Wednesday, September 16, 2020
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आईपीएस फरार,जिले के पुलिस अधीक्षक को ढूंढने पुलिस की छापेमारी

महोबा में व्यापारी इंद्रकांत हत्याकांड में अब निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार के खिलाफ विजिलेंस की जांच शुरू होने वाली है। दरअसल, निलंबित आईपीएस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें सीएम योगी ने सस्पेंड कर दिया था। इसी के चलते अब मंगलवार को विजिलेंस की छह सदस्यीय टीम महोबा पहुंच गई है। टीम में कानपुर यूनिट के एसपी शामिल हैं। इस जांच की जद में कई पुलिसकर्मी भी आने वाले हैं।

महोबा जिले के पूर्व निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार की मुश्किल अब बढ़ती जा रही है। दरअसल, अब ये बात सामने आ रही है कि निलंबित आईपीएस ने सिपाही के माध्यम से बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के काम में एक कंपनी पर भी वसूली के लिए दबाव बनाकर उत्पीड़न किया था।  मामले में तो गृह विभाग का एक पत्र भी सामने आया है। वहीं दूसरी तरफ व्यापारी के मौत के बाद भी इनपर हत्या का केस दर्ज होने की तैयारी है।

कम्पनी से मांगे थे दो लाख

नौ सितंबर को जारी गृह विभाग के पत्र के मुताबिक पीपी पांडेय इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ की गाडिय़ां एक्सप्रेस-वे में गिट्टी परिवहन का कार्य कर रही हैं। सिपाही राजकुमार कश्यप ने कई बार फोन कर कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अमित तिवारी को तत्कालीन एसपी के आवास बुलाया। मुलाकात में मैनेजर ने बताया कि कंपनी की 46 गाडिय़ां चलती हैं। तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार ने कहा कि उनके फर्म की 86 गाडिय़ों की लिस्ट है। गाड़ी चलानी है तो दो लाख रुपये हर माह देने होंगे।


महोबा पहुंची विजिलेंस की टीम

जानकारी के मुताबिक, महोबा के क्रशर व्यापारी इंद्रकांत ने ही वीडियो वायरल कर उन पर रुपये मांगने का आरोप लगाया था। दूसरे दिन ही वह अपनी गाड़ी में घायल मिले थे। उनके गले में गोली लगी थी और 13 सितंबर को उनकी मौत हो गई। इस बीच मामले की जांच और तेज हो गई है। मंगलवार को विजलेंस की टीम कबरई पहुंची और पड़ताल की। बुधवार को यानी की आज एसआइटी भी कबरई पहुंचेगी।

इसी बीच एडीजी प्रयागराज जोन प्रेमप्रकाश ने बताया कि पूर्व एसपी की तलाश में पुलिस की टीमें लगी हैं। सोमवार को उन्होंने बताया था कि पूर्व एसपी न तो नोटिस का जवाब दे रहे हैं और न ही जांच में लगे अधिकारियों का फोन उठा रहे हैं। इसी के चलते आज डीजीपी द्वारा गठित टीम महोबा पहुंचेगी। एसपी महोबा अरुण कुमार श्रीवास्तव ने इसकी पुष्टि की है। टीम की अगुआई आइजी वाराणसी रेंज विजय सिंह मीणा कर रहे हैं। उनके साथ डीआइजी शलभ माथुर और एसपी अशोक त्रिपाठी भी होंगे।

कई अफसर होंगे जांच की जद में

बड़ी बात ये है कि महोबा जिले के कबरई थाने के थानेदार देवेंद्र शुक्ला पर भी एसपी का साथ देने का आरोप है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल एक कॉल रिकॉर्डिंग में उसका भी जिक्र है। जिसमें कहा जा रहा है कि पांच लाख एसपी साहब को और एक लाख थाने में देना पड़ रहा है। इसलिए कबरई थानेदार समेत पुराने थानेदार व अन्य एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी विजिलेंस की जांच की जद में आ सकते हैं। फिलहाल SIT और विजिलेंस की टीम जल्द ही काम शुरू कर देगी।

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