Monday, December 6, 2021
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मंत्री का घिनौना बयान,इसको सुअर कहना सुअर की बेइज्जती

पाकिस्‍तान के रक्षामंत्री परवेज खटक ने देश के सियालकोट में श्रीलंकाई नागरिक प्रियंता कुमारा दियावदना को ईशनिंदा के नाम पर जिंदा जलाकर मारने की घटना पर शर्मनाक बयान दिया है। खटक ने हत्‍यारों का बचाव करते हुए कहा कि बच्‍चे हैं, बड़े होते हैं, इस्‍लामिक दीन है, जोश में आ जाते हैं, जज्‍बे में आकर काम कर देते हैं। उन्‍होंने कहा कि इस्‍लाम का नारा लगाया गया, ये युवा जोश में आ गए। इसका मतलब यह नहीं है कि पाकिस्‍तान तबाही की ओर जा रहा है।

खटक ने कहा कि इसका अर्थ यह नहीं है कि यह किया तो यह हो गया। सबकी अपनी सोच है। जज्‍बे में आ गए, काम हो गया। मीडिया से बातचीत में खटक ने कहा कि प्रियंता कुमारा दियावदना की मॉब लीचिंग और क्रूरतापूर्वक हत्‍या एक बहुत ही सामान्‍य चीज है। वह भी तब ज‍ब वे युवा, भावुक और एक मुस्लिम हैं। पाकिस्‍तानी रक्षा मंत्री एक तरफ जहां हत्‍यारों का बचाव कर रहे हैं, वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने उस व्यक्ति को वीरता पदक देने का रविवार को ऐलान किया जिसने सियालकोट में अपनी जान खतरे में डालकर उग्र भीड़ से कारखाना प्रबंधक एवं श्रीलंकाई नागरिक को बचाने की कोशिश की थी।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कट्टरपंथियों की हैवानियत का खुलासा
इससे पहले सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया था कि उत्पादन प्रबंधक मलिक अदनान नाम का एक शख्स गुस्साए लोगों के एक समूह का सामना कर रहा है। साथ ही सियालकोट के एक कारखाने में भीड़ से श्रीलंकाई नागरिक प्रियंता कुमारा दियावदना को बचाने की कोशिश कर रहा है। बाद में भीड़ ने अदनान को काबू में कर लिया और श्रीलंकाई नागरिक को घसीटकर सड़क पर ले गयी और पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद भीड़ ने ईशनिंदा के आरोपों को लेकर शव को आग लगा दी।

इमरान खान ने ट्वीट किया, ‘आवाम की ओर से मैं मलिक अदनान के नैतिक साहस और बहादुरी को सलाम करना चाहता हूं जिन्होंने सियालकोट में उग्र भीड़ से अपनी जान खतरे में डालकर प्रियंता दियावदना को बचाने का भरसक प्रयास किया। हम उन्हें तमगा-ए-शुजात से नवाजेंगे।’ इस बीच श्रीलंकाई नागरिक प्रियंता कुमारा दियावदना के साथ कट्टरपंथियों की हैवानियत का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि दियावदना के शरीर की लगभग सभी हड्डियां टूट गई थीं और शव 99 फीसदी जल गया था। कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के समर्थकों ने शुक्रवार को एक कपड़ा कारखाने पर हमला किया था और इसके महाप्रबंधक दियावदना (40) को ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला था। भीड़ ने इसके बाद उनके शव को आग लगा दी थी।

खोपड़ी और जबड़ा टूटने से हुई मौत
जियो न्यूज की खबर के मुताबिक दियावदना की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खोपड़ी और जबड़े की हड्डी टूटना मौत का कारण बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक उनके महत्वपूर्ण अंग, यकृत, पेट तथा एक किडनी पर असर पड़ा, वहीं प्रताड़ना के निशान पूरे शरीर पर थे। रीढ़ की हड्डी तीन जगह से टूट चुकी थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि दियावदना का 99 फीसदी शरीर जल चुका था और पैर के एक पंजे की हड्डी को छोड़कर पूरे शरीर की हड्डियां टूट गई थीं।

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