हनी ट्रेप कांड पर फिर उबला मध्यप्रदेश : 15 घण्टे की आडियो वीडियो रिकार्डिंग हाईकोर्ट पहुंची,आडियो वीडियो प्रकाशन पर लगा IT एक्ट

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इंदौर। मध्यप्रदेश के कुख्यात हनी ट्रैप गिरोह के जाल में फंसे कुछ प्रभावशाली लोगों से कथित रूप से जुड़े ऑडियो-वीडियो पर आधारित खबरों को लेकर मचे हड़कंप के बाद यहां एक कारोबारी के मीडिया संस्थान और उसके अन्य ठिकानों पर पुलिस और प्रशासन ने शनिवार देर रात छापे मारे।
इसके साथ ही, महिलाओं की मानव तस्करी और अश्लील सामग्री के आपत्तिजनक प्रकाशन-प्रसारण समेत अलग-अलग आरोपों में 4 प्राथमिकी दर्ज कर कारोबारी के बेटे को गिरफ्तार किया गया है।
हनीट्रैप मामला: ऑडियो और वीडियो जारी करने वाले मीडिया संस्थान के मालिक पर केसहनीट्रैप मामले (Honeytrap case) में नए खुलासे करने वाले मीडिया संस्थान के मालिक के ठिकानों पर पुलिस और प्रशासन की टीम ने छापेमार कार्रवाई की है. संस्थान के मालिक जीतू सोनी (Jeetu Soni) उनके बेटे अमित सोनी पर आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है.
मीडिया संस्थान के मालिक के ठिकानों पर पुलिस और प्रशासन की टीम ने छापेमार कार्रवाई की है. संस्थान के मालिक जीतू सोनी उनके बेटे अमित सोनी पर आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. शनिवार देर रात छह विभागों ने संयुक्त कार्रवाई कर कारोबारी और मीडिया संस्थान के मालिक जीतू सोनी के घर और प्रतिष्ठानों पर दबिश दी. जीतू सोनी के आलोक नगर स्थित घर, माय होम, बेस्ट वेस्टर्न होटल और लोकस्वामी अखबार के प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा गया.
हनीट्रैप से जुड़े ऑडियो वीडियो प्रकाशन पर कार्रवाई
जीतू सोनी अपने अखबार लोकस्वामी और चैनल पर पिछले कुछ दिनों से हनीट्रैप से जुड़े ऑडियो और वीडियो प्रकाशित और प्रसारित कर रहे थे. एसडीएम राकेश शर्मा, सीएसपी ज्योति उमठ के साथ प्रशासन, पुलिस, आबकारी, नगर निगम, फूड और बिजली कंपनी के अफसर पूरी रात तक जांच करते रहे, जिसमें कई दस्तावेजों के अलावा 67 लड़कियां भी पकड़ी गईं.
जीतू सोनी अपने अखबार लोकस्वामी और चैनल पर पिछले कुछ दिनों से हनीट्रैप से जुड़े ऑडियो और वीडियो प्रकाशित और प्रसारित कर रहे थे. एसडीएम राकेश शर्मा, सीएसपी ज्योति उमठ के साथ प्रशासन, पुलिस, आबकारी, नगर निगम, फूड और बिजली कंपनी के अफसर पूरी रात तक जांच करते रहे, जिसमें कई दस्तावेजों के अलावा 67 लड़कियां भी पकड़ी गईं.
इन लोगों पर आईटी एक्ट के तहत दर्ज की गई है एफआईआर
बताया जा रहा है कि होटल में देर रात तक शराब परोसे जाने, लड़कियों के अश्लील नृत्य और कई अनैतिक गतिविधियों की शिकायत पुलिस को मिली थी, जिस पर पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने इस छापे की कार्रवाई को अंजाम दिया. रविवार सुबह कारोबारी के समाचार पत्र के कार्यालय को भी सील कर दिया गया. पुलिस ने हनीट्रैप मामले के फरियादी इंदौर नगर निगम के अधिकारी हरभजन सिंह की शिकायत पर जीतू सोनी, उनके बेटे अमित सोनी और अन्य के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. साथ ही आर्म्स एक्ट और ह्यूमन ट्रैफिकिंग का मामला भी दर्ज किया गया है.
कैलाश विजयवर्गीय ने किया छापेमारी का विरोध
इस छापामार कार्रवाई को बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया है.
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “हनीट्रैप मामले को सरकार दबा रही है क्योंकि इसमें मंत्री से लेकर अधिकारी तक संलिप्त हैं. यदि कोई मीडिया समूह इसे उजागर कर रहा है तो उस पर बदले की भावना से कार्रवाई करना गलत है. कहीं गलत काम हो रहा है और सरकार छापा मारे, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं हैं. लेकिन सिर्फ इस कारण से छापा मारा जाए कि वो अखबार का मालिक है और अपने अखबार के माध्यम से सरकार से जुड़े हुए लोगों के चेहरे उजागर कर रहा है तो छापा मारकर उसे प्रताड़ित करने की कोशिश करना ठीक नहीं है.”
हाईकोर्ट में पेश हुई 15 घंटे की वीडियो सीडी
इस मामले में हाईकोर्ट में 15 घंटे की वीडियो सीडी सौंपी गई है. सीडी में हनीट्रैप की आरोपियों के साथ प्रदेश के नेताओं और अफसरों से जुड़ी वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग है. याचिकाकर्ता के वकील मनोहर दलाल ने बताया कि इस सबूत का दुरुपयोग न हो, इसलिए यह कोर्ट को सौंपी गई है. साथ ही स्पष्ट किया गया है कि याचिकाकर्ता को ये सीडी इंदौर के एक समाचार पत्र से मिली है.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रुचिवर्धन मिश्र ने रविवार देर शाम संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इन मामलों के आरोपियों में स्थानीय कारोबारी जीतेन्द्र सोनी, उनके बेटे अमित सोनी और उनसे जुड़े अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। मामलों की जांच के संबंध में सोनी के घर, होटल, रेस्तरां, नाइट क्लब और शराब बार पर छापे मारे गये।
सोनी, एक सांध्य दैनिक के मालिक और प्रधान संपादक भी हैं। पुलिस ने इस मीडिया संस्थान के परिसर की भी जांच की। एसएसपी ने बताया कि सोनी की तलाश जारी है, जबकि उनके बेटे अमित को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गौरतलब है कि सोनी का सांध्य दैनिक हनी ट्रैप मामले में फंसे राजनेताओं और नौकरशाही से जुड़े रसूखदार लोगों से कथित रूप से संबंधित ऑडियो-वीडियो पर आधारित खबरें पिछले कई दिनों से प्रकाशित और प्रसारित कर रहा था।
इस बीच, इंदौर प्रेस क्लब और प्रदेश के अन्य पत्रकार संगठनों ने सोनी के मीडिया संस्थान और उनके कारोबारी ठिकानों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को डराने का सरकारी प्रयास करार देते हुए इसकी तीखी निंदा की है। सोशल मीडिया पर भी पत्रकार इस कार्रवाई को लेकर विरोध जता रहे हैं।
एसएसपी ने बताया कि सोनी के कार्यालय से कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किये गये हैं। इस कार्यालय में तीन संदिग्ध तिजोरियों को सील कर दिया है। उन्होंने इन खबरों को खारिज किया कि सोनी के सांध्य दैनिक की प्रिंटिंग प्रेस को सील किया गया है।
एसएसपी ने बताया कि हनी ट्रैप मामले के शिकायतकर्ता और इंदौर नगर निगम के निलंबित अधीक्षण इंजीनियर हरभजन सिंह ने सांध्य दैनिक में छपी खबर को लेकर आईटी एक्ट के संबद्ध प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है।
उन्होंने कहा कि सिंह का आरोप है कि सांध्य दैनिक के मालिक ने उनकी निजता का हनन करते हुए उनके खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित की और इसके ऑडियो-विजुअल अंशों को अलग-अलग माध्यमों पर प्रसारित भी किया।
मिश्र ने बताया कि गीता भवन चौराहे पर सोनी परिवार द्वारा चलाये जा रहे एक नाइट क्लब से 67 युवतियों और महिलाओं को ‘बचाया गया’ है। इनके साथ सात बच्चे भी थे। इनमें पश्चिम बंगाल और असम की महिलाएं शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर ‘दयनीय स्थिति’ में रखकर उनसे डांस बार में काम लिया जा रहा था।
उन्होंने बताया कि नाइट क्लब से जुड़े मामले में भारतीय दंड विधान की धारा 370 (मानव तस्करी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस क्लब से ‘बचाई गई’ महिलाओं को एक आश्रय स्थल में रखा गया है।
मिश्र ने बताया कि सोनी के एक शराब बार के कर्मचारियों के बारे में क्षेत्रीय पुलिस थाने में विधिवत सूचना नहीं दिए जाने पर भारतीय दंड विधान की धारा 188 (किसी सरकारी अधिकारी के आदेश की अवज्ञा) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसएसपी ने यह भी बताया कि सोनी के घर पर मारे गए छापे में 36 जिंदा कारतूस और 6 चले कारतूस बरामद होने के बाद आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।