ओवैसी के घर की जागीर नही 20 करोड़ मुसलमान, यही ओवैसी कहता था सुप्रीम कोर्ट का फैसला सर आंखों पर

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देश के मुसलमानों को अपनी जागीर समझने वाले ओवैसी भाइयों को एक युवा मुस्लिम आवाज़ ने धो दिया है,अयोध्या मामले में आये फैसले के बाद ओवैसी ने अपनी राजनीति जमाने की दृष्टि से बयान दिया था जिसको सलमान निज़ामी ने जमकर फटकार दिया है।
5 एकड़ जमीन क्यों ना लें, ओवैसी मुसलमानों का ठेकेदार नहीं
सलमान निजामी ने कहा कि हमें मस्जिद का निर्माण करना चाहिए, एक ऐसा संस्थान भी जहां हिंदू और मुस्लिम दोनों एक साथ अध्ययन कर सकते हैं.
सलमान निजामी बोले- 5 एकड़ जमीन क्यों ना लें, ओवैसी मुसलमानों के ठेकेदार नहींसलमान निजामी (फाइल फोटो)
  • सलमान निजामी बोले- हमें मस्जिद का निर्माण करना चाहिए
  • सकारात्मक ऊर्जा और विचारों से ही नफरत से निपटा जा सकता है
कांग्रेस नेता सलमान निजामी ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने कहा कि 5 एकड़ भूमि को अस्वीकार क्यों किया जाए? ओवैसी मुसलमानों के ठेकेदार नहीं हैं. बता दें कि अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ओवैसी ने कहा था कि 5 एकड़ जमीन के ऑफर को लौटा देना चाहिए. मुस्लिम गरीब हैं, लेकिन मस्जिद बनाने के लिए हम पैसा इकट्ठा कर सकते हैं.
सलमान निजामी ने कहा कि हमें मस्जिद का निर्माण करना चाहिए, एक ऐसा संस्थान भी जहां हिंदू और मुस्लिम दोनों एक साथ अध्ययन कर सकते हैं. किसी कोई भी निराश होने की जरूरत नहीं है. केवल सकारात्मक ऊर्जा और विचारों से ही नफरत से निपटा जा सकता है.

Salman Nizami

@SalmanNizami_

Why to reject the 5 acre land? Owaisi is not the ‘thekedar’ of 200+ million Muslims. We must build the ‘Mosque’, also an institute where both Hindus & Muslims can study together. No one shoud feel disgusted. Hatred & evil designs can be dealt only wd positive energies & thoughts!

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ओवैसी ने क्या कहा था
सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले पर असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाए उठाते हुए कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरह हम भी फैसले से सहमत नहीं हैं, सुप्रीम कोर्ट से भी चूक हो सकती है. जिन्होंने बाबरी मस्जिद को गिराया, उन्हें ट्रस्ट बनाकर राम मंदिर बनाने का काम दिया गया है.
OWAISI ने कहा कि अगर मस्जिद वहां पर रहती तो SUPREME COURT क्या फैसला लेती. यह कानून के खिलाफ है. बाबरी मस्जिद नहीं गिरती तो फैसला क्या आता है. हमें हिंदुस्तान के संविधान पर भरोसा है. हम अपने अधिकार के लिए लड़ रहे थे. 5 एकड़ जमीन की खैरात की जरूरत नहीं है. मुस्लिम गरीब हैं, लेकिन मस्जिद बनाने के लिए हम पैसा इकट्ठा कर सकते हैं.