फर्जी मॉब लिंचिंग, लड़कियां नही देखती थी,खुद काट ली मौलाना दाढ़ी, फाड़ लिए कपड़े

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उत्तर प्रदेश में झूठी कहानी बनाकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लगातार मामले सामने आ रहे हैं. ताजा मामला बागपत (Baghpat) से आ रहा है. जहां पर एक युवक ने ट्रेन में मारपीट करने और दाढ़ी को काटने की अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश की है, जिसकी तफ्तीश में जुटी पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर मामले का पर्दाफाश कर दिया है और पुलिस ने जब जांच की तो यह पाया कि युवक ने खुद ही अपनी दाढ़ी कटवाई और कपड़े फाड़कर हिन्दुओं पर झूठा इल्ज़ाम लगा दिया। मुगलपुरा मोहल्ला निवासी फारुख का वीडियो टि्वटर पर एम वदूद साजिद नाम के यूजर ने पोस्ट किया. उसने फोटो के साथ यह भी लिखा कि फारुख को बागपत में ट्रेन में खींचकर पीटा गया और जबरन उसकी दाढ़ी काट दी. यूजर ने पीड़ित के लिए मदद मांगी थी. पोस्ट में यूजर ने यूपी पुलिस, बागपत पुलिस, रेल मंत्रालय, सीएम योगी आदित्यनाथ और अमित शाह को टैग किया. इसके अलावा पोस्ट में एक फोन नंबर भी दिया गया जो पीड़ित के भाई का बताया गया.

M Wadood Sajid@MWadoodSajid2

Dear @Uppolice @baghpatpolice @RailMinIndia @myogiadityanath @AmitShah @ndtv @sardesairajdeep @ravishndtv @aajtak @BDUTT urgent attention. This person Farooq was dragged from a train at Baghpat, beaten up badly. His Beard shaved off. He needs help. brother contact 8433201022

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यकीन दिलाने के लिए फाड़ लिए कपड़े
इस ट्वीट के बाद पुलिस ने जांच शुरू की. मोहम्मद फारूक से पूछताछ हुई. कहानी कुछ और ही निकली.पूछताछ में पता चला कि फारूक छाता बनाने का काम करता है और 29 अगस्त को अपने दोस्त से मिलने दिल्ली गया था. वहां गर्मी के कारण उसने अपनी दाढ़ी कटवा ली और रात को घर पहुंचा तो घरवालों को बताया कि ट्रेन में कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की और दाढ़ी काट दी. घरवालों ने उसकी बात पर यकीन कर लिया. फारूक ने अपने कपड़े भी फाड़ लिए ताकि किसी को शक न हो.
एसपी प्रताप गापेंद्र यादव ने बताया कि फारुख को विश्वास में लेकर जब पूछताछ की गई तो पता चला कि वह चार साल पहले एक इज्तमा में शामिल हुआ था. इसके बाद उसने दाढ़ी बढ़ा ली थी. अब वह उसे कटवाना चाहता था. लेकिन, समाज व धर्म का भय था. इसलिए उसने जबरदस्ती दाढ़ी कटवाने की झूठी कहानी बनाई. बाद में मोहम्मद फारूक ने कोतवाली में हाथ जोड़कर और कान पकड़कर अपनी गलती के लिए माफी मांगी.
पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले
बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है जब झूठे आरोपों से साम्प्रदायिक तनाव फैलाया गया हो ऐसे कई इससे पहले कई ऐसे मामले सामने आये हैं. हाल ही में इसी से मिलता-जुलता मामला बरेली से आया था. जहाँ मदरसा छात्र मोहम्मद फरमान नियाजी उर्फ़ मुजीबुर्रहमान ने पढ़ाई से बचने के लिए अपने साथ मॉब लिंचिंग की झूठी कहानी रच डाली. जिसके मुताबिक़ दूसरे धर्म के युवक ट्रेन में चढ़े और मुस्लिम होने कारण उसकी टोपी देखकर उस पर मजहबी टिप्पणी करने लगे. इसके बाद उसे पीटने लगे. वहीं पुलिस ने जब मुकदमा दर्ज कर छानबीन की तो पता चला कि छात्र मदरसे में पढ़ना नहीं चाहता था तभी उसने झूठी कहानी बनाई.