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पश्चिम बंगाल में आपातकाल स्थिति,300 डॉक्टरों ने इस्तीफे दिए,हाई कोर्ट की फटकार ममता को,बात करो डॉक्टरों से

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के अड़ियल रवैय्ये के आगे अब प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है,300 डॉक्टर अब तक इस्तीफे दे चुके हैं,देश भर के डॉक्टर पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों के समर्थन में खड़े हो गए हैं।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में एक जूनियर डॉक्टर से मारपीट के बाद शुरू हुए विवाद और डॉक्टरों की हड़ताल के बीच राज्य भर के 300 से अधिक डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बिना शर्त माफी की मांग को लेकर शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल के 175 डॉक्टरों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले आर जी कर अस्पताल के 95 डॉक्टरों ने एक साथ इस्तीफा दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि मुख्यमंत्री गुरुवार को एसएसकेएम के दौरे के दौरान डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर की गई टिप्पणी के लिए बिना शर्त माफी मांगे अन्यथा वे एक साथ नौकरी छोड़ देंगे।

 

(केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन का पत्र ममता को)

ममता बनर्जी ने गुरुवार को हड़ताली डॉक्टरों को चार घंटे के भीतर काम पर लौटने अथवा उनके खिलाफ कारर्वाई की चेतावनी दी थी। उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि हड़ताली डॉक्टरों के बीच बाहरी लोग भी शामिल हैं। एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में राज्य में सोमवार से शुरू हुए इस विवाद के बाद अस्पताल के प्रिंसिपल के इस्तीफे के बाद सागर दत्ता अस्पताल के 18 वरिष्ठ डॉक्टरों और नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के कई डॉक्टरों ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया। राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी मंगलवार से ही प्रभावित है।
इस बीच एनआरएस के डॉक्टरों ने एक विज्ञप्ति जारी कर ममता बनर्जी को अस्पताल आने, अपने बयान के लिए माफी मांगने, 21 जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ दायर आरोप पत्र वापस लेने और सरकारी अस्पतालों में काम कर रहे डॉक्टरों की सुरक्षा का लिखित आश्वासन देने की मांग की है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से डॉक्टरों के इस्तीफे की रिपोर्ट आ रही हैं। डॉक्टरों के मंच ‘डॉक्टर्स फोरम’ ने जूनियर डॉक्टरों के साथ एकजुटता जताते हुए प्रदर्शन मार्च में हिस्सेदारी ली। बुद्धिजीवी और कलाकार भी डॉक्टरों के साथ खड़े हैं और ममता बनर्जी से सियालदह स्थित अस्पताल का दौरा करने की अपील की है।

शिवराज सिंह की खुली चुनौती ममता बनर्जी को,रोकने की कोशिश भी मत करना

सदस्यता अभियान के दौरान हमारा अधिकतर फोकस बंगाल पर रहेगा. राज्य में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. अगर किसी ने हमें रोकने की कोशिश की, तो हम उन्हें देखेंगे.
आज यानी शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारे जमीनी कार्यकर्ताओं की वजह से ही बीजेपी अपनी व्यापक लोकप्रियता बरकरार रख पाई है. मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं. हम अपनी सदस्यता बढ़ाने के लिए 6 जुलाई से सदस्यता अभियान शुरू कर रहे हैं.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की मेहनत और 11करोड़ सदस्यों का योगदान है. बीजेपी ने शानदार सफलता प्राप्त की है, लेकिन सर्वोच्च आना बाकी है.
सरकार और संगठन के मूलमंत्र के बारे में बताते हुए शिवराज ने कहा कि मोदी सरकार का मूलमंत्र – सबका साथ, सबका विकास है. जबकि संगठन का मूलमंत्र – सर्व स्पर्शी बीजेपी और सर्व व्यापी बीजेपी है. इस सदस्यता अभियान में कोई बूथ शेष ने रहेगा. पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, कश्मीर घाटी, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, सिक्किम,आदि राज्यों पर विशेष फोकस रहेगा.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 17 जून को सभी प्रदेश प्रभारियों की बैठक होगी, जिसमें बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मौजूद रहेंगे. 1 जुलाई तक सभी बैठकें पूरी कर ली जाएंगी. हमारा मकसद 2 करोड़ 20 लाख सदस्यों को जोड़ना है जो कि वर्तमान सदस्यों का 20 फीसदी है. सदस्यता अभियान 6 जुलाई से शुरू होकर 10 अगस्त तक चलेगा. इसके बाद 16 अगस्त से 31 अगस्त तक सक्रिय सदस्य बनाने का अभियान चलेगा.

थकी हारी ममता बनर्जी ने चला बंगला भाषा का दांव,बेकाबू प्रशासन,रोज होती हत्या,घुसपैठियों की भरमार पर चुप्पी

ममता बनर्जी ने चेताया, बंगाल में रहना है तो बांग्ला भाषा बोलनी होगी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा बयान दिया है। बनर्जी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि बंगाल में रहने के लिए बांग्ला बोलनी ही पड़ेगी। शुक्रवार को बनर्जी ने कहा, ‘हमें बांग्ला को आगे लाना होगा। ममता बनर्जी ने चेताया, बंगाल में रहना है तो बांग्ला भाषा बोलनी होगी। उन्होंने फिर कहा कि अस्पताल से जुड़े प्रदर्शनों में बाहरी लोग शामिल हैं ।
ममता ने कहा कि जब मैं बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब जाती हूं तो वहां उनकी भाषा में बात करती हूं। अगर आप बंगाल में हैं तो आपको बांग्ला ही बोलनी पड़ेगी। मैं उन अपराधियों को बर्दाश्त नहीं करूंगी जो बंगाल में रहते हैं और बाइक पर घूमते हैं।’
पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव की शुरुआत से ही शुरू हुआ हिंसात्मक घटनाओं का दौर अब तक रुका नहीं है। सत्तासीन दल तृणमूल कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच आए दिन टकराव हो रहा है। इसके अलावा लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में भाजपा का शानदार प्रदर्शन भी ममता के गले में फांस की तरह अटका है। ऐसे में भाषा को लेकर दिया गया बनर्जी का यह बयान भाजपा पर निशाने की तरह लिया जा रहा है।

मदरसे में गैंगरेप,2 साल तक सामुहिक बलात्कर, अब छोटी बहन की मांग की दरिंदो ने

शहर के गलशहीद थाना क्षेत्र निवासी छात्रा ने पुलिस से शिकायत की है कि उसके पिता को पैरालाइसिस है. करीब दो साल पहले भोजपुर में मदरसा संचालक फुरकान उसके सम्पर्क में आया और उससे मदद का आश्वासन दिया. एक दिन उसने पीपलसाना निवासी शिवानन्द के घर बुलाया, जहां उसके आलावा शानू, मोहम्मद गौस भी थे. इन सभी ने धोखे से उसे कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ दे दिया और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया औप वीडियो बनाया.
पूरी वारदात कुछ ऐसी है
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार का बेहद ही भयावह व शर्मनाक मामला सामने आया है जहाँ मदरसा संचालक ने एक छात्रा से दुष्कर्म किया व अपने 6 दोस्तों से भी करवाया. इसके अलावा हैवान दरिंदों ने छात्रा का अश्लील वीडियो भी बना लिया. वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर हैवान 2 साल तक छात्रा के शरीर के साथ खेलते रहे. अब हैवानों से छात्रा से मांग की है कि वह अपनी छोटी बहन को उसके पास भेजे वरना वीडियो वायरल कर दिया जाएगा. इसके बाद छात्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.
मामला मुरादाबाद जिले के भोजपुर थाना इलाके का है. पीड़ित छात्रा ने पुलिस को बताया कि उसके पिता को पैरालिसिस है. ऐसे में दो साल पहले मदरसा संचालक फुरकान ने छात्रा से हमदर्दी दिखाते हुए उसे बीए में एडमिशन दिलाने और पढ़ाई में मदद करने की बात कही. इसके बाद फुरकान ने छात्रा को पीपलसाना में रहने वाले एक स्कूल संचालक के घर बुलाया. वहां पर उसे मदरसा संचालक फुरकान, स्कूल संचालक, शानू उर्फ शाहनवाज, मोहम्मद गौस उर्फ गुड्डू व तीन अन्य ने कोल्ड ड्रिंक में नशा देकरसामूहिक दुष्कर्म किया.
इस दौरान हैवानों ने उसका अश्लील वीडियो भी बनाया और उसे वायरल करने की धमकी देकर दो साल तक शारीरिक शोषण करते रहे. इस वजह से छात्रा दो बार गर्भवती हुई तो आरोपियों ने उसका गर्भपात करवा दिया. छात्रा ने बताया कि वह अपनी इज्जत की खातिर चुप रही तथा दरिंदगी सहती रही. 25 मई और 30 मई को छात्रा के पास फुरकान ने फोन कर कहा कि छोटी बहन को भी वह उनके हवाले करे वरना वह उसकी वीडियो वायरल कर देंगे. छात्रा ने इंकार किया तो दो जून को छात्रा के पास एक कोरियर भेजा गया, जिसमें एक सीडी थी. छात्रा ने सीडी को चलाकर देखा तो उसमें छात्रा के साथ फुरकान दुष्कर्म करता हुआ दिखा.
इसके बाद छात्रा ने पुलिस मामला दर्ज कराया है. पीड़िता छात्रा का कहना है कि आरोपियों ने पहले उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी, अब वह बदनामी का डर दिखाकर उसकी बहन की जिंदगी बर्बाद करना चाह रहे हैं. मामले की शिकायत छात्रा ने एसपी देहात उदय शंकर सिंह से की थी, जिनके निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ मंगलवार को सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा भोजपुर थाने में दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है तथा आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

बड़ी धोखाधड़ी: हलाल की कमाई के नाम पर मुसलमानों को 2000 करोड़ का चूना ,मोहम्मद मंसूर खान फरार

इस्लामिक बैंक और हलाल निवेशक कंपनी आई मॉनेटरी एडवाइडरी ज्वैलर्स (आईएमए) के सातों निदेशकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन्होंने पुलिस को बताया है कि  वे फर्म के वित्तीय संकट से अनभिज्ञ थे। निदेशकों के मुताबिक कुछ दिनों पहले ही मालिक मोहम्मद मंसूर खान ने एक मीटिंग में कई जगहों पर निवेश की चर्चा की थी। साथ ही उन्हें रमजान की लंबी छुट्टी लेने को कहा था। इसके बाद सीधे उन्हें खान के फरार होने की खबर मिली।
फर्म निदेशकों को पुलिस ने बुधवार को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया था। साथ ही पुलिस ने जानकारी दी है कि उसने एक निदेशक के घर के नजदीक सफेद रंग की एसयूवी बरामद की है, जो खान की बताई जा रही है। इस पर पुड्डुचेरी का नंबर है और यह कुछ समय से यहां खड़ी हुई थी।
मौलवी-उलमाओं ने करवाया था निवेश
मामला उजागर होने के बाद तीसरे दिन भी बड़ी तादाद में लोग शिवाजीनगर स्थित फर्म के दफ्तर पहुंचे। उन्होंने मालिक और निदेशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। अब तक 26 हजार लोगों ने फर्म के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। निवेशकों के मुताबिक उन्हें कुछ मस्जिदों के उलेमा और मौलवियों ने आईएमए में पैसा लगाने को कहा था। उनका कहना है कि मौलवियों ने उन्हें पैसा सुरक्षित रहने का भरोसा दिया था। साथी ही बताया कि फर्म इस्लामिक दिशानिर्देशों के हिसाब से काम करती है।

हजारों निवेशक परेशान

इस बीच मंसूर खान के फरार होने और आत्महत्या की धमकी देने वाला ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद निवेशक बेहाल हैं। कर्नाटक सरकार ने बुधवार को जांच के लिए 11 सदस्यीय एसआईटी के गठन का एलान किया था। इस ऑडियो में मंसूर ने कहा है कि वह आत्महत्या कर रहा है क्योंकि नेताओं और अफसरों को रिश्वत देते-देत थक गया है। उसने कांग्रेस विधायक रोशन बेग पर 400 करोड़ रुपये लेकर वापस न लौटाने का आरोप भी लगाया है।
2006 में शुरू हुआ था हलाल बैंक
करीब 13 साल पहले मंसूर खान ने आईएमए नामक इस्लामिक बैंक और हलाल निवेशक कंपनी शुरू की। उसने लोगों को निवेश पर 14-18 फीसदी रिटर्न का वादा किया। फर्म में ज्यादातर निवेशक मुस्लिम हैं। खान ने ज्वैलरी, रियल एस्टेट, बुलियन ट्रेडिंग, फार्मेसी, पब्लिकेशन और शिक्षा में कारोबार फैला रखा था।  एक रिपोर्ट के मुताबिक इस फर्म में करीब 10 हजार निवेशक हैं और उन्होंने 2,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रखा था।

तरबतर पश्चिम बंगाल:ममता बनर्जी निवेदन पर उतरी,महिला भाजपा कार्यकर्ता की हत्या,डॉक्टरों पर हमले जारी,डॉक्टरों के इस्तीफे

ममता बनर्जी का अल्टीमेटम का दाव उल्टा पड़ गया है,4 घण्टे में काम पर लौटने की धमकी के जवाब में डॉक्टरों ने इस्तीफे देने शुरू कर दिए हैं,वहीं बसिहरहाट में भाजपा की महिला कार्यकर्ता की हत्या से फिर राजनैतिक उफान आ गया है।ममता बनर्जी अब निवेदन मोड़ में आ गयी हैं,प्राथनापत्र लिख कर डॉक्टरों से अपील की है।

बता दें कि सीएम ममता बनर्जी ने गुरुवार को राज्य सरकार द्वारा संचालित एसएसकेएम अस्पताल का निरीक्षण किया. उन्होंने यहां हड़ताल पर गए डॉक्टरों को चार घंटे के अंदर काम पर लौटने अथवा हॉस्टल खाली करने का अल्टीमेटम दिया. उन्होंने कहा कि जो प्रदर्शन कर रहे हैं वे डॉक्टर नहीं थे लेकिन बाहरी लोग राज्य में परेशानी खड़ी करना चाहते हैं. ममता बनर्जी ने कहा, “सरकार किसी भी तरह से उनका समर्थन नहीं करेगी. मैं उन डॉक्टरों की निंदा करता हूं जो हड़ताल पर गए हैं. पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान मर जाते हैं लेकिन, पुलिस हड़ताल पर नहीं जाती है.”

‘हमें न्याय चाहिए’ के शोर के बीच ममता बनर्जी ने कहा, “आपको अपना काम करना होगा. आपको लोगों को सेवा दिए बिना डॉक्टर नहीं हो सकते हैं. इसी तरह पुलिस हड़ताल नहीं कर सकती. यह उनकी ड्यूटी है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीजेपी और सीपीआई(एम) यहां राजनीति कर रही हैं. वे यहां हिन्दू मुस्लिम कार्ड खेल रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बुधवार को जूनियर डॉक्टरों से मुलाकात की और उनसे मुझसे बात करने की अपील की. मैं फोन पर थी लेकिन उन्होंने मुझसे फोन पर बात करने से इनकार कर दिया.”

हालांकि ममता बनर्जी के दौरे ने प्रदर्शनकारियों को नाराज कर दिया, उन्होंने कहा कि उन्हें (ममता बनर्जी को) एनआरएस कॉलेज और अस्पताल का दौरा करना चाहिए, जहां जूनियर डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एक मरीज के परिजनों ने हमला किया था.

पश्चिम बंगाल में अब
महिला BJP कार्यकर्ता की हत्या, बशीरहाट में तनाव के हालात
पश्चिम बंगाल में हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है. बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र के हासनाबाद में एक महिला भाजपा कार्यकर्ता की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई है. वारदात के बाद से ही पूरे इलाके में तनाव के हालात हैं. मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है. मामले की जांच की जा रही है. पुलिस के अनुसार यह हत्या राजनीतिक हिंसा के चलते हुई है इस बात की अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है. गौरतलब है कि पिछले दिनों बशीरहाट में ही राजनीतिक हिंसा में दो भाजपा कार्यकर्ताओं और एक तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई थी. जिसके बाद पूरे देश में राजनीति गर्मा गई थी. एक तरफ बीजेपी ने आरोप लगाया था कि हत्या के पीछे टीएमसी का हाथ है, वहीं टीएमसी का कहना था कि यह बीजेपी की साजिश है. बताया जा रहा है कि ये कार्यकर्ता पहले हुई हिंसा के दौरान संदेशखाली भी गई थीं और हासनाबाद में विरोध प्रदर्शन भी किया था.
पहले हुई थी तीन बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या
इससे पहले 9 जून को पश्चिम बंगाल के 24 परगना में टीएमसी और बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई थी. इस झड़प में चार लोगों की मौत हो गई थी. बीजेपी ने आरोप लगाया था कि उसके तीन कार्यकर्ताओं को टीएमसी के लोगों ने गोली मार दी है. उधर टीएमसी का आरोप है कि उनके एक कार्यकर्ता कायुम मोल्लह की हत्या कर दी गई है. बताया जा रहा है कि यह झड़प पार्टी के झंडे लगाने को लेकर हुई थी, जिसके बाद दोनों ही तरफ से काफी संख्या में कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए.
राज्यपाल की बैठक भी बेनतीजा
पश्चिम बंगाल में जारी हिंसा के बीच राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. बैठक के बाद बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजुमदार ने कहा कि राज्यपाल ने कुछ सुझाव दिए, लेकिन सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधि ने कहा कि उन्हें पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी से से चर्चा करने की जरूरत है. तृणमूल कांग्रेस की ओर से बैठक में पार्टी के महासचिव और राज्य के मंत्री पार्थ चटर्जी गए थे.
बीजेपी के इशारे पर हो रही है बैठक
इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बैठक बुलाने के राज्यपाल के फैसले पर सवाल उठाया और बैठक में हिस्सा लेने से मना कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के इशारे पर बैठक बुलाई गई. मजुमदार ने कहा कि बैठक से साबित हो गया कि राज्य में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है.

इमरान खान की तमाम कोशिश,तमाम मिन्नत के बावजूद ,नरेंद्र मोदी ने पास नही फटकने दिया इमरान खान को

मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन में हिस्ला लेने के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे। जहां उनकी मुलाकात दुनिया के कई दिग्गज नेताओं से हुई।  लेकिन दुनियाभर की नजर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और पीएम मोदी की मुलाकात पर टिकी थी। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इन दोनों नेताओं ने ही एक दूसरे से बात तक नहीं की। दोनों ही नेताओं ने एक दूसरे से हाथ तक नहीं मिलाया है।

Sources: There was no meeting between Prime Minister Narendra Modi and Pakistan PM Imran Khan. No exchange of pleasantries between the two leaders. #SCOSummit  (file pics) pic.twitter.com/wMvoy19LgY

वहीं इमरान खान ने कहा कि पीएम मोदी हाल के लोकसभा चुनावों में जीते गए बड़े जनादेश का इस्तेमाल दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए करेंगे। इमरान खान ने रूस की सरकारी समाचार एजेंसी स्पुतनिक के साथ एक साक्षात्कार में यह बात कही।

उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों (भारत-पाकिस्तान) को बातचीत के माध्यम से शांति और अपने मतभेदों को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर दोनों देश चाहे तो कश्मीर जैसे मुद्दों का भी हल बातचीत के जरिए किया जा सकता है।

पाक की राह छोड़कर ऐसे बिश्केक पहुंचे मोदी
पीएम मोदी के बिश्केक जाने के लिए पाकिस्तान की तरफ से अपना हवाई मार्ग खोलने पर सहमति जताने के बावजूद वह लंबे रास्ते से वहां पहुंचे। पीएम मोदी तुर्किमेनिस्तान, उजबेकिस्तान, तजाकिस्तान होते हुए किर्गिस्तान पहुंचे हैं। बता दें कि पहले भारत ने पाकिस्तान से अपना हवाई मार्ग खोलने का आग्रह किया था। लेकिन बाद में पीएम ने दूसरे रास्ते से जाने का निर्णय लिया।
क्यों अहम है एससीओ सम्मेलन
एससीओ चीन की अध्यक्षता वाले 8 देशों का आपसी आर्थिक व सुरक्षा सहयोग समूह है। चीन के अलावा रूस, कजाकिस्तान, उजबेकिस्तान, तजाकिस्तान, किर्गिस्तान की मौजूदगी वाले इस संगठन में पहले इसमें भारत और पाकिस्तान शामिल नहीं थे, लेकिन 2017 में इन दोनों देशों को भी शामिल किया गया। इस संगठन का उद्देश्य आपसी गैर-पारंपरिक सुरक्षा को बढ़ावा देना और आतंकवाद पर लगाम कसना है।

ममता बनर्जी की चेतावनी बेअसर,डॉक्टरों के साथ सीनियर भी हड़ताल पर,आंदोलन के समर्थन में कल पूरे देश के डॉक्टर

पश्चिम बंगाल: डॉक्टरों ने नहीं माना ममता बनर्जी का अल्टीमेटम, कहा- मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी देश 
पश्चिम बंगाल में हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने दोपहर दो बजे तक काम पर लौटने के ममता बनर्जी के निर्देश को नहीं माना.
85 वर्षीय मोहम्मद शाहिद की मौत हो गयी इलाज के दौरान,शाहिद के रिश्तेदारों ने डॉक्टर परिभा मुखोपाध्याय और डॉक्टर यश टेकवानी पर प्राणघातक हमला कर दिया डॉक्टर मौत और ज़िन्दगी के बीच झूल रहे है।
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल में भर्ती बुजुर्ग मरीज की सोमवार रात मौत हो जाने के बाद परिजन भड़क उठे। अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने जूनियर डॉक्टर की पिटाई कर दी। पिटाई से घायल डॉक्टर को गंभीर चोटें आई हैं और उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है। साथी की पिटाई से नाराज अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने आरोपियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
साथी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर्स धरने पर बैठ गए हैं। अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर 50 से ज्यादा डॉक्टर्स अस्पताल का गेट बंद कर सोमवार रात से ही प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रोटेस्ट की वजह से अस्पताल के आपातकालीन विभाग का कामकाज भी काफी प्रभावित हो रहा है। वहीं आईसीयू में भर्ती डॉक्टर की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मामले में 4 गिरफ्तार
डॉक्टरों के प्रदर्शन की वजह से मरीजों को हो रही परेशानी के मद्देनजर राज्य सरकार ने मामले पर ऐक्शन लेना शुरू कर दिया है। मंगलवार को मामले में हो रही कार्रवाई के बारे में राज्य की स्वास्थ्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्या ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि केस से संबंधित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मंत्री ने अस्पताल जाकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात भी की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वह अपना प्रोटेस्ट खत्म करें क्योंकि इससे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में हड़ताल पर बैठे जूनियर डॉक्टरों से कहा है कि चार घंटे के भीतर अपने काम पर लौटें। अगर आदेश का पालन नहीं किया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राज्य के कई भागों में बीते तीन दिनों से चिकित्सा सेवाओं में व्यवधान के बाद आज बनर्जी सरकारी अस्पताल एसएसकेएम पहुंचीं। यहां उन्होंने पुलिस को आदेश दिया है कि अस्पताल परिसर को खाली कराया जाए। उन्होंने पुलिस से जोर देते हुए कहा है कि कैंपस में मरीजों के अलावा और किसी को भी ना आने दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा है कि विरोध प्रदर्शन विपक्षी पार्टियों की साजिश का ही हिस्सा है। बनर्जी ने कहा, “जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल सीपीआई (एम) और भाजपा की एक साजिश है।” राज्य में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग बनर्जी के ही पास है।
बनर्जी का कहना है कि बाहर के लोग मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में आ रहे हैं ताकि अशांति रहे। बता दें यहां जूनियर डॉक्टर मंगलवार रात से प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टरों ने प्रदर्शन करना उस वक्त शुरू किया जब कोलकाता में एक अन्य डॉक्टर के साथ एनआरएस अस्पताल में मारपीट हुई, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गया। डॉक्टरों ने हाथों में स्लोगन लिए हुए हैं, जिनपर लिखा है, “हम न्याय चाहते हैं।”
बताया जा रहा है कि मारपीट एक मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों ने की थी। समर्थन करने के लिए सीनियर डॉक्टर्स भी सामने आ गए हैं। अब ये लोग मुख्यमंत्री से न्याय की मांग कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन के कारण बीते दो दिनों से राज्य में चिकित्सा सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।

शिवसेना की तैयारी ठाकरे परिवार की तीसरी पीढ़ी को मुख्यमंत्री बनाने की

एक सवाल पूरे महाराष्ट्र में गूंज रहा है,
क्‍या विधानसभा चुनाव जीतने पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेंगे आदित्य ठाकरे?
महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन के जीतने पर उद्धव ठाकरे के बेटे और युवासेना के प्रमुख आदित्‍य ठाकरे के उप मुख्‍यमंत्री बनने की अटकलों के बीच पार्टी नेता संजय राउत ने कहा कि ‘ठाकरे उप पद’ नहीं लेते हैं.
महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को लोकसभा चुनाव में सफलता के बाद से ही प्रदेश की सियासत में कयासबाजी का दौर शुरू हो गया है. शिवसेना के युवा संगठन की तरफ से तो महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में इस गठबंधन की जीत के बाद छह-छह महीने के मुख्यमंत्री बनाए जाने की बात भी कही जा चुकी है. इसी क्रम में गुरुवार को शिवसेना के संजय राउत का नया बयान आया है. दरअसल संजय राउत से पूछा गया कि भाजपा-शिवसेना के सत्ता में वापसी करने पर क्या आदित्य ठाकरे उप मुख्यमंत्री बनेंगे? इस पर संजय राउत ने कहा, ‘ठाकरे उप पद नहीं लेते.’

संजय राउत के इस बयान के बाद अब कयास लगने लगे हैं कि इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में यदि शिवसेना, भाजपा से बेहतर प्रदर्शन करती है तो शिवसेना आदित्य ठाकरे को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाए जाने के लिए नाम आगे कर सकती है.

इसकी एक वजह और है. दरअसल शिवसेना के 53 वर्ष के इतिहास में पहली बार बाल ठाकरे  के परिवार से आदित्य ठाकरे के इस साल के अंत में होने वाला महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलें हैं. आदित्य ठाकरे (Aaditya Thackeray) शिवसेना की शाखा युवासेना के प्रमुख हैं. वर्ष 2019 के अंत में महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. भाजपा-शिवसेना के इस साल सत्ता में वापसी करने पर आदित्य ठाकरे के उप मुख्यमंत्री बनने को लेकर पूछे जाने पर पार्टी के वरिष्‍ठ नेता संजय राउत ने कहा, ‘ठाकरे उप पद नहीं लेते. परिवार का सदस्य हमेशा प्रमुख होता है. परिवार की राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में एक प्रतिष्ठा है.’

…तो क्‍या विधानसभा चुनाव लड़ेंगे आदित्‍य ठाकरे?
आदित्य ठाकरे के विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल का जवाब देते हुए शिवसेना के राज्यसभा सदस्य एवं पार्टी प्रवक्ता नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने बुधवार को कहा कि पार्टी प्रमुख फैसला करेंगे कि उनके पुत्र और पार्टी के युवा चेहरे आदित्य ठाकरे आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे या नहीं. राउत ने कहा कि 28 वर्षीय आदित्य ठाकरे शिवसेना के लिए विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, ताकि वह यह सुनिश्चित कर सकें कि उनके दादा बाल ठाकरे द्वारा स्थापित पार्टी इस साल के विधानसभा चुनाव में ज्‍यादा सीटें जीत सके.

चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं आदित्‍य
संजय राउत ने एक मराठी समाचार चैनल से कहा कि, ‘आदित्य विधानसभा चुनाव की तैयारियों में लगे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पार्टी अधिकतम संख्या में सीटें जीत सके. उन्होंने खुद स्पष्ट किया है कि चुनाव में उतरने के बारे में कोई भी निर्णय पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे द्वारा ही किया जाएगा.’

बीजेपी नेता कर चुके हैं दावे

पिछले सप्ताह चंद्रकांत पाटिल ने कहा था कि कुल 288 विधानसभा सीटों में से भाजपा और शिवसेना 135-135 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी और 18 सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ी जाएगी. भाजपा नेता एवं वित्त मंत्री मुगंतीवार ने सोमवार को कहा था कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री फिर से उनकी पार्टी से होगा. इस बाबत पूछे गए सवाल पर संजय राउत ने कहा कि इस मसले पर उद्धव ठाकरे और बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह निर्णय लेंगे.

विनम्र श्रद्धांजलि:13 में से कोई जीवित नही बचा,वायुसेना ने की पुष्टि

भारतीय वायुसेना का एएन-32 विमान जिस स्थल पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ, वहां गुरुवार सुबह सर्च टीम पहुंची। टीम को यहां किसी के भी जिंदा बचने के सबूत नहीं मिले। इसके बाद वायुसेना ने एएन-32 विमान हादसे में शहीद हुए जवानों के नाम जारी कर दिए। जो इस प्रकार हैं- विंग कमांडर जीएम चार्ल्स, स्कवाड्रन लीडर एच विनोद, फ्लाइट लेफ्टिनेंट आर थापा, फ्लाइट लेफ्टिनेंट ए तंवर, फ्लाइट लेफ्टिनेंट एस मोहंती, फ्लाइट लेफ्टिनेंट एमके गर्ग, वारंट ऑफिसर केके मिश्रा, सार्जेंट अनूप कुमार, कॉरपोरल शेरिन, लीडिंग एयरक्राफ्ट मैन एसके सिंह, लीडिंग एयरक्राफ्ट मैन पंकज, नॉन कॉम्बैंटेट (ई) पुतली और नॉन कॉम्बैंटेट (सी) राजेश कुमार।
वायुसेना ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘भारतीय वायुसेना एएन-32 विमान हादसे में तीन जून 2019 को अपनी जान गंवाने वाले बहादुर एयर वॉरियर्स को श्रद्धांजलि देती है। दुख की इस घड़ी में हम पीड़ितों के परिवार के साथ खड़े हैं। उनकी आत्मा को शांति मिले।’ 13 लोगों के परिजनों को पहले ही बता दिया गया है कि कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं है। मंगलवार को विमान का मलबा पश्चिमी सियांग जिले में मिला था। इस विमान ने तीन जून को असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी।

IAF Pays tribute to the brave Air-warriors who lost their life during the #An32 crash on 03 Jun 2019 and stands by with the families of the victims. May their soul rest in peace.

विमान का मलबा जिस स्थान पर मिला था वह अरुणाचल प्रदेश में एएन-32 के उड़ान मार्ग से करीब 15-20 किलोमीटर उत्तर की ओर है। वायुसेना ने बयान में कहा था कि 12,000 फीट पर एक छोटे से गांव लिपो के पास विमान का मलबा मिला है।

लीपो गांव के घने जगंलों में विमान का मलबा मिलने के बाद वायुसेना ने इसकी तस्वीर जारी की थी। दुर्गम पहाड़ी इलाके से विमान के दुर्घटनाग्रस्त स्थल की जो तस्वीर में मलबा बिखरा हुआ और आसपास के पेड़ जले हुए दिख रहे थे। जिससे यह आशंका जताई गई थी कि विमान के क्रैश होने के बाद इन पेड़ों में आग लगी होगी।

बात दें कि वायुसेना के एएन-32 विमान ने असम के जोरहाट बेस से तीन जून को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे उड़ान भरी थी। जिसके बाद ये लापता हो गया। इसमें 13 लोग सवार थे। एएन-32 विमान का अरुणाचल प्रदेश से जमीनी स्रोतों से अंतिम संपर्क तीन जून को ही दोपहर एक बजे हुआ था। विमान की तलाश में वायु सेना, सेना, जिला और स्थानीय प्रशासन सघन तलाशी अभियान चला रहे थे।