केंद्र सरकार मुंबई हमले के साजिशकर्ता डेविड हेडली और तहव्वुर हुसैन राणा को भारत लाने की तैयारी कर रही है। सरकार दोनों के प्रत्यर्पण के लिए अमेरिकी एजेंसियों से लगातार संपर्क में है। केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने बुधवार को बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 13 से 15 दिसंबर के बीच अमेरिकी एजेंसियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये दोनों को भारत लाने पर बात की।
एनआईए के सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका राणा को भारत भेजने को लेकर लगभग तैयार है, लेकिन हेडली के प्रत्यर्पण को लेकर कई तकनीकी अड़चनें हैं। एनआईए ने राणा के खिलाफ नए सिरे से धोखाधड़ी के मामले को आधार बनाया है। इससे पहले राणा के आतंकवाद के मामले में प्रत्यर्पण की बात हो रही थी, लेकिन अमेरिका का डबल जियोपार्डी कानून आड़े आ रहा था।
इसके तहत एक आरोपी को एक ही अपराध के लिए दो बार सजा नहीं दी जा सकती। इसकी काट के लिए एनआईए ने राणा के खिलाफ अपनी कंपनी के जरिये नकली कागजात के आधार पर हेडली का पासपोर्ट बनवाने का आरोप लगाया है। एनआईए की इस दलील पर एफबीआई और अन्य एजेंसियां उसके प्रत्यर्पण पर विचार कर रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, डेविड हेडली ने अमेरिका के साथ समझौता कर आरोप स्वीकार लिए हैं। अमेरिका में उसे 35 साल की सजा हो चुकी है। लिहाजा भारत की तमाम कोशिशों के बावजूद हेडली का प्रत्यर्पण थोड़ा मुश्किल है।