नपुन्सक हो गया मध्यप्रदेश चुनाव आयोग नही दिख रहा सरेआम छीना जा रहा वोट का अधिकार

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ज्यादा पुरानी बात नही कुछ ही दिन हुए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह जो 10 साल के मुख्यमंत्री भी थे प्रदेश को गड्ढे में डाल कर और स्वयं mr बंटाढार का नाम साथ लेकर विदा हुए थे ने पाकिस्तान मेट्रो में आई दरार का फोटो डाला था भोपाल की नरेला विधानसभा के सुभाष नगर ब्रिज के नाम से,आखिरकार बेहद शर्मिंदगी के साथ माफी मांगते हुए उसको वापस लिया था।
लेकिन दिल मे लगी फांस शायद पूरी कांग्रेस को अंदर तक गढ़ गयी है,जिसका परिणाम क्षेत्रीय जनता भुगत रही है,उक्त विधानसभा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक समूह तैयार किया गया है जो मतदाताओ की झूठी शिकायत कर के उनके नाम मतदाता सूची से कटवा रहा है ,सिंधिया ने भी इसी विधानसभा को निशाना बना कर फर्जी मतदाताओं की बात की थी और जांच में जब कुछ न निकला तो मुंह की खाई थी,
शर्मनाक पहलू यह है कि कुछ दिव्यांग मतदाताओं से भी अधिकार छीन लिया गया है और इसपर चुनाव आयोग की खामोशी उसकी नपुंसकता बताती है।
आज उक्त सभी विलोपित मतदाताओं ने एक रैली निकाली की क्या हमें मतदान का अधिकार भी है या नही,
उनके अनुसार-
कांगे्रस नेता बेबुनियाद और झूठी शिकायतें कर निर्वाचन आयोग, प्रशासन पर दबाव बनाकर मतदाताओं के निर्वाचन सूची से नाम कटवाकर मतदान के अधिकार से वंचित करने का घृणित षडयंत्र कर रहे है।
कांगे्रस की झूठी शिकायतों और बनाए गए दबाव से प्रभावित होकर बूथ लेबल आफिसर (बीएलओ) द्वारा वास्तविक मतदाताओं के नाम भी काटे जा रहे हंै और उन्हें मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। यह घृणित षडयंत्र है। ज्ञापन के साथ नरेला विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने ऐसे मतदाता जिनके झूठी शिकायतो पर मतदाता सूची से नाम विलोपित किए गए है उनके मतदाता होने के दस्तावेज भी के प्रमाण के पोस्टर हाथों में ले रखे थे।
मतदाताओं द्वारा झूठी शिकायतों के आधार पर प्रशासन के अधिकारियों को बार-बार सीधे-साधे भोले-भाले मतदाताओं के घर जांच के लिए जाने से परेशानी हो रही है। उनसे अधिकारियों द्वारा बार-बार उनके होने के संबंध में और उनसे जुड़ी अन्य जानकारीयों पर अनेक सवाल किए जाते है। इससे परेशान होकर मतदाताओं का निर्वाचन प्रक्रिया से विश्वास उठ रहा है और बहुत से मतदाता अपना नाम स्वयं विलोपित कराना चाहते है ताकि उन्हें झूठी शिकायतांे की बार-बार होने वाली जांच से मुक्ती मिल सकें।
कांगे्रस के नेताओं द्वारा नरेला विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं के संबंध में की जाने वाली शिकायतों पर निर्वाचन आयोग द्वारा जांच करने पर इसका ध्यान रखा जाए और बेहतर होगा कि झूठी शिकायतों पर संज्ञान ही न लिया जाए। रैली जांच दल शिकायतकर्ता को भी जांच के दौरान साथ रखें जिससे की मतदाता यह जान सकें कि उनके संबंध में झूठी शिकायत कौन करता है। रैली में लोग इसकी मांग कर रहे थी।
मतदाताआंे का कहना है कि लोकतंत्र में मताधिकार सबसे बड़ा अधिकार है। इससे वंचित करना घृणित कृत्य है और इस कृत्य में, इस षडयंत्र में शामिल व्यक्तियों पर भी कार्यवाही होना चाहिए। रेली में शामिल मतदाताओं ने कहा जब तक झूठी शिकायत बंद नहीं होगी विरोध जारी रहेगा और आंदोलन को तीव्र किया जायेगा।