केजरीवाल की खुशी 24 घण्टे न टिकी ट्रांसफर की बाढ़ लाने के मूड में था

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1. सर्विसेज विभाग ने स्पष्ट कहा कि 2016 के नोटिफिकेशन को खारिज नही किया सुप्रीम कोर्ट ने,कल सुप्रीम कोर्ट के आदेश की मनमानी व्याख्या और पेड न्यूज चैनलों में वाहवाही के बाद धड़ाधड़ ट्रांसफर उद्योग सी स्थिति बन गयी थी।

2.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी दिल्ली का झगड़ा सुलझा नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के कल अधिकारों के विवाद में फैसला आते ही केजरीवाल सरकार ने ट्रांसफर और पोस्टिंग का अधिकार मंत्रियों को दिया था. सूत्रों के मुताबिक दिल्ली के सर्विसेज विभाग ने केजरीवाल सरकार के आदेश को मानने से इनकार कर दिया है. दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कल ही ट्रांसफर को लेकर आदेश दिए थे.

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रद्द नहीं किया गया अगस्त 2016 का नोटिफिकेशन- सर्विसेज विभाग

4. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सर्विसेज विभाग का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहीं भी अगस्त 2016 के उस नोटिफिकेशन को रद्द नहीं किया गया है, जिसमें ट्रांसफर पोस्टिंग का अधिकार उपराज्यपाल, मुख्य सचिव या सचिवों को दिया था. कल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अधिकारियों के ट्रांसफर अब मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री की इजाजत से होंगे.

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ट्रांसफर पोस्टिंग अब हम करेंगे
– सिसोदिया

6. सिसोदिया ने कल सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद कहा था, ”हाईकोर्ट का आदेश आया था दो साल पहले उसके बाद एक आदेश जारी हुआ था और दिल्ल सरकार चुनी हुई सरकार से ट्रांसफर पोस्टिंग की पॉवर छीनकर एलजी साहब ने अपने पास रख ली थीं. एलजी साहब ने जो व्यवस्था की उसके हिसाब से आईएएस अधिकारी, दानिक्स अधिकारी, ऑल इंडिया सर्विसेज के बाकी आधिकारी और उनके समकक्ष के अधिकारी उनको एलजी साहब की परमीशन से ट्रांसफर पोस्टिंग होनी थी. इसके अलावा अन्य अधिकारियों के चीफ सेक्रेटरी को अधिकार दिया गया था. सर्विस मिनिस्टर होने के नाते मैंने आदेश दिया है कि ये व्यवस्था बदलकर के सभी अधिकारियों के ट्रांसफर मुख्यमंत्री के आदेश से होंगे. इसके अलावा बाकी अधिकारियों के ट्रांसफर डिप्टी सीएम और सर्विस मिनिस्टर के आदेश से होंगे.”