Sunday, February 21, 2021
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कई हज़ार करोड़ का कोयला घोटाला है पश्चिम बंगाल का,ममता सरकार कोर्ट में हार चुकी जांच बन्द का केस,कैलाश विजयवर्गीय ने किया सनसनीखेज खुलासा

कोयला घोटाले (Coal Scam) में संलिप्तता के संदेह के आरोप में सीबीआई (CBI) ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banrjee) के भतीजे अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) की पत्नी रुचिरा बनर्जी को सीबीआई ने नोटिस भेजा है और उनसे 24 घंटे के अंदर पूछताछ की फरमान जारी की है. इस बीच, बीजेपी के महासचिव और बंगाल बीजेपी ईकाई के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय (kailash Vijyavargiya) ने सनसनीखेज खुलासा किया है.
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “अभिषेक बनर्जी के बारे में हमने ही 6 महीने पहले सीबीआई-ED को सारी जानकारी दी थी. अभिषेक बनर्जी विनय मिश्रा के साथ एक जहाज से दुबई गए थे. मेरे पास उनके बारे में बहुत तथ्य हैं. फाइनेंसियल ट्रांसेक्शन भी है. CBI जांच पड़ताल करने के बाद ही उन तक पहुंची है.”
विनय मिश्रा करता था लिंकमैन का काम
आरोप है कि कोयला तस्करी कांड में मूल आरोपी अनूप मांझी उर्फ लाला (lala) और अभिषेक बनर्जी के बीच विनय मिश्रा (Binay Mishra) लिंकमैन का काम करते थे. सीबीआई ने अनूप मांझी और विनय मिश्रा के खिलाफ लुकआउट का नोटिस जारी किया है. इनके ठिकानों पर की बार छापेमारी भी की है. अनूप मांझी की सपंत्ति की कुर्क करने का आदेश दिया है.
अब्बास सिद्दीकी को दिया है डिप्टी सीएम का ऑफर
दूसरी ओर, विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि ममता फुरफुरा शरीफ के अब्बास सिद्दीकी (Abass Siddiqui) पर दबाव डाल रही हैं. उसे डिप्टी सीएम बनाने का आफर भी दिया है.मुझे लगता है कि उनके बीच समझौता हो जाएगा.

कोयला घोटाले की जांच के सिलसिले में CBI ने दिसंबर में कोलकाता के एक CA के दफ्तर में भी छापा मारा था।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सेंट्रल इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (CBI) एक्शन में आ गई है। शुक्रवार को CBI ने कोयला घोटाला मामले में बंगाल के पुरुलिया, बांकुरा, बर्दवान और कोलकाता में 13 जगहों पर छापेमारी की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये छापेमारी युवा तृणमूल कांग्रेस के नेता विनय मिश्रा, व्यवसायी अमित सिंह और नीरज सिंह के ठिकानों पर हुई है। छापे के दौरान कोई भी घर पर मौजूद नहीं था। इसके पहले 11 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हुगली, कोलकाता, उत्तर 24 परगना, आसनसोल, दुर्गापुर, बर्धमान में छापेमारी की थी।
TMC नेताओं पर ही लगे हैं आरोप
कोयला घोटाला मामले में TMC के नेताओं पर ही आरोप है। इसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का नाम भी आ चुका है। आरोप है कि बंगाल में अवैध रूप से कई हजार करोड़ के कोयले का खनन किया गया और एक रैकेट के जरिए इसे ब्लैक मार्केट में बेचा गया। इस मामले में दिसंबर के शुरुआती हफ्तों में भी CBI ने कोलकाता के CA गणेश बगारिया के दफ्तर में छापा मारा था।
सितंबर में जांच शुरू हुई; कोर्ट ने CBI को मंजूरी दी
पिछले साल सितंबर में कोयला घोटाले की जांच शुरू हुई। तब से BJP इसके लिए TMC पर आरोप लगाती रही है। BJP नेताओं का कहना है कि कोयला घोटाले से मिली ब्लैक मनी को TMC के नेताओं ने शेल कंपनियों के जरिए व्हाइट मनी में बदला। इसमें सबसे ज्यादा फायदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को हुआ है। अभिषेक बनर्जी TMC की युवा विंग के अध्यक्ष हैं। उन्होंने अपनी पार्टी में विनय मिश्रा समेत 15 युवाओं को महासचिव बनाया था। विनय मिश्रा शुरू से ही कोयला घोटाले के आरोपी हैं। TMC ने CBI जांच पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने नामंजूर कर दिया था।

इससे पहले शुक्रवार को

सीबीआई ने कोयला घोटाला मामले की जांच के सिलसिले में शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के 4 जिलों में 13 स्थानों पर तलाशी ली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।      उन्होंने कहा कि पुरुलिया, बांकुड़ा, पश्चिम बर्धमान और कोलकाता में परिसरों की तलाशी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि कोलकाता और बांकुड़ा में अमिया स्टील प्रा लि के परिसर पर और गिरोह के संदिग्ध सरगना अनूप मांझी के कथित सहयोगी जयदीप मंडल के परिसर पर भी छापेमारी की गई। सीबीआई ने मांझी उर्फ लाला, ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) के महाप्रबंधक अमित कुमार धर और जयेश चंद्र राय, ईसीएल के सुरक्षा प्रमुख तन्मय दास, कुनुस्तोरिया के क्षेत्र सुरक्षा निरीक्षक धनंजय राय एवं काजोर इलाके के सुरक्षा प्रभारी एवं एसएसआई देबाशीष मुखर्जी के खिलाफ पिछले वर्ष नवंबर माह में प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोप है कि काजोर एवं कुनुस्तोरिया इलाकों में ईसीएल की लीज पर ली गई खदानों से अवैध खनन तथा कोयले की चोरी में मांझी लिप्त है।

गए साल नवंबर में

रिपोर्ट के मुताबिक़ अनूप माँझी के दफ्तरों पर भी छापे मारे गए थे। माँझी के संपर्क राज्य की टीएमसी सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों से बताया जाता है। जिन परिसरों में छापे मारे गए उनमें आसनसोल, दुर्गापुर, रानीगंज, बर्दवान, बिशनपुर और दक्षिण 24 परगना स्थित माँझी के सहयोगियों के घर और दफ्तर शामिल हैं।
अनूप माँझी को ‘लाला’ नाम से भी जाना जाता है। वह बंगाल-झारखंड सीमा पर कोयला खदानों के आस-पास रैकेट चलता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ उसे राजनीतिक दलों से भी फंडिंग मिलती है। इस महीने की शुरुआत में उसे दो नोटिस जारी की गई थी। जारी की गई कुल 3 नोटिस में उसने सिर्फ 2 नोटिस का संज्ञान लिया था। ममता बनर्जी ने केंद्रीय जाँच एजेंसी द्वारा पश्चिम बंगाल में की गई इस छापेमारी पर नाराज़गी जताते हुए सवाल खड़े किए थे। इसमें माँझी और पशु तस्करी के रैकेट शामिल हैं, जिसके सरगना को हाल ही में गिरफ्तार किया गया था।

पशु तस्करी रैकेट और कोयला तस्करी रैकेट के बीच संबंध

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार सीबीआई पशु तस्करी रैकेट और कोयला तस्करी रैकेट के बीच संभावित संबंध को लेकर नज़र रख रही है। सीबीआई ने 6 नवंबर को पशु तस्करी रैकेट के सरगना को गिरफ्तार किया था जो भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर अपना रैकेट चला रहा था। आरोपित एनैमुल हक़ मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और सीबीआई ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया था। हक़ के साथ सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) के एक अधिकारी को भी गिरफ्तार किया गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ केंद्रीय जाँच एजेंसी ने इस मामले के संबंध में गुरुवार को कोलकाता के दो चार्टर्ड अकाउंटेंट के दफ्तर पर छापा मारा था। 36 बीएसएफ़ बटालियन के पूर्व कमांडेंट सतीश कुमार (जिसकी तैनाती अभी रायपुर में है), एनैमुल हक़, अनारुल एसके और मोहम्मद गुलाम मुस्तफ़ा को सीबीआई ने हिरासत में लिया था।
आरोपों के मुताबिक़ पशु तस्कर बीएसएफ़ अधिकारियों को लगातार घूस देते थे, जिससे उनका काम में कोई परेशानी नहीं आए। मार्च 2018 में सीबीआई ने एनैमुल हक़ को बीएसएफ़ कमांडेंट जीबू टी मैथ्यू को घूस देने के आरोप में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद वह जमानत पर बाहर आया था। इसके बाद जनवरी 2018 के दौरान मैथ्यू 47 लाख रुपए के साथ अलप्पूज़ा रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया गया था।
सितंबर महीने में सीबीआई ने कोलकाता और मुर्शिदाबाद के अनेक क्षेत्रों में छापा मारा था जिसका उद्देश्य भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर जारी पशुओं की तस्करी की गुत्थी सुलझाना था। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, पंजाब के अमृतसर और छत्तीसगढ़ के रायपुर में छापा मारा था। इस साल अप्रैल में बीएसएफ़ ने इस बात की जानकारी दी थी कि 2216.7 किलोमीटर लंबे भारत-बांग्लादेश बॉर्डर से पशु, सोना, गाँजा, नकली भारतीय मुद्रा की तस्करी हो रही है।

 

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