Thursday, September 17, 2020
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इस पूर्व मंत्री ने बेच दिया था 252 करोड़ का होटल ,साढ़े 7 करोड़ में,अब दर्ज हुई 420

अदालत ने इस मामले में केंद्रीय एजेंसी CBI के इस तर्क से असहमति जताई और एक क्लोजर रिपोर्ट पेश करने के लिए आलोचना की। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि तत्कालीन मंत्री अरुण शोरी (Arun Shourie) और तत्कालीन सचिव प्रदीप बैजल ने अपने पदों का दुरुपयोग किया और सौदे में केंद्र सरकार को 244 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया।

इस मामले में तीन अन्य आरोपी आशीष गुहा, तत्कालीन निवेश फर्म लाजार्ड इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक कांतिलाल करमसी विकमसे, तत्कालीन मूल्यांकन फर्म कांति करमसी एंड कंपनी के प्रमुख और भारत होटेल्स लिमिटेड के चेयरपर्सन और ज्योत्सना सूरी के प्रबंध निदेशक हैं। विशेष अदालत ने आदेश दिया कि उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120 B (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) D के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

अदालत ने कहा कि उन्हें अरेस्ट वारंट के जरिए तलब किया जाना चाहिए। साथ ही कोर्ट ने उदयपुर जिला कलेक्टर को होटल को तुरंत कब्जे में लेने के लिए आदेश दिए। बता दें कि अरुण शोरी (Arun Shourie) 1999-2004 के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार में केंद्रीय संचार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं विनिवेश मंत्री थे

सीबीआई की विशेष अदालत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। वर्ष 2002 में जब केंद्रीय विनिवेश मंत्री के रूप में अरुण शौरी कार्यरत थे तब उनके मंत्रालय ने उदयपुर के लक्ष्मी विलास होटल को महज साढ़े सात करोड़ रुपए में ललित ग्रुप को दे दिया था। यूपीए सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान सीबीआई से इस मामले का अनुसंधान शुरू करवाया था। सर्वे में सामने आया कि इस होटल की कीमत 252 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है।
हालांकि बाद में सीबीआई ने इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी थी लेकिन सीबीआई की विशेष अदालत ने क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करते हुए इस मामले में फैसला जारी किया। जोधपुर सीबीआई अदालत के जज पीके शर्मा ने अपने आदेश में उदयपुर जिला प्रशासन को निर्देशि दिया है कि अगले 3 दिन में होटल का अध्ययन कर इसकी मौजूदा स्थिति की पूरी रिपोर्ट अदालत में पेश किया जाए। होटल को फिलहाल आईटीडीसी को संचालन करने के लिए सौंपा जाएगा।

वाजपेयी सरकार की हुई थी आलोचना
2002 में हुए इस होटल के विनिवेश के बाद उदयपुर में लोगों ने कड़ा विरोध दर्ज करवाया था। इससे तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार को आलोचना भी झेलनी पड़ी थी। अब सीबीआई की विशेष अदालत में इस विनिवेश को गलत बताते हुए तत्कालीन केंद्रीय मंत्री रहे अरुण शौरी सहित पांच के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।

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