्मू कश्मीर पुलिस के एसआई इम्तियाज की हत्या करने वाला आतंकी अंसार उल हक दिल्ली व आसपास के क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना के बाद इंस्पेक्टर सतीश राणा व रविंद्र जोशी की टीम बनाई गई। ये भी पता लगा कि आरोपी अपनी जगह बदल रहा है। वह लगातार दिल्ली से मुंबई और बैंगलूरू में ठिकाने बदल रहा है। 20 नवंबर को सूचना मिली कि अंसार जम्मू कश्मीर जाने के लिए दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट आएगा। स्पेशल सेल टीम ने पुलवामा, जम्मू कश्मीर निवासी अंसार को आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 से मंगलार को गिरफ्तार कर लिया।
28 अक्तूबर को हुई थी एसआई इम्तियाज अहमद मीर की हत्या
जम्मू कश्मीर की सीआईडी ब्रांच के एसआई इम्तियाज अहमद मीर का शव 28 अक्तूबर को छेवा कला एरिया, जिला पुलवामा जम्मू कश्मीर में मिला था। कार से घर लौटने के दौरान रास्ते में आतंकियों ने उनका अपहरण कर हत्या कर दी थी।   रिटायर पुलिस अफसर का बेटा इम्तियाज अहमद मीर वर्ष 2010 में जम्मू कश्मीर पुलिस में भर्ती हुआ था। काम के प्रति लगन को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इम्तियाज पर आतंकी हमले की आशंका जताई थी।
हत्या में महिला मित्र का किया इस्तेमाल
स्पेशल सेल डीसीपी प्रमोद कुशवाह के अनुसार आतंकी अंसाल उल हक बाहारा, पुलवामा निवासी स्थानीय आतंकी वाजिद के उकसाने पर हिजबुल मुजाहिद्दीन में शामिल हो गया। वह रोज एचएम के अन्य आतंकियों के संपर्क में रहता था और सुरक्षा एजेंसियों व जम्मू कश्मीर की सूचनाएं देता था। आतंकी जहूर ठोकर ने उसे अक्तूबर, 2018 में एसआई इम्तियाज के बारे में सूचना देने की बात कही थी। साजिश के तहत अंसार ने महिला मित्र सैयद साइका के जरिये एसआई इम्तियाज को फोन कर पुलवामा छोड़ने की बात कही।  वह  एसआई इम्तियाज अहमद मीर के गांव में रहती थी, इस कारण एसआई उसे जानते थे।   महिला मित्र ने साथ में पुलवामा जाने की सूचना अंसार को दे दी और अंसार ने आगे आतंकियों को दे दी। रास्ते में आतंकियों ने एसआई का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी। आतंकी अंसार भी एसआई के गांव का ही रहने वाला है।
 काफी पढ़ा लिखा है अंसार उल हक
डीसीपी प्रमोद कुशवाह ने बताया कि आतंकी अंसार उल हक काफी पढ़ा लिखा है। इसने अंग्रेजी साहित्य में एमए किया हुआ है। इसकी दो बहनें और भाई हैं। इसकी तीन अगस्त, 2018 को शादी हुई थी। ये पहले राजनीतिक वर्कर था। इसके  परिवार के सेबों के व्यवसाय हैं और ये पैसे वाले परिवार से ताल्लुक रखता है। इसका एक भाई सरकारी टीचर है।
आतंकियों के फरमान से डरे नहीं थे एसआई
आतंकियों ने एक फरमान जारी किया था कि इलाके में जो भी पुरुष है, वह जम्मू कश्मीर पुलिस की नौकरी छोड़ दें, अन्यथा उन्हें मार दिया जाएगा। दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार एसआई इम्तियाज अहमद मीर आतंकियों के फरमान से डरे नहीं थे। वह तत्परता से अपनी नौकरी करते रहे।