Sunday, November 27, 2022
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चर्च के नीचे मिला विशालकाय मंदिर,सब अचंभित,आपस में लड़के खत्म होते गए हिंदू ,होते गए कनवर्ट

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रिपोर्ट के मुताबिक, क्रोएशिया के सिबेनिक के पास दनिलो में ये चर्च स्थित है, जिसका नाम सेंट डेनियल चर्च है और इसी चर्च के नीचे मंदिर के नींव की खोज की गई है। क्रोएशियाई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस शहर का प्राचीन नाम रिडिट हुआ करता था और बाद में नाम बदलकर सिबेनिक कर दिया गया था, लेकिन चर्च के अंदर एक मंदिर है, इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। हालांकि, बाद में धीरे धीरे इस शहर में जमीन के नीचे से प्राचीन रोमन सामानों का निकलना शुरू हुआ था, जिसने पुरातत्वविदों की कौतूहल बढ़ा दी थी और फिर शहर के नीचे क्या है, उसकी तलाश के लिए अलग अलग वैज्ञानिक पद्धति का इस्तेमाल किया गया।

वैज्ञानिक पद्धति से मंदिर की खोज

 

रिपोर्ट के मुताबिक, पोलैंड और क्रोएशिया के पुरातत्वविदों की टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर चर्च के नीचे छिपे इस मंदिर की खोज की है, जिसमें मंदिर के अलावा भी कई और चीजें बरामद की गई हैं। पुरातत्वविदों की संयुक्त टीम ने LIDAR एरियल स्कैनिंग टेक्नोलॉजी की मदद से खोज अभियान चलाया था और कई सौ साल पहले जमीन के नीचे दफ्न कर दिए गये इस मंदिर की तलाश कर ली है। रिपोर्ट के मुताबिक, चर्च के नीचे जो मंदिर मिला है, उसकी दीवारे काफी बड़ी बड़ी थी। वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि, इसकी दीवारें 66 फीट लंबी से लेकर 33 फीट तक लंबी थी। वॉरसॉ में कार्डिनल स्टीफन विस्ज़िंस्की विश्वविद्यालय के पुरातत्व संस्थान के प्रोफेसर, फैबियन वेल्क ने बताया कि, मंदिर का जो हिस्सा खोजा गया है, वो मंदिर के अंदर जाने का द्वार है और इससे पता चलता है, कि मंदिर काफी विशाल रहा होगा।

शहर रहा होगा महत्वपूर्ण

शहर रहा होगा महत्वपूर्ण

प्रोफेसर फैबियन वेल्क के मुताबिक, जिस जगह पर ये मंदिर मिला है, वो शहर का केन्द्र रहा होगा और मंदिर के चारों तरफ शहर के आधिकारिक केन्द्र, जैसे कोर्ट और प्रशासनिक कार्यालय रहे होंगे। उन्होंने कहा कि, अभी तक ऐसे अनुमान मिल रहे हैं, कि ये मंदिर शहर में काफी खास महत्व रखता होगा। लेकिन, धीरे धीरे मंदिर को लोगों ने भुलाना शुरू कर दिया और फिर लोग इसे पूरी तरह से भूल गये। LIDAR एरियल स्कैनिंग की मदद से पुरातत्वविदों ने पता लगाया है कि, इस मंदिर के साथ स्थापत्य कला के भी नमूने मिले हैं और पता चला है, कि मंदिर के ऊपर बाद में एक कब्रिस्तान का निर्माण कर दिया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, 1वीं और 15वीं शताब्दी के बीच मंदिर के ऊपर कब्रिस्तान और चर्च का निर्माण किया गया। पुरातत्वविदों ने कुछ मध्ययुगीन कब्रों को सीधे रोमन स्नानागार के अवशेषों में खोदा गया है। पुरातत्वविदों ने बताया कि, जो कब्रिस्तान मिला है, उसका ताल्लुक ईसाई धर्म से संबंधित है।

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