Friday, May 13, 2022
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भूपेश बघेल को बड़ा झटका हाई कोर्ट से

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हत्याकांड मामले की जांच को लेकर हाईकोर्ट से एक बड़ी अपडेट मिल रही है। बिलासपुर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने झीरमघाटी नक्सल हमले की जाँच के लिए राज्य शासन की तरफ से गठित दो सदस्यीय जांच आयोग के कामकाज पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी है। अदालत ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार को रिपोर्ट पेश करने के लिए नोटिस भी जारी किया है। याचिकाकर्ता ने भूपेश बघेल सरकार की तरफ से झीरमघाटी नक्सल घटना के संबंध में गठित जांच आयोग की वैधानिता पर भी सवाल उठाते हुए तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं के आधार पर चुनौती दी थी।

नेता प्रतिपक्ष कौशिक की याचिका पर हुई सुनवाई

नेता प्रतिपक्ष कौशिक की याचिका पर हुई सुनवाई

गौरतलब है कि राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेता और छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने झीरम घाटी हत्याकांड की नए सिरे से जांच के लिए छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार की तरफ गठित दो सदस्यीय जांच आयोग की वैधानिकता को चुनौती देते हुए इसे रद्द करने की मांग की थी। उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि जस्टिस प्रशांत मिश्रा आयोग की जांच रिपोर्ट को छत्तीसगढ़ शासन ने अभी तक विधानसभा के पटल पर नहीं रखा है और ना ही उस पर चर्चा हुई है।

जांच आयोग की वैधानिकता पर उठाये गए सवाल

जांच आयोग की वैधानिकता पर उठाये गए सवाल

जांच आयोग की रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखे बिना ही नए आयोग का गठन कर दिया है, इसलिए कौशिक ने आयोग गठन की वैधानिकता पर सवाल उठाते हुए इसे निरस्त करने की मांग की थी। याचिका में बताया गया है कि झीरम घाटी नक्सल घटना के तुरंत बाद तत्कालीन सरकार ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस प्रशांत मिश्रा की अगुवाई में जांच आयोग बनाया था, जिसके तहत आठ साल तक सुनवाई होने के बाद रिपोर्ट राज्यपाल को सौंप दी गई है, इसलिए नियमों के मुताबिक आयोग की तरफ से रिपोर्ट सौंपने के छह माह के अंदर छत्तीसगढ़ सरकार को विधानसभा के पटल पर रखना चाहिए।

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