शराब का नही ,मौत का जाम था,89 जिंदा हुए लाश में तब्दील

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नकली शराब बन कर आई मौत का पैगाम,89 मर चुके,100 से ज्यादा गम्भीर हैं।सहारनपुर और उससे सटे रुड़की के लिए शुक्रवार का दिन बेहद मनहूस साबित हुआ। दोनों जगह 89 लोगों पर जहरीली शराब मौत बनकर टूटी, तो 120 लोगों की हालत अस्पताल में गंभीर बनी है। सहारनपुर जिले के नागल, गागलहेड़ी और देवबंद थाना क्षेत्र के कई गांवों में जहां देर रात तक 44 लोगों की मौत हो चुकी थी, यह आंकड़ा शनिवार को और बढ़कर 62 तक पहुंच गया। करीब चार दर्जन से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं कई लोगों की हालत मेडिकल अस्पताल मेरठ में नाजुक बनी हुई है। इस बड़ी लापरवाही पर नागल थाना प्रभारी सहित दस पुलिसकर्मी और आबकारी विभाग के तीन इंस्पेक्टर व दो कांस्टेबल सस्पेंड कर दिए गए। वहीं, रुड़की के झबरेड़ा और भगवानपुर थाना क्षेत्रों के गांवों में भी जहरीली शराब ने 27 लोगों की जान ले ली।

यहां करीब 68 लोग अस्पताल में उपचार करा रहे थे। छह लोगों की हालत नाजुक बनी है। इस बड़ी लापरवाही पर सहारनपुर के नागल थाना प्रभारी सहित दस पुलिसकर्मी और आबकारी विभाग के तीन इंस्पेक्टर व दो कांस्टेबल सस्पेंड कर दिए गए। उधर, उत्तराखंड शासन ने रुड़की के आबकारी निरीक्षक समेत 13 अधिकारियों को सस्पेंड करते हुए घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। एसएसपी हरिद्वार ने भी झबरेड़ा थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी और हलका कांस्टेबल को सस्पेंड किया है।

सहारनपुर में मौत का सिलसिला शुक्रवार सुबह से शुरू हुआ। नागल थाना क्षेत्र के ग्राम उमाही, सलेमपुर और गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के गांव शरबतपुर और माली गांव में जहरीली शराब के सेवन के बाद लोगों की हालत बिगड़नी शुरू हो गई। शुरुआत में 10 लोगों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां दो लोगों की मौत के बाद यह आंकड़ा बढ़ता गया।

पुलिस प्रशासनिक अधिकारी जिला अस्पताल के बाद गांव उमाही पहुंचे। वहां पांच लोगों की मौत होना बताई गई। सलेमपुर गांव के चार, शरबतपुर में तीन, कोलकी कलां में एक, गांव माली में दो, सलेमपुर में तीन, मायाहेडी में एक और देवबंद क्षेत्र के गांव शिवपुर में एक युवक की मौत हो गई। छह लोगों की हालत मेरठ मेडिकल में नाजुक बनी थी। शुक्रवार देर रात तक मौत का यह आंकड़ा 44 तक पहुंच चुका था। शनिवार को आंकड़ा और बढ़ गया। जो 62 पहुंच गया।

कुशीनगर में जहरीली शराब के सेवन से चार और मौतें, अब तक 10 ने तोड़ा दम

घटना की गंभीरता के चलते ही सहारनपुर कमिश्नर सीपी त्रिपाठी, आईजी शरद सचान, डीएम आलोक कुमार पांडेय, एसएसपी दिनेश कुमार आदि अधिकारियों ने राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल पहुंचकर भर्ती लोगों से हाल जाना। शुक्रवार दोपहर एक बजे डीएम और एसएसपी ने प्रेसवार्ता कर 27 लोगों की मौत की पुष्टि कर दी थी। डीएम ने बताया कि उक्त लोग हरिद्वार (उत्तराखंड) जिले के गांव बालुपुर में ज्ञान सिंह के यहां तेरहवीं में गए थे और वहां से शराब पीकर आने के बाद तबीयत बिगड़ी।

मौसम खराब होने की वजह से बृहस्पतिवार को गांव से बाहर नहीं जा सके, जिस कारण उनकी मौत हो गई। एसएसपी ने बताया कि नागल थाना प्रभारी हरीश राजपूत, एसआई अश्वनी कुमार, अय्यूब अली और प्रमोद नैन के अलावा कांस्टेबल बाबूराम, मोनू राठी, विजय तोमर, संजय त्यागी, नवीन और सौरव को सस्पेंड कर दिया गया है। आबकारी के सिपाही अरविंद और नीरज भी निलंबित किए गए हैं।

उधर, रुड़की में देर रात तक 20 लोगों की मौत हो चुकी थी। आधा दर्जन से अधिक लोगों की हालत नाजुक बनी थी। मरने वालों में सर्वाधिक लोग झबरेड़ा थाना क्षेत्र के हैं। भगवानपुर तहसील के अलग-अलग गांवों में जहरीली शराब पीने से शुरुआत में 14 लोगों की मौत हुई, जबकि पांच दर्जन से अधिक लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

रात तक मृतकों की संख्या 16 तो आधी रात को 20 पहुंच चुकी थी, शनिवार की सुबह यह आंकड़ा 27 पहुंच गया। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में बनाई जाने वाली कच्ची शराब पीने से यह घटना घटी है। सूचना मिलते ही आईजी गढ़वाल अजय रौतेला, डीएम दीपक रावत, एसएसपी जेएम खंडूड़ी ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली।