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BIG CRIME NEWS सीरियल किलर मोहम्मद कमरुल जमाल गिरफ्तार

पूर्व बर्धमान जिले के कालना थाना की पुलिस ने सीरियल किलर कमरुल जमाल सरकार (35) को गिरफ्तार किया है। जिसकी तलाश पूर्व बर्धमान जिला की पुलिस पिछले आठ माह से कर रही थी। वह पूर्व बर्धमान जिले के कालना, मेमारी, मंतेश्वर थाना क्षेत्र के अलावा हुगली जिले के बलागढ़ व पांडुआ इलाके में वारदात को अंजाम देता था। केवल पूर्व बर्धमान में बारह महिलाओं पर हमला किया था, जिसमें आधा दर्जन महिलाओं की मौत हुई थी।
पूर्व बर्दवान जिले के कलना थाना पुलिस ने अब तक छह महिलाओं के हत्यारे सीरियल किलर को गिरफ्तार किया है। सोमवार को बर्दवान जिला कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने 13 दिनों के लिए अभियुक्त को पुलिस हिरासत में भेज दिया है वारदात को अंजाम देने के बाद वह सीरियल किलर कोई सबूत नहीं छोड़ता था, इस कारण पुलिस को गिरफ्तार करने में इतना समय लगा एवं इस बीच वह कई घटना को अंजाम दिया। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस अधीक्षक भास्कर मुखर्जी ने कहा कि वह लूट के मकसद से वारदात को अंजाम देता था। वह अकेले ही पूरे वारदात को अंजाम देता था। आरोपी मूलरूप से मुर्शिदाबाद जिले का निवासी है। लेकिन पिछले कुछ वर्ष से वह कालना के नादनघाट थाना इलाके में रहकर पुराना सामान बेचने का कार्य करता था, उसी की आड़ में वह महिलाओं को निशाना बनाकर लूट को अंजाम देता था।
कालना में पहली घटना पिछले वर्ष 2018 को हुई थी, जहां एक चैन से सांस रोककर उसकी हत्या कर दी गई थी। उसके बाद इस वर्ष जनवरी में कालना इलाके में ही वैसी घटना हुई, जहां महिला की हत्या कर दी गई थी। अब तब से लेकर अब तक कालना, मेमारी, मंतेश्वर थाना इलाका में एक दर्जन वारदात हुआ। जहां केवल घर में अकेली रहने वाली महिलाओं को निशाना बनाया जाता था। बार-बार हो रही इस तरह की घटना से पुलिस के सामने यह स्पष्ट हो गया था कि एक ही व्यक्ति एक ही अंदाज में वारदात को अंजाम दे रहा है।
वहीं कई सीसीटीवी वीडियो, जख्मी महिलाओं से पूछताछ कर आरोपी का स्केच बनाकर जांच में जुटी। अंत में रविवार की दोपहर वह कालना के देवीपुर इलाके से पुलिस की गिरफ्त में आ गया। वह किसी वारदात को अंजाम देने के लिए बाइक पर बैग लेकर जा रहा था। उसी समय नाका जांच कर रहें सीपीवीएफ जवानों ने उसे पकड़ा एवं बैग से लोहा का चैन, रॉड बरामद हुआ। जिससे पुलिस को संदेह हो गया कि यही सीरियल किलर है। उससे पुलिस अधिकारियों ने पूछताछ कर उसके घर पर रेड किया। जहां से कई सोने, चांदी का आभूषण, यहां कृत्रिम ज्वेलरी बरामद हुआ। पुलिस ने उससे आरंभिक पूछताछ की, जिसमें वह हत्या की बात को स्वीकार भी किया।
पुलिस ने बताया कि घर में अकेली महिलाओं को देखकर वह हत्या कर फरार हो जाता था। गुरुवार को थाना क्षेत्र के सिंगूरगुना ग्राम में एक नाबालिग छात्रा की रक्तरंजित अवस्था में घर में अकेले पाई गयी थी। इलेक्ट्रिक मीटर देखने नाम पर वह घर में घुसकर अकेली महिलाओं पर हमला कर उनकी हत्या कर देता था। घटना की जांच सीआईडी को भी सौंपी गई थी लेकिन सफलता नहीं मिली थी। अंततः कालना पुलिस ने सीरियल किलर को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की।

BREAKING NEWS ममता बनर्जी सरकार कभी भी गिर सकती है,नही कर पायेगी कार्यकाल पूरा: कैलाश विजयवर्गीय

पश्चिम बंगाल में राजनैतिक घमासान चरम पर है,पश्चिम बंगाल प्रभारी भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का चुनाव बाद पहुंचने पर ऐतिहासिक स्वागत किया गया।बातचीत में यह इशारा मिला कि ममता सरकार के अब गिनती के दिन बचे हैं,साथ ही तृणमूल कांग्रेस के 100 से ज्यादा विधायक कभी भी पाला बदल सकते हैं,लेकिन यह बात सुनिश्चित है कि ममता सरकार अपना कार्यकाल पूरा नही कर पायेगी।ममता बनर्जी सरकार के विधायक भी अति तानाशाही पूर्ण रवैय्ये से परेशान है और पश्चिम बंगाल की जनता घुसपैठियों से।
भाजपा के पश्चिम बंगाल मामलों के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने राज्य में लोकसभा चुनाव में भगवा पार्टी की शानदार जीत के बाद पहले दौरे में कहा, बंगाल में हमारे नारे ‘जय श्रीराम’ और ‘जय महाकाली’ होंगे। बंगाल महाकाली की धरती है। हमें मां काली का आशीर्वाद चाहिए।
भाजपा ने राज्य के लिए अपने नारों की सूची में ‘जय महाकाली’ ऐसे समय में शामिल किया है, जब टीएमसी ने भाजपा पर बाहरी लोगों की पार्टी होने का आरोप लगाया, जो बंगाल की संस्कृति नहीं समझते।विजयवर्गीय ने कहा कि बंगाल में भाजपा का प्रचार तब तक अधूरा रहेगा जब तक टीएमसी सरकार सत्ता से बाहर नहीं हो जाती और भगवा पार्टी के नेतृत्व में नई सरकार नहीं बन जाती।
लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों का असर पश्चिम बंगाल की राजनीति पर पड़ सकता है। यहां ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। भाजपा के एक नेता का दावा है कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार अगले 90 दिनों में गिर जाएगी। भाजपा नेता का कहना है कि टीएमसी के कई नेता और सांसद भाजपा के संपर्क में हैं। बता दें कि भाजपा ने ममता बनर्जी के गढ़ पश्चिम बंगाल में बड़ी सेंधमारी करते हुए 18 सीटों पर जीत दर्ज की है। पिछले चुनाव में भाजपा ने यहां की दो सीटों पर जीत दर्ज की थी।
पश्चिम बंगाल के बैरकपुर लोकसभा सीट से जीत दर्ज करने वाले भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने खास बातचीत में दावा किया कि टीएमस के कई नेता एवं सांसद भाजपा के संपर्क में हैं और ममता बनर्जी सरकार अगले 90 दिनों में गिर सकती है। बैरकपुर सीट पर टीएमसी नेता दिनेश त्रिवेदी को हराने वाले अर्जुन सिंह ने कहा कि टीएमसी के कई नेता उनके और मुकुल रॉय से संपर्क में हैं।
अर्जुन सिंह के दावों में दम इसलिए नजर आता है क्योंकि वह टीएमसी छोड़कर भाजप में शामिल हुए हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि यहां तीन से छह महीनों में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह से पहले यहां कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हो सकता है। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने दावा किया कि टीएमसी के कई विधायक भाजपा के संपर्क में हैं।
लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में शानदार प्रदर्शन किया है। यहां उसने टीएमसी को नुकसान पहुंचाते हुए 18 सीटों पर जीत दर्ज की है। टीएमसी ने पिछली बार यहां की 34 सीटों पर कब्जा जमाया था। इस बार उसे 22 सीटें मिली हैं। जबकि दो सीटें अन्य के खाते में गई हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में 23 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा था जिसमें वह बहुत हद तक सफल हुए हैं।

BREAKING NEWS केजरीवाल सरकार एक साल से बचा रही है बलात्कार मुजरिम को

दुष्कर्म मामले में दिल्ली की केजरीवाल सरकार का दोहरा रवैया सामने आया है। केजरीवाल सरकार अपने पूर्व मंत्री संदीप कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की इजाजत नहीं दे रही है।
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली सरकार को फिर से रिमाइंडर भेजा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले लगभग सवा साल से दिल्ली सरकार चार्जशीट दाखिल करने की इजाजत नहीं दे रही है।
आपको बता दें कि दिल्ली सरकार के मंत्री रहे संदीप कुमार पर राशन कार्ड बनाने का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप है। इस मामले में साल 2016 में सुल्तानपुरी थाने में केस दर्ज हुआ था।
Delhi Police sends a reminder to Delhi Government for sanction to chargesheet Former Delhi minister Sandeep Kumar, who is accused of sexually assaulting a woman. The sanction is pending with Delhi Government since around 1 year.
दिल्ली पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर संदीप को तीन सितंबर को गिरफ्तार कर लिया था। 7 नवंबर 2016 को उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई थी। महिला सीडी में संदीप के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रही थी।
महिला का आरोप था कि वह राशन कार्ड बनवाने के सिलसिले में संदीप के पास गई थी। उसने कोल्ड ड्रिंक में नशा देकर उससे दुष्कर्म किया। पुलिस ने दुष्कर्म के अलावा भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धारा भी लगाई थीं

इंदिरा गांधी को पहना दिया बुर्का ,जांच शुरू

उत्तर प्रदेश से एक बेहद निंदनीय घटना सामने आई है। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खिरी में कुछ लोगों ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की मूर्ति को बुर्का पहना दिया। यह घटना सोमवार (मई 03, 2019) सुबह की है। मामले की जानकारी जैसे की कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं को मिली, उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस के लोगों ने किसी तरह कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं को समझाया।दरअसल, गोला इलाके में  कुछ अराजक तत्व मूर्ति को बुर्का पहनाकर वहाँ से चले गए। जब सोमवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने इंदिरा पार्क में पूर्व पीएम की मूर्ति पर बुर्का चढ़ा हुआ देखा तो वह दंग रह गए। यह खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई।इसके बाद मूर्ति के पास एकत्रित होकर नाराज कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने अराजक तत्वों को न रोके जाने पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर पहुँची पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए लोगों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “इस घटना से साफ है कि कुछ शरारती तत्व माहौल खराब करना चाहते थे, लेकिन हम उनकी पहचान कर उन पर निश्चित तौर पर कानूनी कार्रवाई करेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामले पर यूपीसीसी की प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने कहा, “हमारे देश की पूर्व प्रधानमंत्री, जिन्होंने देश के लिए इतना कुछ किया यहाँ तक कि अपनी जान भी गवाँ दी, जिन्हें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दुर्गा का अवतार कहा था,गुंडों द्वारा टारगेट किया जा रहा है। यह वास्तव में दुखद है कि चुनावों में जीत के बावजूद भाजपा के लोग हमारे महान नेताओं को बदनाम करने के लिए सस्ते हथकंडे अपना रहे हैं। हम घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग करते हैं।”

9 मुसलमान मंत्रियों और 2 गवर्नरों के इस्तीफे

श्रीलंका में एक बौद्ध भिक्षु के एक मुस्लिम मंत्री और एक गवर्नर की इस्तीफ़े की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठने के कुछ दिनों के बाद सोमवार को दो मुसलमान गवर्नरों ने इस्तीफ़ा दे दिया.
श्रीलंका में अप्रैल में ईस्टर संडे को चर्चों और होटलों को निशाना बनाकर सिलसिलेवार धमाके हुए थे, इन धमाकों के बाद श्रीलंका में कुछ मुसलमान संगठनों पर भी उंगलियां उठी थी. शुक्रवार को एक बौद्ध भिक्षु अतुरालिए रतना थिरो ने मंत्री रिशाद बाथिउद्दीन और गवर्नर एएलएएम हिज़्बुल्लाह और अजत सैली के इस्तीफ़े की मांग करते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी थी.
बौद्ध भिक्षु रतना थिरो सांसद भी हैं और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमासिंघे की पार्टी यूएनपी के सांसद हैं.
रतना थिरो और कुछ अन्य कट्टर बौद्ध संगठनों ने मुस्लिम नेताओं पर ईस्टर संडे के संदिग्धों से संबंध होने का आरोप लगाया था और उनके इस्तीफ़े की मांग की थी. हालाँकि मुस्लिम मंत्रियों और संगठनों ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए इनका खंडन किया था.
श्रीलंका में पिछले चार दिनों से जारी प्रदर्शनों के बीच सोमवार को नौ मुस्लिम मंत्रियों और दो गवर्नर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अप्रैल में ईस्टर पर हुए आतंकी हमलों के सिलसिले में तीन मुस्लिम मंत्रियों के इस्तीफे की मांग को लेकर चार दिनों से बहुसंख्यक बौद्ध समुदाय के हजारों लोग कैंडी में प्रदर्शन कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों में बौद्ध समुदाय से ताल्लुक रखने वाले सांसद अतुरालिए रतना थिरो भी शामिल थे, जो बौद्ध भिक्षु भी हैं। वे तीनों मंत्रियों के इस्तीफे और मामले की जांच की मांग को लेकर कैंडी में चार दिन से आमरण अनशन कर रहे थे। अतुरालिए का आरोप है कि तीनों मुस्लिम मंत्रियों के संबंध कट्टरपंथी संगठन नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) से हैं। ईस्टर धमाकों के बाद सरकार ने एनटीजे को प्रतिबंधित कर दिया था। सोमवार दोपहर को दो मुस्लिम गवर्नरों अजत सैली और हिज्बुल्ला ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरीसेना ने गवर्नरों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। दोनों गवर्नरों के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल सभी नौ मुस्लिम मंत्रियों, उप मंत्रियों और राज्य मंत्रियों ने भी त्यागपत्र दे दिया। 225 सदस्यीय संसद में 19 मुस्लिम सांसद हैं, जिनमें नौ कैबिनेट में शामिल थे। उद्योग और वाणिज्य मंत्री रिसत बैथियूथीन पर आरोप है कि वह एनटीजे का समर्थन करते रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों को खारिज किया है।

श्रीलंका मुस्लिम कांग्रेस के सांसद रऊफ हकीम ने कहा, ‘जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती है, मुस्लिम सांसद सरकार में शामिल नहीं होंगे।’ वरिष्ठ मंत्री कबीर हाशिम ने इस्तीफा देने के बाद कहा, ‘एक जिम्मेदार समुदाय के नाते हमने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया ताकि मामले की निष्पक्ष जांच पूरी हो और देश में शांति कायम रहे। ईस्टर पर हुए धमाकों के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग खुद से एनटीजे के बार में पुलिस को सूचना देते रहे हैं।

हालांकि, कुछ निर्दोष लोगों की गिरफ्तारी से मुस्लिम समुदाय चिंतित जरूर है।’ ईस्टर पर राजधानी कोलंबो समेत तीन शहरों में पांच सितारा होटलों और चर्चों में हुए आत्मघाती हमलों में 250 से ज्यादा लोग मारे गए थे, जबकि करीब 500 घायल हुए थे। इन हमलों की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली थी, लेकिन श्रीलंका सरकार ने इसके लिए स्थानीय कट्टरपंथी संगठन एनटीजे को जिम्मेदार ठहराया था।

【LIVE VIDEO】 भिखमंगे मुल्क के प्रधानमंत्री इमरान खान ने,भीख देने वाले सऊदी अरब के राजा की कर दी बेइज्जती

भिखारी के हाथ फैले होने चाहिए और इमरान को शायद यह समझ नही आया।नतीजा सऊदी किंग ने बैठ खारिज कर दी केबिनेट की इमरान खान के साथ।।पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की सोशल मीडिया पर ख़ूब आलोचना हो रही है.
कहा जा रहा है कि मक्का में ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) के सम्मेलन में सऊदी अरब के किंग से मुलाक़ात के दौरान इमरान ख़ान ने उनका अनादर किया.

 

इमरान ख़ान का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वो रेड कार्पेट पर चलते हुए सऊदी अरब के बादशाह सलमान तक पहुंचते हैं और उनसे हाथ मिलाने के बाद कुछ बात करते हैं. हालांकि जो वीडियो फुटेज सामने आया है उसमें पाकिस्तानी पीएम किंग से सीधे बात न कर ट्रांसलेटर से बात कर रहे हैं.
इमरान ख़ान हाथ तो किंग सलमान से मिला रहे हैं लेकिन बात ट्रांसलेटर से कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में इमरान ख़ान किंग सलमान की तरफ़ देख भी नहीं रहे हैं. यहां तक कि इमरान ख़ान ने किंग सलमान को प्रतिक्रिया में कुछ कहने का भी वक़्त नहीं दिया और वहां से अचानक निकल गए.
सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि इमरान ख़ान ने किंग सलमान का अनादर किया है और उन्हें राजनयिक शिष्टाचार भी नहीं पता है. कई लोग तो सलाह दे रहे हैं कि पाकिस्तान के नेताओं को राजनयिक व्यवहार सीखने की ज़रूरत है.

bREAKING NEWS मायावती और अखिलेश की राहें जुदा, मायावती का आरोप यादवों ने नही दिया वोट

मायावती बोलीं- यादव वोट नहीं मिले, नहीं हुआ कोई फ़ायदा
बता दें कि उत्तर प्रदेश में इस बार एसपी-बीएसपी ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था. इस गठबंधन के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि इस गठबंधन का प्रदर्शन राज्य में शानदार रहेगा. हालांकि, रिजल्ट ठीक इसके विपरीत आया है. लोकसभा चुनावों में हार के बाद से ही बीएसपी और समाजवादी पार्टी के गठबंधन के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे थे. मायावती और अखिलेश यादव का रिश्ता क्या बना रहेगा? या फिर बुआ और बबुआ का मेल बस चुनाव भर था. गठबंधन को लेकर ख़तरे की घंटी बज चुकी है. मायावती ने यूपी की 11 विधानसभा सीटों पर उप चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया है. दिल्ली में अपने घर पर बीएसपी नेताओं की बैठक में उन्होंने तैयारी शुरू करने को कहा. पिछले दस सालों में बीएसपी ने कोई उप चुनाव नहीं लड़ा. हाल में हुए लोकसभा चुनाव जीत कर यूपी के दस विधायक अब सांसद बन गए हैं.
लोकसभा चुनाव में हार की समीक्षा के लिए मायावती ने यूपी के बीएसपी नेताओं की बैठक बुलाई थी. सवेरे ग्यारह बजे शुरू हुई मीटिंग क़रीब तीन घंटे तक चली. चुनाव में गठबंधन की हार पर लंबी चर्चा हुई. 24 सालों बाद बीएसपी और समाजवादी पार्टी का गठबंधन हुआ था. पार्टी की मुखिया मायावती ने बैठक में ऐसी बात कह दी कि सब हैरान रह गए. मायावती ने कहा कि समाजवादी पार्टी से समझौता करने का कोई ख़ास फ़ायदा नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि कई जगहों पर यादव वोट गठबंधन को नहीं मिले. अगर ऐसा होता तो फिर अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल और भाई चुनाव नहीं हारते. मायावती ने आरोप लगाया कि कुछ सीटों पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और नेताओं ने हमारे ख़िलाफ़ काम किया. ये न होता तो नतीजे कुछ और बेहतर होते.

बीएसपी की मीटिंग में मायावती ने एक दो नहीं, तीन बार शिवपाल यादव का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि शिवपाल की पार्टी के कारण यादव वोटों में बंटवारा हुआ. अखिलेश यादव और उनकी पार्टी इस बंटवारे को नहीं रोक पाई. बैठक के दौरान मायावती ने कहा कि शिवपाल यादव कई जगहों पर बीजेपी ते लिए यादव वोट ट्रांसफ़र कराने में कामयाब रहे. बीएसपी सुप्रीमो ने मुसलमानों का शुक्रिया किया. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज ने हमारा भरपूर साथ दिया. मायावती ने यूपी में संगठन को चार हिस्सों में बांट कर तीन की ज़िम्मेदारी मुस्लिम नेताओं को दे दी है. मुनकाद अली, नौशाद और शम्सुद्दीन राइनी को ये काम सौंपा गया है. वैसे बैठक में मायावती ने राइनी को पैसे लेने के आरोप में जम कर लताड़ भी लगाई.

गठबंधन में इस बार बीएसपी को 38, समाजवादी पार्टी को 37 और आरएलडी को 3 सीटें मिली थीं. यूपी में लोकसभा की 80 सीटें हैं. बीएसपी के दस उम्मीदवार चुनाव जीत कर सांसद बन गए. जबकि पिछले आम चुनाव में तो पार्टी की खाता तक नहीं खुला था. समाजवादी पार्टी पांच सीटों पर जीतने में कामयाब रही. पिछली बार भी उसे इतनी ही सीटें मिली थीं. लेकिन आरएलडी का तो इस बार भी खाता नहीं खुला.

बीएसपी नेताओं की बैठक में मायावती ने गठबंधन तोड़ने का एलान तो नहीं किया. लेकिन उनके तेवर बताते हैं कि सब कुछ ठीक नहीं है. जानकारों की मानें तो अब गठबंधन धर्म निभाने की ज़िम्मेदारी बहन जी ने अखिलेश यादव पर डाल दी है. बीएसपी के एक बड़े मुस्लिम नेता ने बताया कि हो सकता है मायावती चाहती हों कि विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री का चेहरा उन्हें ही बनाया जाए. क्योंकि पीएम का सपना तो सपना ही रहा. यूपी में विधानसभा चुनाव 2022 में होने हैं.

इस्लामिक धर्म गुरु के बयान से बवाल मचा,सेक्युलर पत्रकार नेता समाजसेवी दुम दबा कर बैठे,हराम बता दिया सब कुछ

जाकिर नाइक की तरह ही एक और इस्लामिक मजहब गुरु भारत में सक्रीय है, इसका नाम है फैज़ सयेद, ये भी इस्लाम पर कार्यक्रम करता है
इसे मजहबी समाज में काफी उच्च दर्जा प्राप्त है और ये खुलकर हिन्दू त्योहारों को गालियाँ देता है, हिन्दू त्योहारों को हराम बताता है, साथ ही मुसलमानों को ये भी बताता है की हिन्दुओ को उनके त्यौहार पर बधाई देना भी हराम है
सुन लीजिये खुद ही

Tarek Fatah

@TarekFatah

An Indian Mullah mocks Hindus and denigrates Hinduism’s holy festivals. Commands his congregation to not wish their Hindu friends “Happy Diwali” and to assert their seperate superior identity. Imagine what they when the mikes are off and the cameras shut.

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फैज़ सयेद कह रहा है की दिवाली की बधाई देना हराम है, हिन्दुओ को उनके त्योहारों पर बधाई देना हराम है, क्यूंकि हम हिन्दुओ के धर्म को बिलकुल नहीं मानते, उनके त्यौहार हराम है और हराम को बधाई देना भी हराम है
फैज़ सयेद ये बात कहीं छिपकर नहीं कह रहा बल्कि खुलेआम कह रहा है, इसे भारत में कितना डर है ये भी इसकी बातों से आप समझ सकते है, जो खुलकर हिन्दुओ के त्योहारों को गालियाँ दे रहा है, आप इसे रमजान ईद इत्यादि की बधाई दीजिये, पर ये आपको दिवाली की बधाई नहीं देगा क्यूंकि इसके मुताबिक वो हराम है

सांसद नुसरत जहां करने जा रही हैं शादी,ममता बनर्जी की खास

1. मॉडल से सांसद बनीं नुसरत जहां अब बनेंगी दुल्हन ।एक्ट्रेस नुसरत जहां सांसद बन चुकी हैं। मोदी लहर के बीच नुसरत ने ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस से बंगाल की बशीरहाट सीट से चुनाव लड़ा और जीत गईं। अब नुसरत को लेकर नई खबर आ रही है कि वे जल्द शादी के बंधन में बंधने जा रही हैं।

2.

बंगाल की हॉट एंड सेक्सी एक्ट्रेस में शुमार नुसरत जहां ने अब वेस्ट बंगाल के बशीरहाट सीट से संसद तक का सफर पूरा कर लिया है। राजनिति का सफर तय करने से पहले नुसरत जहां बंगाली सिनेमा में सबसे फेमस एक्ट्रेस के तौर पर पहचानी जाती हैं। नुसरत जहां कई हिट बंगाली फिल्मों काम कर चुकी हैं।

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नुसरत ने साल 2010 में ब्यूटी कॉन्टेस्ट फेयर-वन मिस कोलकाता जीता था। इसी के बाद उन्होंने मॉडलिंग करियर की शुरुआत की। नुसरत जहां ने साल 2011 प्रदर्शित राज चक्रवर्ती के निर्देशन में बनी बंग्ला फिल्म शोत्रु से डेब्यू किया।

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चुनाव में जीतने बाद सोशल मीडिया पर नुसरत की तस्वीरें काफी वायरल हुई और साथ में वायरल हुई उनकी शादी की खबरें। लेकिन हाल ही में नुसरत ने अपनी शादी वाली अफवाह पर एक इंस्टाग्राम पोस्ट किया।

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नुसरत ने इंस्टाग्राम पर एक रोमांटिक तस्वीर शेयर की है, जिसमें उनकी रिंग नजर आ रही है और उनका हाथ किसी ने थाम रखा है। उन्होंने इस तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन लिखा है, ‘जब आखिरकार सच सपने से बेहतर हो, जिंदगी में एक-दूसरे को थामे रखना।’ और यह पोस्ट उनकी शादी की खबर को कंफर्म करती है।

विधायक ने महिला नेत्री को सड़क पर लाते मारी,अब माफीनामा

विधायक ने एनसीपी की महिला नेता को मारी लात, पानी की दिक्कत दूर करने की लगाई थी गुहार
गुजरात के अहमदाबाद शहर में नरोदा से भाजपा विधायक बलराम थवानी ने एक महिला को लात से मारा-पीटा। महिला नीतू तेजवानी एनसीपी की वार्ड प्रभारी बताई गई है और उसका कहना है कि वह अपने इलाके में पानी के पाइप लाइन काटे जाने को लेकर विधायक से बात करने गई थी, जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद विधायक बलराम थवानी ने शर्मिंदगी जताते हुए माफी मांगने की बात कही है।

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BJP’s Naroda MLA Balram Thawani kicks NCP leader (Kuber Nagar Ward) Nitu Tejwani when she went to his office to meet him over a local issue yesterday. Nitu Tejwani has registered a complaint against the MLA.

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इस वीडियो में नजर आ रहा है कि भगवा कुर्ता पहने विधायक थवानी महिला को लात से मार रहे हैं। उनके अलावा एक सफेद कुर्ता पहना व्यक्ति भी महिला को थप्पड़ मारता दिख रहा है। बताया जा रहा है कि महिला थवानी के कार्यालय गई थी और समस्या नहीं सुने जाने पर धरने पर बैठने की बात कही थी।

‘भाजपा राज में यह कैसी महिला सुरक्षा?’
नीतू का कहना है कि वह स्थानीय समस्या को लेकर विधायक से मिलने उनके कार्यालय गई थीं, लेकिन विधायक ने उनकी बात सुनने से पहले उन्होंने थप्पड़ जड़ दिया। जब मैं नीचे गिर गई, तो मुझे पैर से मारने लगे। नीतू का आरोप है कि विधायक और उनके लोगों ने उनके पति को भी मारा। मैं मोदीजी से पूछना चाहती हूं कि भाजपा के शासन में यह कैसी महिला सुरक्षा है?

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Nitu Tejwani, NCP leader from Naroda: I had gone to meet BJP MLA Balram Thawani over a local issue but even before hearing me he slapped me, when I fell down he started to kick me. His people also beat up my husband. I ask Modi ji, how are women safe under the BJP rule?

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विधायक बोले- भावनाओं में बह गया, माफी मांग लूंगा

महिला के साथ मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद विधायक थवानी ने कहा कि मैं भावनाओं में बह गया था। अंजाने में मैंने उन्हें लात से मार दिया। मुझसे गलती हो गई और मैं इसे स्वीकार कर रहा हूं। मैं 22 साल से राजनीति में हूं और ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई। मैं महिला से माफी मांगूंगा।