Thursday, November 5, 2020
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सनसनीखेज खुलासा: लूट की छूट ,आपकी सोच से परे अरबो रूपये का खेल

कोविड 19 या करोना वायरस पूरी दुनिया के लिए महामारी बन कर आया लाकडाउन से लेकर मास्क और सोशल डिस्टेंस सब लोगो ने देखा,देख रहे हैं गले लगने की परम्परा अब खत्म सी हो चली है साथ ही व्यक्ति इतना ज्यादा भयातुर है कि दिन भर में 20 से 25 बार हाथ धोने में लगा है जो आवश्यक भी है।
यही करोना वायरस कई लोगो के लिए सोने की खान बन गया है,राजनेताओं के विशेष सहयोगियों ने इससे अनाप शनाप पैसा पीटना शुरू कर दिया है।भोपाल के एक अस्पताल के बारे में चर्चा आम है कि उसको लगभग 110 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में करोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने  शुरुआत में एक विशेष अस्पताल से अनुबंध किया कि सारे मरीज यहीं जाएंगे,जब संख्या बढ़ी तो शहर के अन्य अस्पतालों को भी अनुबंधित किया गया।
इससे पहले आइए कोविड टेस्टिंग का घालमेल जाने ,ICMR ने भोपाल शहर में कई संस्थाओं को जो योग्य थी अनुमति दी टेस्टिंग की लेकिन स्वास्थ्य विभाग के भक्षको ने काफी दिनों तक दो सरकारी और एक विशेष अस्पताल तक ही सेम्पल व्यवस्था रखी,जब पोल खुली तब सबको बांटने का सिलसिला शुरू किया गया।
अब आइए करोना मरीजो पर और विशेष अस्पताल पर ,उक्त अस्पताल में ऐसा दिखाया गया कि यःहाँ मरीज सिर्फ ठीक ही होता है जबकि सत्यता यह थी कि गम्भीर मरीज सरकारी अस्पतालों में भेजे जा रहे थे और यःहाँ कम संक्रमित,चर्चा ए आम ये तक थी कि मरीजो को बुलाने या आर्टिफिशियल मरीज तैयार करने पैसे तक दिए गए कि आइए 15 दिन रुकिए,खाना पीना उठना बैठना सब फ्री जाते समय 11 हज़ार रुपये और ले जाइए।
जैसे करोना मरीजो की संख्या में गिरावट आई उक्त अस्पताल के राजनैतिक आकाओं ने नई व्यवस्था जमा ली है अब शहर के बाकी अस्पतालों से जो भिन्न भिन्न क्षेत्रो में थे और आमजन के करीब थे उनको आगे से सरकारी अनुमति देने से इनकार कर दिया है,साथ ही 25 से 30 किलोमीटर दूर उस विशेष अस्पताल को सिर्फ अनुबंधित किया है,मतलब मरीज को यदि भर्ती होने है तो भले 30 किलोमीटर दूर हो मर रहा हो जाना वहीं पड़ेगा।
जानकारी यह भी है कि अनुबंध 800 से 1000 मरीजो का प्रति माह के हिसाब से किया गया है कि मरीज मिले न मिले इतने की पेमेंट तो उक्त अस्पताल को होगी ही।
आइए अब दूसरे पहलू पर
अब चूंकि मरीज का दूर से मरनासन्न स्थिति में पहुंचना मुश्किल होगा  इसलिए यदि किसी अन्य प्राइवेट अस्पताल में जाता है तो उसके कोई रेट फिक्स नही हैं यानी कि मनमानी चलेगी,
न टेस्टिंग
न इलाज का
न कमरे का
न दवाई का
जो मर्ज़ी चाहे लो।
उदाहरण देखिए भोपाल का कोलार क्षेत्र जहां मरीजो की संख्या सबसे ज्यादा है वहां कोई अस्पताल अनुबंधित नही किया गया 31 अक्टूबर के बाद के लिए,जिस अस्पताल को किया गया था वहां के गम्भीर मरीज भी अब विशेष अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश जारी कर दिया गया है।

अब आइए आयुष्मान कार्ड पर,जैसे ही कोविड पेशेंट घोषित होते हैं फिर आप इसके अंतर्गत आ जाते हैं भले आप गरीबी रेखा के ऊपर हों या नीचे उक्त विशेष अस्पताल ने इसकी आड़ में बाकी बीमारियों के भी खूब बिल बनाये हैं।लेकिन कोई जांच नही।
होना यह चाहिए था
अकेले अस्पताल को अनुबंधित किया हज़ार बेड के लिए जबकि शहर के 4 कोनो में 250 बेड अनुबंधित किये जा सकते थे,
टेस्टिंग का रेट तो फिक्स है
बाकी सबके रेट भी फिक्स किये जा सकते थे,
जैसा अन्य राज्यों ने किया है।
अब हाल ये है कि
या तो इलाज फ्री जिसमे विशेस अस्पताल लूटेगा,
या
प्राइवेट अस्पताल मरीज को नंगा कर देगा।
अब देखिए भोपाल के सबसे संक्रमित क्षेत्र का हाल जिस जगह से विशेष अस्पताल है 25 किलोमीटर दूर और वहां इलाज कर रहे अस्पताल से पेशेंट शिफ्ट किये जा रहे है क्योंकिं अनुबंध समाप्त,सिर्फ एक अनुबंध
विशेष अस्पताल से 1000 मरीज प्रति माह का कम से कम,
यानी 5 करोड़ रुपया एक मरीज न होने पर भी मिलेगा
8 करोड़ लगभग शत प्रतिशत होने पर मिलेगा
और उससे ऊपर गया तो चांदी ही चांदी।

भोपाल में कोरोना संक्रमण भले ही कम हो गया हो, लेकिन कोलार क्षेत्र में कोरोना संक्रमण की रफ्तार अभी भी तेज बनी हुई है। कोलार में रिकॉर्ड अब तक 1501 मरीज मिल चुके है। जहांगीराबाद, बागसेवनिया और कमला नगर थाना क्षेत्र को पछाड़ाकर कोलार थाना क्षेत्र कोरोना मरीज के मामले में सबसे आगे हो गया है। यहां मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है।

(सबसे संक्रमित क्षेत्र में बन्द कर दिया अस्पताल)

यहां 16 अक्टूबर तक 15 मरीज प्रतिदिन के हिसाब से कोरोना मरीज निकल रहे थे, 27 अक्टूबर तक यह आंकड़ा 21 मरीज प्रतिदिन हो गया है। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि कोलार की आबादी दो लाख के आसपास है। यहां पहले ज्‍यादा मरीज नहीं मिले है इसके चलते एंटीबाडी न बन पाने के कारण बाजार खुलने पर लोग बाहर जा रहे है इसके चलते अब यहां के लोग संक्रमित हो रहे है। वहीं जहांगीराबाद जो सबसे बडा हाटस्‍पाट रहा है वह संक्रमित मरीजों के मामले में चौथे नंबर पर आ गया है, क्‍योकि यहां 40 प्रतिशत लोगों में एंटीबाडी बन चुकी है। अब यहां से कोरोना मरीज कम ही मिल रहे है।

कोलार में 36 दिनों में मिले 749 मरीज

कोलार में यहां पर बीते 36 दिनों में 749 कोरोना मरीज निकल चुके हैं। वहीं कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत के मामले में बैरागढ़ क्षेत्र सबसे आगे यहां बीते 36 दिनों में भले ही 242 कोरोना मरीज निकले हो, लेकिन सर्वाधिक 8 मरीजों की मौत हुई है। इससे साफ है कि कोलार क्षेत्र में भले ही कोरोना मरीज अधिक निकल रहे हों लेकिन यहां मौत का आंकड़ा बहुत कम है। जबकि बागसेवनिया और कमला नगर क्षेत्र में 570 और 459 मरीज सामने आने के साथ साथ यहां 7-7 मरीजों की मौत भी हो चुकी है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि इन दोनों ही क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की स्थिति गंभीर है। यहां मरीजों के निकलने के साथ साथ कोरोना से अधिक मरीजों की जान भी गई है।

जहांगीराबाद और ऐशबाग में मौतों का सिलसिला जारी

जहांगीराबाद और ऐशबाग थाना क्षेत्रों में कोरोना मरीजों निकलने बहुत कम हो गए हैं, लेकिन इन क्षेत्रों में कोरोना मरीजों की मौत थम नहीं रही है। बीते 36 दिनों में इन दोनो ंही क्षेत्रों में 5-5 लोगों की मौत कोरोना से हुई है। जहांगीराबाद में अब मृतकों की संख्या बढ़कर 32 पहुंच गई है वहीं ऐशबाग मे ं38 लोगों की कोरोना से जान चली गई है।

एक नजर इधर भी –

– 21 सितंबर तक हुई मौत – 372

– 27 अक्टूबर तक हुई मौत – 475

– 36 दिन में हुई कुल मौत – 103

– 21 सितंबर तक बढ़े पॉजिटिव मरीज – 15481

– 27 अक्टूबर तक बढ़े पॉजिटिव मरीज – 23002

– 36 दिन में बढ़े पॉजिटिव मरीज – 7521

इन थाना क्षेत्रों में मिले सबसे ज्यादा कोरोना मरीज

थाना क्षेत्र – 27 अक्टूबर तक – 21 सितंबर तक – 36 दिन में बढ़े मरीज

कोलार रोड – 1501 – 752 – 749

बागसेवनिया – 1443 – 873 – 570

शाहपुरा – 1099 – 554 – 545

कमला नगर – 1319 – 860 – 459

हबीबगंज – 1129 – 699 – 430

पिपलानी – 1009 – 581 – 428

टीटी नगर – 1175 – 790 – 385

अयोध्या नगर – 826 – 473 – 358

मिसरोद – 998 – 605 – 393

कोहेफिजा – 1089 – 828 – 261

बैरागढ़ – 939 – 697 – 242

जहांगीराबाद – 1186 – 1001 – 185

इन थाना क्षेत्रों में हुई कोरोना मरीजों की मौत

थाना क्षेत्र – 27 अक्टूबर तक – 21 सितंबर तक – 36 दिन में हुई मौत

बैरागढ़ – 19 – 11 – 8

बागसेवनिया – 17 – 10 – 7

कमला नगर – 19 – 12 – 7

अशोका गार्डन – 26 – 20 – 6

टीटी नगर – 18 – 12 – 6

ऐशबाग – 38 – 33 – 5

जहांगीराबाद – 32 – 27 – 5

हबीबगंज – 20 – 15 – 5

अवधपुरी – 9 – 4 – 5

शाहपुरा – 12 – 8 – 4

कोहेफिजा – 20 – 16 – 4

पिपलानी – 18 – 14 – 4

कोलार रोड – 11 – 9 – 3

मिसरोद – 9 – 6 – 3

अयोध्या नगर – 16 – 13 – 3

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