सनसनीखेज खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में: हत्या हुई है,कुदरती मौत नही

0
517
   उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के बेटे की संदिग्ध मौत के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि शेखर तिवारी की मौत अप्राकृतिक थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। जिसने इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है। क्राइम ब्रांच ने हत्या का केस अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार आज दिन में क्राइम ब्रांच की टीम और वरिष्ठ अधिकारी डिफेंस कॉलोनी स्थित रोहित के घर पर पहुंचे थे। टीम रोहित के घर की जांच से मौत की वजह पता लगाने की कोशिश कर रही है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि स्व. एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ‘अप्राकृतिक मौत’ की बात सामने आई है। अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या का मामला) के तहत मामला दर्ज किया गया।
स्वर्गीय एनडी तिवारी के बेटे रोहित तिवारी की मौत मामले में बड़ा सनसनीखेज खुलासा हुआ है। रोहित की मौत छाती और गले पर दबाव पड़ने से हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुलिस अधिकारी ये अंदाजा लगा रहे हैं।
पीएम रिपोर्ट में मौत के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन इसमें कई और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। ऐसे में डिफेंस कॉलोनी थाना पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर दिया है। जानिए क्या कहती है दस पन्ने की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट…
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को रोहित तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सोमवार रात करीब साढ़े सात बजे मिल गई थी। हालांकि दक्षिण जिला डीसीपी विजय कुमार बृहस्पतिवार देर रात तक रोहित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिलने की बात कहते रहे।
दक्षिण जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मेडिकल बोर्ड ने रोहित तिवारी की करीब आठ-दस पेज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट काफी लंबी है और इसमें मौत का स्पष्ट कारण नहीं लिखा है।
इसमें मेडिकल क्षेत्र के तकनीकी शब्दों का भी इस्तेमाल है। रिपोर्ट पर डिफेंस कॉलोनी थाना पुलिस अधिकारी मेडिकल विशेषज्ञों से देर रात तक राय लेकर मौत के कारणों तक पहुंचने की कोशिश करते रहे। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार सुबह सीसीटीवी फुटेज व जांच रिपोर्ट की एक कापी मेडिकल बोर्ड की मांग पर उन्हें भिजवा दी थी।
पुलिस ने रोहित के घर की सीसीटीवी फुटेज को देखा भी था। कुछ लोगों ने छाती (सीपीसीआर) को दबा कर रोहित को बचाने की कोशिश की थी। ये सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर को जब्त कर लिया है।
हालांकि, रोहित तिवारी के परिवार के सदस्य ने रोहित की मौत को लेकर किसी पर संदेह व्यक्त नहीं किया है। सीसीटीवी कैमरों की रिपोर्ट से भी ये साफ हो गया है कि कोई बाहरी व्यक्ति घर में नहीं गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार रोहित काठगोदाम, उत्तराखंड में वोट डालकर पांच दिन में सोमवार को दिल्ली लौटा था। रात में रोहित ने शराब पी थी। घर पर आकर उसने चिकन, दाल व चावल खाए थे। जब रोहित का पोस्टमार्टम हुआ तो रोहित के पेट में दाल-चावल मिले थे। ऐसे में पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि रोहित की मौत रात के समय ही हो गई थी। दाल व चावल पचे नहीं थे।
नौकर गोलू उर्फ भोगिन्दर का कहना है कि रोहित रात 11:30 बजे सो गए थे, जबकि पत्नी अपूर्वा का कहना है कि रोहित रात करीब दो से ढाई बजे के बीच सोए थे। एफएसएल टीम ने मौके से तकिया, चादर व दवाइयों का सैंपल उठाया था। ताकिए पर खून के धब्बे थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रोहित को नींद न आने की बीमारी थी और पांच वर्ष से उनका इलाज चल रहा था। रोहित कई बार नींद की गोलियां लेते थे। रोहित हर रोज सुबह हार्ट की गोली लेने के लिए सुबह नौ बजे उठते थे और फिर सो जाते थे।