BREAKING NEWS शाहरुख,जावेद भाविन रिमांड पर,80 लड़के लड़कियां जेल में,अमरीकियों से धमका कर वसूली

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 अमरीकी लोगों को ड्रग्स डीलिंग व मनी लाड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगाकर वहां के सोशल सिक्यूरिटी व एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के नाम से सोशल सिक्यूरिटी नंबर ब्लॉक करने का झांसा देकर ठगी करने वाले दो कॉल सेंटर साइबर सेल की टीम ने पकड़े। भारत में जिस तरह आधार नंबर है उस तरह अमरीका में सोशल सिक्यूरिटी नंबर होता है। यहां से 19 युवतियों से 78 आरोपियों को पकड़ा गया।
कॉल सेंटर का मुख्य संचालक 8वीं पास युवक है, उसने साथियों के साथ मिलकर दो कॉल सेंटर खोले और अमरीकियों को झांसा देकर हर महीने करीब एक करोड़ रुपए कमा रहा था। अमरीका से ठगी की राशि हवाला के जरिए यहां पहुंचने की बात भी सामने आई है। साइबर सेल की टीम को कॉल सेंटर के जरिए अमरीका के लोगों को झूठे आरोप में फंसाकर उनका सोशल सिक्यूरिटी नंबर ब्लॉक करने का झांसा देकर ठगी करने के संबंध में मुखबिर से सूचना मिली थी। स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा के मुताबिक, एसपी जितेंद्रसिंह की टीम ने छानबीन की तो पता चला कि बीआरटीएस पर स्कीम न. 54 की दो बिल्डिंग में कॉल सेंटर गोपनीय ढंग से चल रहे है। दोनों कॉल सेंटर पर किसी तरह का बोर्ड नहीं है, शटर भी अधिकांश समय बंद रहता है और अंदर अंधेरा नजर आता है। सूचना पुख्ता होने के बाद सोमवार रात साइबर सेल के एक टीआई, पांच एसआई के नेतृत्व में करीब 15 पुलिसकर्मियों की टीम ने कॉल सेंटर पर छापा मारा। यहां 19 युवतियों सहित 80 लोग मिले। एसपी जितेंद्रसिंह के मुताबिक, जांच करने पर पता चला कि दो युवक सिक्यूरिटी गार्ड है जो बाहर तैनात रहते थे। दोनों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया।
8वीं पास आरोपी है फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड,एसपी जितेंद्रसिंह के मुताबिक, धोखाधड़ी व आइटी एक्ट की धाराओं में 78 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कॉल सेंटर का संचालन करने में मुख्य भूमिका निभाने वाले
जावेद (28) पिता रफीख मेनन निवासी हिल पार्क रेसीडेंसी अहमदाबाद, भाविल प्रजापति (29) पिता अमृत भाई निवासी माउंट आबू राजस्थान व शाहरुख पिता जिक्करभाई मेनन (25) निवाली अहमदाबाद को रिमांड पर लिया है। जावेद का मुख्य साथी राहिल व सन्नी चौहान निवासी अहमदाबाद फरार है। सन्नी के बारे में पता चला कि वह यहां से अहमदाबाद और फिर अमरीका जा चुका है। आरोपी जावद के संबंध में पता चला कि वह आठवीं पास है और मास्टर माइंड है। वह पहले मुंबई आदि स्थानों पर इस तरह के कॉल सेंटर पर काम कर चुका है।
सायबर सेल को मुखबीर से सूचना मिली थी कि महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली से कुछ लोग इंदौर आकर अवैध कॉल सेंटर चला रहे है। इस कॉल सेंटर के माध्यम से अमेरिका के नागरिकों को काॅल कर उनसे उनके सोशल सिक्यूरिटी नंबर का उपयोग अवैध गतिविधियों जैसे मनीलाड्रिंग व ड्रग ट्रेफिकिंग में शामिल होने का बताया जाता था। इसके बाद अमेरिकी नागरिकों को डराकर उनसे 50 डॉलर से लेकर 5000 डॉलर तक की राशि विभिन्न माध्यमों से वसूली जा रही थी।
आरोपियों द्वारा इंदौर में दो स्थानों पर उक्त अवैध कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। अत: पुलिस की दो टीमों ने एक साथ दोनों स्थानों पर सोमवार देर रात दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कॉल सेंटर का संचालन करने वाले आरोपी जावेद, साहिल अब्बासी, केवल संधू को धर दबोचा वहीं दो अन्य संचालक सन्नी चौहान और शाहरुख अहमदाबाद में होने से पुलिस की पकड़ में नहीं आए।
पुलिस की टीम ने कॉल सेंटर पर काम करने वाले 61 लड़कों और 19 लड़कियों काे भी गिरफ्तार किया है। कॉल सेंटर पर 10लाख से अधिक अमेरिकी नागरिकों का डेटा भी पाया गया जिसे पुलिस ने जब्त किया है। इसके अलावा 60 कंप्यूटर, 70 मोबाइल फोन, सर्वर, मैजिकर्जेक जैसे गैजेट्स भी कब्जे में लिए गए है।
काम करने वाले नागालैंड व पंजाब के
ठगी के कॉल सेंटर में काम करने वाले युवक-युवतियां में से अधिकांश नागालैंड, मेघालय, मुंबई, अहमदाबाद और पंजाब के रहने वाले है। उक्त युवक-युवतियों के माध्यम से प्रतिदिन 3000 से 5000 डॉलर की ठगी की जा रही थी। हवाला के माध्यम से ठगों को ठगी गई राशि का 40 फीसदी हिस्सा काटकर शेष 60 फिसदी हिस्सा मिलता था। आरोपियों द्वारा पिछले एक साल से इंदौर में कॉल सेंटर चलाया जा रहा था।
पकड़ाए गए सभी लड़के-लड़कियों को भेजा जेल
कॉल सेंटर में पकड़े गए संचालक सहित 80 युवक-युवतियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने कॉल सेंटर के संचालक शाहरुख खान, भाविन और जावेद को 14 जून तक पुलिस रिमांड पर दिया है। वहीं सभी युवक-युवतियों को 24 जून तक जेल भेजने के आदेश दिए।