एक सेल्फी और अमित शाह की पारखी नज़र ने पहचाना,और सूपड़ा साफ ज्योतिरादित्य सिंधिया का

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राजे रजवाड़ों के जमाने लद गए लोकतंत्र है,लेकिन कुछ खानदान भले दिल्ली के हों या कहीं के राजा साहब और महाराजा से नीचे नही आ रहे,दो कौड़ी के ये लोग जिनमे कोई योग्यता नही सिर्फ बाप दादाओं के नाम पर राजा महाराजा कहलाना पसंद करते हैं खुद को।भूल जाते हैं कि एक चाणक्य काफी होता है चंद्रगुप्त मौर्य बनाने के लिए फिर मगध का राष्ट्र मुकुट बदल जाता है।
अमित_शाह की चाणक्य नीति देखिए…
एक युवक के पी यादव उनके पास आया और उनसे कहा मैं कांग्रेस का सक्रिय कार्यकर्ता हूं #कांग्रेस में जिला लेवल पर कई पदों पर रहा हूं लेकिन मैं ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहता हूं चाहे वह ग्वालियर से लड़े या गुना से जुड़े
अमित शाह चौक उठे बोले क्यों आप सिंधिया के खिलाफ लड़ना चाहते हैं उस युवक के पी यादव ने उन्हें मोबाइल की एक सेल्फी दिखाई और बोला सर मैंने 20 साल कांग्रेस को दिए मैंने ज्योतिराज #सिंधिया से एक सेल्फी के लिए रिक्वेस्ट किया तब उन्होंने मुझे डांट कर भगा दिया और गाड़ी का दरवाजा तक नहीं खोला यह वही सेल्फी है
अमित शाह के अंदर के चाणक्य बुद्धि जाग गई उन्हें लगा कि ये मेरे लिए चंद्रगुप्त साबित होगा उन्होंने सोचा ज्योतिरादित्य सिंधिया तो अजेय है चलो #प्रतिशोध की आग में जल रहे इस कांग्रेसी युवा पर जुआ खेला जाए और उन्होंने उस केपी यादव को टिकट दिया और नतीजा यह कि पिछले 3 सालों में के पी यादव ने इतना मेहनत किया था कि उसने महाराजा ज्योतिरादित्य सिंधिया को हरा दिया🤩