700 ईसाई चर्च पादरी छोटे बच्चों और अन्य से बलात्कार के मुजरिम

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अमेरिका के इलिनोइस प्रांत में करीब 700 पादरियों पर बच्चों का यौन शोषण करने का आरोप लगा है। यह संख्या इसके पूर्व कैथोलिक चर्च द्वारा बताई गई संख्या से कहीं ज्यादा है। इतनी अधिक संख्या में कैथोलिक पादरियों पर यौन शोषण के आरोपों का खुलासा अमेरिका के मध्य पश्चिमी राज्य के शीर्ष अभियोजक ने किया है।
इलिनोइस की अटॉर्नी जनरल लीसा मैडिगन ने कहा कि चर्च ने पहले ऐसे पादरियों की संख्या 185 बताई थी, लेकिन उनके कार्यालय की जांच में यह संख्या काफी कम पाई गई है। अटॉर्नी जनरल के कार्यालय की ओर से जारी बयान में शोषण के आरोपों से निपटने में चर्च की असमर्थता की आलोचना की गई है।
कार्यालय के मुताबिक न सिर्फ आरोपों की जांच अधूरी रही बल्कि कई मामलों में कानून का पालन तक नहीं किया गया है। बाल कल्याण संस्थाओं को भी इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। मैडिगन ने कहा ‘इस जांच के शुरूआती चरणों से पहले ही साफ हो चुका है कि कैथोलिक चर्च अपनी निगरानी नहीं कर सकता।’ बता दें कि इसी साल अक्तूबर में पहली बार यौन शोषण के मामलों की जांच शुरू हुई थी।
पोप ने कहा, क्रिसमस को फैशन न बनने दें
वेटिकन सिटी : चर्च में यौन शोषण पर पीड़ितों से खुलकर माफी मांगने वाले पोप फ्रांसिस ने अपील की है कि क्रिसमस को उपहारों के आदान-प्रदान और खरीदारी पर्व के रूप मे देखने के बजाय ईसा मसीह के जन्मदिन के रूप में देखें। उन्होंने कहा कि क्रिसमस का मूल मकसद फैशन नहीं, ईसा मसीह का जन्मदिन है। पोप की यह टिप्पणी उन विज्ञापनों के एवज में थी जो बताते हैं कि हमें सरप्राइज देने के लिए अधिक से अधिक नए उपहारों का आदान-प्रदान करना है।
पोप ने सवाल उठाया कि ‘क्या भगवान इस तरह का जश्न चाहते हैं? नहीं, क्योंकि क्रिसमस भगवान की मौन आवाज सुनने का त्यौहार है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं आपसे अपील करता हूं कि क्रिसमस को फैशनेबल ईवेंट न बनने दें। गरीब की मदद के बिना जगमगाती रोशनी और खूब सारे उपहार लेना क्रिसमस नहीं है।’