मोदी सरकार ने दी बड़ी राहात ,31 मार्च नही अब 30 जून आखिरी तारीख

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भारत में कोरोना की वजह से लॉकडाउन के मद्देनजर सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत दी है। लॉकडाउन के बीच अगर आप इस परेशानी में हैं कि आप इनकम टैक्स रिटर्न कैसे भरेंगे और अपने आधार को पैन से कैसे और कब लिंक करवाएंगे तो आपको यह अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि सरकार ने आम लोगों की परेशानी और लॉकडाउन की स्थिति को देखते हुए इनकी तारीखों को आगे बढ़ा दिया है।
कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सरकार ने करीब 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लॉकडाउन कर दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज दोपहर दो बजे मीडिया से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से बातें कीं और जीएसटी से लेकर इनकम टैक्स रिटर्न की तारीखों को आगे बढ़ाने का ऐलान किया। तो चलिए जानते हैं वित्त मंत्री ने क्या-क्या राहतें दी हैं…
वित्त मंत्री की बड़ी घोषणाएं-
-इनकम टैक्स  पर ऐलान:  वित्तीय वर्ष 18-19 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न की तारीख को 30 जून तक बढ़ाया गया। लेट भुगतान 12 फीसदी से 9 फीसदी किया गया। ये राहत उन लोगों के लिए है जो 30 मार्च तक नहीं कर पाने की स्थिति में हैं।
-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) जमा करने में देरी के लिये दंड ब्याज 18 प्रतिशत से कम कर 9 प्रतिशत किया गया।
– आधार से पैन लिंक करने की तारीख भी बढ़ाई गई है और उसे 30 जून 2020 तक कर दिया गया है।
-विवाद से विश्वास योजना की समय सीमा को भी 30 जून 2020 तक बढ़ा दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि कर विवाद से जुड़ी मूल राशि के भुगतान पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।
-जीएसटी फाइल करने की तारीख भी 30 जून तक बढ़ा दी गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मार्च, अप्रैल, मई 2020 की जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि जून 2020 तक बढ़ाई गई है।
-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोरोना वायरस से जुड़े कार्यों में अब सीएसआर का फंड दिया जा सकता है। इसका मतलब है कि इस फंड के पैसे का इस्तेमाल कोरोना वारयरस से निपटने में किया जाएगा।
-5 करोड़ तक टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए जीएसटी रिटर्न फाइल करने में देरी पर फिलहाल जुर्माना नहीं।
-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि 3 महीने तक बैंकों के ATM से कैश निकालने पर किसी तरह का चार्ज नहीं देना होगा।
बता दें कि देश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 500 के करीब पहुंच चुकी है और नौ लोगों की मौत हो चुकी है। पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश में सोमवार को एक-एक मौत हुई जबकि पूर्व में हुई सात मौत महाराष्ट्र (दो), बिहार, कर्नाटक, दिल्ली, गुजरात और पंजाब में एक एक मौत हुई थी। देश में 22 नए मामले सामने आने के बाद कोविड-19 से अब भी संक्रमित लोगों की संख्या 446 है।
सरकार ने देश के 32 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के 560 जिलों में कोरोनावायरस संक्रमण को रोकने के लिए पूरी तरह लॉकडाउन कर दिया है। वहीं लक्षद्वीप में आंशिक लॉकडाउन किया गया है। यात्री जहाजों को द्वीप में प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया गया है और आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू है।
भारत में कोरोना के मामले: भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के अब तक करीब 500 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मंगलवार तक के आंकड़ों में यह संख्या सामने आई है। मंगलवार सुबह तक के अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक देश में कोविड-19 के कुल मामले 492 हो गए हैं जिनमें से 446 लोगों का अभी इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इन आंकड़ों में कम से कम 41 विदेशी नागरिक शामिल हैं और अब तक नौ मौत हो चुकी है। पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश में सोमवार को एक-एक मौत हुई जबकि पूर्व में हुई सात मौत महाराष्ट्र (दो), बिहार, कर्नाटक, दिल्ली, गुजरात और पंजाब में एक एक मौत हुई थी।