(LIVE VIDEO) सनसनीखेज खुलासा: प्रियंका के मुंह मे जबरदस्ती शराब डाली गई थी,मरने के बाद भी बलात्कार करता रहा,मोहम्मद आरिफ उर्फ मोहम्मद पाशा गैंग

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हैदराबाद (Hyderabad) के सरकारी अस्‍पताल में वेटनरी महिला डॉक्‍टर के गैंगरेप और मर्डर केस (Hyderabad Gangrape And Murder) में कुछ चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.  हाथ लगी पुलिस रिपोर्ट की कॉपी में कहा गया है कि गैंगरेप और मर्डर से पहले महिला डॉक्‍टर को आरोपियों ने जबरन शराब पिलाई थी. इसके बाद पीड़िता को पेट्रोल और डीजल, दोनों की मदद से जला दिया था.
पुलिस की रिमांड रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रक चालक और क्‍लीनर का काम करने वाले चारों आरोपियों मोहम्मद आरिफ, नवीन, चिंताकुंता केशावुलु और शिवा ने ही महिला डॉक्‍टर के दोपहिया वाहन का एक टायर जानबूझकर पंचर किया था. जिसे डॉक्‍टर ने टोल प्‍लाजा पर खड़ा किया था. इसके बाद वह टैक्‍सी से गई थीं.
रिपोर्ट के मुताबिक जब तीन घंटे बाद वह वापस लौटीं तो उन्‍होंने देखा था कि उनकी स्‍कूटी पंचर है. इस दौरान चारों आरोपियों ने उनसे मदद करने की बात कही थी. चार में से तीन आरोपियों ने उन्‍हें झाड़ियों में धकेल दिया था और उनका मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया था.
चारों आरोपियों के बयान के आधार पर तैयार हुई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि महिला डॉक्‍टर से रेप के पहले आरोपियों ने उन्‍हें जबरन शराब पिलाई थी. इस दौरान पीड़िता बेसुध हो गई थी और उसके ब्‍लीडिंग होने लगी थी. रेप के बाद आरोपियों ने उसकी हत्‍या की. उसके शव को एक कंबल में लपेटा और ट्रक पर रख दिया.
चारों आरोपी महिला डॉक्‍टर के शव को ट्रक से लेकर चटनपल्‍ली तक गए. इसके बाद वहां एक ब्रिज के नीचे पीड़िता के शव को पेट्रोल छिड़क कर आग के हवाले कर दिया. रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा है कि आरोपियों ने शव को पेट्रोल और डीजल डालकर आग लगाई थी.
रिपोर्ट में कहा गया है कि एक व्‍यक्ति ने पुलिस से इस बाबत संपर्क करके बताया था कि घटना के एक दिन पहले दो व्‍यक्ति उसके पास पेट्रोल खरीदने आए थे. लेकिन दोनों संदिग्‍ध लग रहे थे तो उसने पेट्रोल देने से मना कर दिया था. इसके बाद उन्‍होंने दूसरी जगह से पेट्रोल खरीदा था. चार में से एक आरोपी ने शव पर पेट्रोल छिड़का था, वहीं दूसरे आरोपी ने शव पर डीजल छिड़का था. उन्‍होंने डॉक्‍टर का सिम कार्ड भी जला दिया था.
फ्यूल स्टेशन समेत अलग-अलग जगहों पर लगे सीसीटीवी में रेकॉर्ड फुटेज और तकनीकी सबूतों ने आरोपी की पहचान करवा दी। यही वजह है कि पुलिस को महज 48 घंटों के अंदर चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हाथ लगी।
ऐसे मिला पहला सुराग
चारों आरोपियों- मोहम्मद आरिफ, शिवा, नवीन और सी चेन्नकेशवुलु ने वारदात को अंजाम देने से पहले टोंडूपल्ली टोल प्लाजा पर शराब पी थी। दिलचस्प बात यह है कि पीड़िता को फंसाने के लिए जो जाल चारों ने बिछाया था, उसी की वजह से उनका पर्दाफाश भी हो गया। साइबरबाद पुलिस ने शादनगर अंडरपास के नीचे पीड़िता का जला हुआ शव मिलने के बाद पुलिस को सबसे पहला सुराग एक टायर मकैनिक से मिला।
दरअसल, पीड़िता की बहन ने पुलिस को बताया था कि उनकी गाड़ी खराब हो गई थी और तब मदद करने के लिए कुछ अनजान लोग आए थे। इस पर पुलिस ने आसपास के टायर मकैनिकों को खोजना शुरू किया। मकैनिक ने बताया कि कोई पंक्चर टायर में हवा भरवाने के लिए लाल रंग की बाइक लाया था।