Monday, September 20, 2021
Uncategorized

16 बोरी भर कर नॉट लिए थे इस मंत्री ने

अनिल देशमुख मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में एक अहम बड़ा खुलासा हुआ है. बता दें कि विशेष पीएमएलए कोर्ट में ED द्वारा अनिल देशमुख मामले में फ़ाइल चार्जशीट में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि अनिल देशमुख ने सचिन वझे को 4.6 करोड़ रुपये अपने निजी सहायक कुंदन शिंदे को देने के लिए बाेला था।

जानकारी के मुताबिक अनिल देशमुख के कहने पर सचिन वझे ने यह रुपये 16 बैग में भरकर मुंबई के सह्याद्रि गेस्ट हाउस और राजभवन के बाहर पहुंचाए थे। मामले में यह सामने आने के बाद अदालत ने इस चार्जशीट का संज्ञान लिया है।


एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी कि सचिन वझे जाे पैसे 16 बैग में भरकर मुंबई के सह्याद्रि गेस्ट हाउस और राजभवन के बाहर पहुंचाए थे वे गैरकानूनी तरीके से डांस बार मालिकाें से जुटाए थे. बता दें कि चार्जशीट में ईडी ने अपनी चार्जशीट में वझे और देशमुख के ट्रस्ट को एक आरोपी की तरह पेश किया है।

दरअसल अनिल देशमुख के पास कराेड़ाे की जमीन है. नागपुर बेस्ड ट्रस्ट जो शिक्षण संस्थान चलाता है. बताया जा रहा है कि उनके परिवार के के स्वामित्व वाली कंपनी के पास भी कई साै कराेड़ाे की जमीन है. जिसकी वजह से ईडी ने देशमुख के प्राइवेट सेक्रेटरी और सरकारी अधिकारी संजीव पलांडे और पीए शिंदे के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।

अधिकारी ने बताया कि ED जांच पूरी हाेने के बाद एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट फ़ाइल करेगी। गाैरतलब है कि अनिल काे ED ने बार बार पेश हाेने के लिए समन भेजा था लेकिन फिर भी वे ED के सामने पेश नही हुए. जिसके बाद उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है। ताकि वो देश छोड़कर भाग न सकें।

मिली जानकारी के मुताबिक चार्जशीट में लिखा है कि देशमुख ने वझे से 2 करोड़ रुपये मांगे थे ताकि उसे नौकरी पर रख सके। क्योंकि एमवीए के कई नेता इस बात से नाराज थे कि एक 15 साल से निलंबित अधिकारी को वापस नौकरी पर रखा जा रहा है। बाद में देशमुख ने वझे से 100 करोड़ रुपये हफ्ता वसूलने के काम पर लगाया था।

अधिकारी ने बताया कि देशमुख ने अपने आधिकारिक निवास पर यह मांग डीसीपी राजू भुजबल और एसीपी संजय पाटिल से भी की थी। वझे अपनी कार में ही हफ्ते की रकम को रखता था।

चार्जशीट के मुताबिक जनवरी 2021 में देशमुख ने वझे को बुलाकर कहा कि अब तक जो भी पैसा जमा किया है, उसे कुंदन शिंदे को दे दो। जिसके बाद दोनों सह्याद्रि गेस्ट हाउस के बाहर मिले। जहां वझे ने पांच बैग कुंदन को दिए जिसमे 1.6 करोड़ रुपये थे। उस समय शिंदे देशमुख की सफेद मर्सिडीज़ कार में आया था।

चार्जशीट में बताया गया कि देशमुख अक्सर वझे को कॉल किया करते थे. फरवरी के महिने में देशमुख ने फिर से सचिन वझे को फोन किया. अनिल ने वझे काे फाेन करके कहा कि जो भी रकम अब तक जमा हुई है, उसे कुंदन शिंदे को हैंडओवर कर दो। जिसके बाद शिंदे ने वझे को कॉल किया और दोनों राजभवन के पास के सिग्नल पर मिले।
चार्जशीट में लिख था कि जब दाेनाें राजभवन के सिग्नल के पास मिले ताे उस समय शिंदे देशमुख के सरकारी वाहन से आया था। तब वझे ने उसे 11 बैग दिए थे जिसमें 3 करोड़ रुपये थे।

चार्जशीट से खुलासा हुआ है कि गृहमंत्री रहते हुए अनिल देशमुख ने 4.70 करोड़ रुपये लिए थे। जिसका इस्तेमाल देशमुख के बेटे ऋषिकेश देशमुख द्वारा किया गया था। उन्होंने रकम का हिस्सा दिल्ली बेस्ड कंपनी को भेजा था। बाद में यह रकम डोनेशन के रूप में श्री साईं शिक्षण संस्थान ट्रस्ट को भेजी गई। इस ट्रस्ट को देशमुख परिवार चलाता है।

Leave a Reply