सनसनीखेज खुलासा: झूठी कहानी रची गैंगरेप की,4 लड़के पहुंच जाते मौत से बदतर हालत में,अब लड़की बोली I AM SORRY

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घटनाक्रम कुछ यूं बताया अखबारों ने
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में भाई के ऐक्सिडेंट की झूठी खबर देकर चार युवकों ने बीए की छात्रा का अपहरण कर लिया और खेत में ले जाकर उसके साथ GANG RAPE  किया। चारों युवक छात्रा के भाई के दोस्त बताए जा रहे हैं। घटना सामने आने के बाद से पुलिस विभाग में खलबली मच गई। युवती की तहरीर पर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, आगरा के सिकंदरा थाना इलाके के ककरैठा में रहने वाली बीए की छात्रा बुधवार सुबह 9 बजे कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी। उसका भाई पेंटर का काम करता है। पीड़िता का आरोप है कि भाई के चार दोस्त आगरा के खंदारी चौराहे के पास उससे मिले और बताया कि उसके भाई का ऐक्सिडेंट हो गया है और वे सब जा रहे हैं। उन्होंने उसे भी चलने के लिए कहा और कार में बिठा लिया।
नामजद केस दर्ज
इसके बाद आरोपियों ने एतमादपुर के पास सरसों के खेत में ले जाकर उसके साथ GANGRAPE किया और बेहोशी की हालत में ग़ालिब गांव के पास छोड़कर भाग गए। होश में आने पर छात्रा ने अपने फोन से डायल 100 को सूचना दी। इसके बाद पुलिस पीड़िता के पास पहुंची और उसे थाने लेकर आई, जहां पीड़िता ने अपनी सारी आपबीती सुनाई। युवती ने गैंगरेप के आरोपियों के नाम राजा उर्फ रॉबिन, ज्ञानेंद्र, गीतम बताया है। एक अन्य आरोपी का नाम पीड़िता नहीं बता सकी है।
सच्चाई
.दोपहर को एक बजकर 51 मिनट पर छात्रा ने यूपी -112 पर सूचना दी कि उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ है। इसके बाद पचोखरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, अफसरों को जानकारी दी। दो बजे से रात के 11 बजे तक आगरा, हाथरस और फिरोजाबाद के पुलिस अफसर दौड़ते रहे। उनकी मेहनत रंग लाई।
चार बेकुसूर युवक जेल जाने से बच गई। इसके लिए आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने पूरी टीम को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है। उनका कहना है कि टीम ने सारे छात्रा ने पचोखरा थाना की पुलिस से कहा था कि उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ है। आगरा, फिरोजाबाद और हाथरस के पुलिस अफसर जांच में लग गए।
पांच टीमें गठित की गई थी। आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने अपनी टीम अलग से भेजी फिरोजाबाद में जांच के लिए। आगरा के एसएसपी बबलू कुमार पहले एत्मादपुर गए और फिर फिरोजाबाद। उन्होंने छात्रा से बात की। पुलिस टीम से कहा कि कार्रवाई में साक्ष्य होने चाहिए। आगरा, फिरोजाबाद और आईजी रेंज की साइबर सेल भी खुलासे में लगाई। आगरा और फिरोजाबाद की फील्ड यूनिट मौका ए वारदात पर भेजी गई।
रात 12 बजे छात्रा बोली, मुझसे गलती हो गई, माफ कर दो
महिला पुलिस अधिकारी ने छात्रा से लंबी बात की। रात 12 बजे छात्रा ने कहा कि उससे गलती हो गई, दोबारा नहीं करेगी, उसे माफ किया जाए। उसने बताया कि अनिल के कहने पर पूरी साजिश रची।
अब उसे पछतावा हो रहा है। उसकी गलती से चार युवकों की जिंदगी तबाह हो जाती। पहले उसने इस बारे में नहीं सोचा। उसे नहीं मालूम था कि पुलिस उसका झूठ पकड़ लेगी। उसे डर था कि अगर अनिल की बात नहीं मानी तो वह नाराज हो जाएगा।
छात्रा को मेडिकल परीक्षण कराने से पूर्व घटनास्थल ले जाया गया। उसने पुलिस को बताया था कि सामूहिक दुष्कर्म एत्मादपुर में हुआ। पुलिस को हाईवे स्थित एफएच मेडिकल कॉलेज से पहले छितरई मार्ग पर ले गई। यहां सरसों का खेत नहीं मिला। इसके बाद, दूसरी सड़क थी। जब पुलिस को घटनास्थल छितरई मार्ग स्थित एक सरसों के खेत का बताया। यह पचोखरा थाना क्षेत्र का है।
सिकंदरा की छात्रा ने सामूहिक दुष्कर्म की जो कहानी बनाई, वह ज्यादा देर टिक नहीं पाई। उसने आरोपी युवकों को अपने भाई का दोस्त बताया था। लेकिन जब भाई थाने पहुंचा, तो उसने कहा कि वह इन युवकों को जानता तक नहीं है। यहीं से पुलिस से मान लिया कि कहानी में झोल है। इसके बाद तो साजिश के रहस्य से पर्दा उठता चला गया।
छात्रा की पूरी कहानी इसी पर टिकी थी कि वह आरोपियों के कहने पर इसलिए उनकी गाड़ी में बैठ गई, क्योंकि वे उसके भाई के दोस्त हैं और वह उन्हें जानती थी। इस पर पुलिस ने छात्रा के भाई को पचोखरा थाना बुलाया।
उसे चारों नामजद आरोपियों के नाम बताए। उससे पूछा कि  क्या ये उसके दोस्त हैं। उसने जवाब दिया नहीं, वह तो इनमें से एक को भी नहीं जानता। इस पर पुलिस ने छात्रा को बताया कि उसका भाई तो उसकी बात को तस्दीक नहीं कर रहा।
इस पर छात्रा कहने लगी कि उसकी भाई से बात कराई जाए। पुलिस ने ऐसा ही किया। इसके बाद भाई को बताया कि उसके बयान की रिकार्डिंग की गई है। इस पर वह थाने से चला गया।
उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। अब छात्रा ने चुप्पी साध ली। छात्रा की मां ने भी यही कहा कि वह उन युवकों को नहीं जानती है। इससे साबित हो गया कि छात्रा ने झूठ बोला है। इसके बाद पुलिस ने और सुबूत जुटाए।
कोचिंग संचालक बोला, छात्रा यहां नहीं पढ़ती
छात्रा ने बताया कि वह खंदारी के एक कोचिंग सेंटर में पढ़ती है। इसे आरके सक्सेना चलाते हैं। पुलिस ने आरके सक्सेना की तलाश की। उससे पूछा तो उसने बताया कि छात्रा मंगलवार को पहली बार कोचिंग सेंटर पर आई थी।
उसने पूछा था कि क्या यहां बीए की पढ़ाई होती है? उससे मना कर दिया गया। वह चली गई। इससे पुलिस को एक और साक्ष्य मिल गया कि कहानी झूठी है।