कंगना रनौत ने एक सवाल पूछ कर साबित किया,जाहिल है सैफ अली खान

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यह बात कम लोग जानते है की सैफ अली खान एक डफर छात्र था,अक्सर क्लास से बाहर निकाला जाता रहा है।बड़ी मुश्किल से जैसे तैसे अपनी जितनी भी शिक्षा थी ग्रहण की है।इतिहास के विषय मे उसको कुछ जानकारी न होना कोई बड़ी बात नही,लेकिन इतना जाहिलपन कि देश को देश नही मानना और देश बनाने का श्रेय अंग्रेजो को देना एक खास किस्म की मानसिकता बताता है।इस मानसिकता को अभिनेत्री कंगना रनौत ने एक वाक्य में जूते तले मसल दिया।
10 जनवरी 2020 को रिलीज हुई फिल्म किसी न किसी वजह से लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। एक वजह जहां फिल्म की धमाकेदार कमाई है तो वहीं कई अन्य वजहों में से एक सैफ अली खान का बयान भी है। हाल ही में सैफ अली खान ने फिल्म और भारत को लेकर एक बयान दिया था। इस बयान पर अब कंगना रनौत ने जवाब दिया है।
दरअसल हाल ही में सैफ ने स्वीकार किया था कि तानाजी में इतिहास की गलत व्याख्या की गई है। उन्होंने कहा कि ‘किसी भी फिल्म की व्यावसायिक सफलता में इतिहास की गलत व्याख्या को उपकरण के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। ये सही बात है कि इसकी पॉलिटिक्स का तथ्यों से कोई मेल नहीं है। इसे लेकर मैं केवल एक अभिनेता के तौर पर ही सहमत नहीं हूं बल्कि एक भारतीय के तौर पर भी नहीं हूं। मैंने ऐसी राजनीति पर पहले भी सवाल खड़े किए हैं। शायद मैं अगली बार से ऐसी कहानियों को लेकर सतर्क रहूं।’
वहीं इसके अलावा अनुपमा चोपड़ा को दिए इंटरव्यू में सैफ ने कहा है कि मेरा मानना है कि इंडिया की अवधारणा अंग्रेजों ने दी और शायद इससे पहले नहीं थी। सैफ अपने इस बयान के बाद आलोचना झेल रहे हैं। ऐसे में अब कंगना रनौत ने सैफ को जवाब महाभारत से दिया है।
एक टीवी चैनल के दिए इंटरव्यू में सैफ की बात पर कंगना रनौत ने कहा, ‘ये सच नहीं है। अगर कोई भारत नहीं था तो फिर महाभारत क्या था? 5 हजार साल पहले क्या लिखा गया था? वेद व्यास क्या था? कुछ लोगों ने बस अपने अपने विचार बना लिए हैं, जो उनके मुताबिक सही हैं। महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण थे। सभी राजाओं ने मिलकर उस लड़ाई को लड़ा है। तो ये आम बात है। ऐसे ही ऐतिहासिक फिल्मों की कहानी और किरदारों की जानकारी होना जरूरी है। आप तथ्यों से छेड़छाड़ नहीं कर सकते।’