Friday, July 30, 2021
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बड़ा खुलासा: राहुल गांधी से 4 शर्त प्रशांत किशोर की, पहली अध्यक्ष राहुल गांधी को बनना पड़ेगा….

4 मुख्य बदलाव प्रशांत किशोर के कारण
1/.राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष पद लेना होगा।
2/.प्रशांत किशोर राष्ट्रीय महासचिव कांग्रेस पार्टी,राज्यसभा भी तय,
3/.कांग्रेस प्रवक्ताओं की अनर्गल बयानबाजी पर रोक,
4/.2024 के प्रत्याशी आज से तय,कुल लोकसभा की 50% सीट कांग्रेस अपने पास रखेगी बाकी,सहयोगियों को।

क्या कांग्रेस चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को अपने दल में शामिल करना चाहती है? और क्या खुद प्रशांत किशोर भारत की सबसे पुरानी पार्टी के साथ अपनी नई राजनीतिक पारी शुरू करने के मूड में हैं? राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ मुलाकातों और एक अहम बैठक के बाद सियासी गलियारों में प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। बताया तो यह भी जा रहा है कि राहुल गांधी ने एक बैठक कर प्रशांत किशोर को कांग्रेस में शामिल करने के लिए पार्टी नेताओं से राय मांगी है।

 

क्या है अधिकतर कांग्रेस नेताओं की राय?
सूत्रों ने बताया कि बैठक में शामिल अधिकततर नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि प्रशांत किशोर का कांग्रेस में शामिल होना पार्टी के लिए फायदेमंद होगा।

पीके के कांग्रेस में आने क्या होगा?

इस बैठक से अवगत एक सूत्र ने बताया, ‘‘राहुल गांधी जी ने प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने के प्रस्ताव को लेकर वरिष्ठ नेताओं से उनकी राय जानी। ज्यादातर लोगों की यही राय थी कि उनके आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी।’’

13 जुलाई को प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी से मुलाकात की थी
राहुल गांधी की कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की इस बैठक से पहले 13 जुलाई को प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी से मुलाकात की थी और उस बैठक में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा भी मौजूद थीं।

मुलाकात के बाद से ही लगाई जा रहीं थी अटकलें
इस मुलाकात के बाद से प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि प्रशांत किशोर के पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव है। हालांकि प्रशांत किशोर की ओर से कुछ नहीं कहा गया है और और कांग्रेस ने भी इस बारे में आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है।

कांग्रेस आलाकमान को करना है फैसला
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘प्रशांत किशोर पहले ही सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि कांग्रेस के बिना राष्ट्रीय स्तर पर कोई भाजपा विरोधी मोर्चा नहीं बन सकता। अगर वह कांग्रेस में शामिल होते हैं तो इससे पार्टी को फायदा होगा। ऐसी स्थिति में उनकी भूमिका क्या होगी, इस बारे में फैसला कांग्रेस आलाकमान को करना है।’

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद प्रशांत किशोर ने घोषणा की थी कि वह अब चुनावी रणनीतिकार की भूमिका से मुक्त होंगे। इसके बाद से ही उनके एक बार फिर से सक्रिय राजनीति में कदम रखने की संभावना जताई जा रही है। वह कुछ साल पहले जनता दल (यू) में शामिल हुए थे, हालांकि बाद में उनको अलग होना पड़ा।

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