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दलित हिन्दू बुजुर्ग महिला की हत्या की सुलेमान नदाफ, खलील नदाफ, मलील नदाफ, जलिल नदाफ ने,विधायक फय्याज अहमद के खास

मधुबनी में दीप जलाने को लेकर विवाद: पड़ोसियों द्वारा 70 वर्षीय महिला कला देवी की गला दबाकर हत्या करने का आरोप।
 मृतक के पुत्र सुरेंद्र मंडल ने सुलेमान नदाफ, खलील नदाफ, मलील नदाफ, जलिल नदाफ आदि के खिलाफ FIR किया। परिवार के सदस्यों ने हत्या आरोपितों को स्थानीय विधायक फैयाज अहमद का करीबी बताया है। जिसके बाद यह आशंका जाहिर की जा रही है कि मामले को अलग रूप देकर दोषी को बचाया जाएगा।
बिहार के मधुबनी में एक मुस्लिम परिवार ने 70 साल की बुजुर्ग महिला काला देवी (उर्फ कैली देवी) की गला दबाकर हत्या कर दी। यह दिन था रविवार (अप्रैल 5, 2020) का। हत्या को अंजाम देने के बाद सुलेमान नदाफ, मलील नदाफ और शरीफ नदाफ फरार है। घटना जिले के रहिका प्रखंड के सतलखा मानी दास टोल की है।
इस बाबत हमने मृतक महिला काला देवी (पति: जवाहर मंडल) के बेटे सुरेंद्र मंडल से बात की। उन्होंने हमें इस घटना से संबंधित पूरी बात बताई और साथ ही कई सारे सवाल भी खड़े किए। सुरेंद्र मंडल ने बताया कि यह हिन्दू बहुल इलाका है। यहाँ पर सिर्फ दो ही मुस्लिम परिवार रहते हैं और वो भी कहीं और से आकर बसे हुए हैं। शरीफ नदाफ का यहाँ पर ससुराल है। उसका घर रहिका के अंदर मुस्लिम बस्ती में है।
मधुबनी में दीप जलाने को लेकर विवाद: मुस्लिम परिवार ने 70 वर्षीय हिंदू महिला की गला दबाकर हत्या की
सुरेंद्र ने बताया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर रात के 9 बजे कुछ बच्चे दीपक जलाने के बाद इधर-उधर खेल रहे थे। शरीफ नदाफ ने गाली-गलौज शुरू कर दी। भद्दी और गंदी गालियाँ देने के साथ ही कहा कि इस मुहल्ले में कोई भी बच्चा हिंदू का नहीं है, सभी बच्चे मुस्लिमों की पैदाइश हैं।
सुरेंद्र का परिवार दरवाजे पर बैठा ये सब सुन रहा था। लेकिन उन्होंने आरोपितों को जवाब नहीं दिया। बकौल सुरेंद्र आरोपित नशे में थे। इस वजह से उन लोगों ने उनके साथ उलझना मुनासिब नहीं समझा। वे लोग चुप रहे।
इसके बाद सुलेमान नदाफ का बेटा मलीन नदाफ घर से बाहर निकला और एक बच्चे को धक्का देकर वहाँ से भगा दिया। इस पर सुरेंद्र ने आपत्ति जताते हुए कहा कि आप बच्चे को धक्का क्यों दे रहे हैं, ये आपके घर के आगे तो नहीं हैं। इन्हें खेलने दीजिए। अगर आप देश के प्रधानमंत्री की बात नहीं मान सकते तो फिर उल्लंघन भी मत कीजिए। जो पालन कर रहे हैं, उनको करने दीजिए। इसके बाद उसने बच्चे को छोड़ दिया और सुरेंद्र की घर की तरफ बढ़ गया।
सुरेंद्र के घर के बाहर ही बेंच पर उनकी माँ काला देवी बैठी हुईं थीं। मलीन नदाफ ने काला देवी के सिर पर दो-तीन बार मारा। सुरेंद्र ने ये देखा लेकिन उन्होंने ये नहीं सोचा था कि वो ऐसा कुछ करेगा, इसलिए वो आगे बढ़ गए। सुरेंद्र के छोटे भाई भी वहीं पर थे। उन्होंने काला देवी के साथ हाथापाई करते हुए देखा तो वहाँ पर गए और उससे कहा कि आपने पी रखी है, आप यहाँ से जाओ। मगर इससे पहले ही मलीन नदाफ ने काला देवी के सिर पर मारने के बाद इतनी जोर से गला दबाया कि वह बेंच पर से नीचे गिर गईं।
मृतका काला देवी
उनके गिरने के साथ ही चीख-पुकार मच गई। उनको आँगन लाया गया। आँगन में काला देवी ने दो बार हिचकी ली और फिर वहीं पर दम तोड़ दिया। इसके बाद उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुरेंद्र ने कहा, “आक्रोश तो हम लोगों में इतना था कि सोचे उसके घर में आग लगा देंगे, मार देंगे। लेकिन हम लोगों ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। हम लोगों ने सब कुछ समाज के ऊपर छोड़ दिया कि वो लोग जैसा कहेंगे, वैसा ही करेंगे।”
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इधर वो लोग काला देवी को लेकर हॉस्पिटल गए और उधर वो तीनों फरार हो गए और 24 घंटे से ज्यादा बीतने के बाद भी प्रशासन ने उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इतनी बड़ी घटना होने के बाद तो अब तक कार्रवाई हो जानी चाहिए। घटना के बाद सुरेंद्र ने तुरंत मुखिया को बुलाया और इसका समाधान करने के लिए कहा। उन्होंने कहा, “आज यहाँ पर दो मुस्लिम परिवार रहकर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। अगर यहाँ पर हिन्दुओं का सिर्फ दो परिवार होता तो ये लोग कब का उजाड़ कर मार दिए होते, घर में आग लगा दिए होते। लेकिन हम लोगों ने कभी उनके साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया। हमने कभी नहीं समझा कि ये लोग मुसलमान हैं। आज हमारे साथ हुआ है। कल को किसी और के साथ हो सकता है।”
सुरेंद्र ने बताया कि घटना के बाद रात के 10-11 बजे पुलिस स्टेशन के बड़े बाबू को फोन कर जानकारी दी, लेकिन उनसे ठीक से बात नहीं हो पाई। इसके बाद उन्होंने 4 लोगों के साथ पुलिस स्टेशन जाकर तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। फिर प्रशासन घर पर आकर पूरी जानकारी लेकर गई। पुलिस ने सुलेमान से भी फोन पर बात की। सुलेमान से पुलिस ने आधे घंटे में आने की बात कही। सुरेंद्र ने यह भी बताया कि उन्होंने जब आरोपितों के घरवालों से सुलेमान के नंबर माँगे तो उन्होंने बोला कि उनके पास नंबर नहीं है, लेकिन जब पुलिस ने माँगी तो उनकी बहू ने नंबर दे दिया।
वहीं प्रशासन की तरफ से किसी तरह का मदद मिलने की बात पर सुरेंद्र ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद फिर से प्रशासन उनके घर पर आ गई और जल्दी से अंतिम संस्कार करने के लिए कहने लगी। लेकिन वो लोग भी अड़े थे कि जब तक उनको इंसाफ नहीं मिलेगा, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इसके बाद थाने की तरफ से कहा गया कि आप शव का दाह-संस्कार कर दीजिए, जो भी प्रक्रिया होगी, वो बाद में होगी। मुखिया जय प्रकाश चौधरी ने अंतिम संस्कार के लिए 3,000 की राशि दी।
राष्ट्रीय जनता दल के स्थानीय विधायक फैयाज अहमद पर आरोपितों को बचने और मामला रफा दफा करने के लिए प्रशासन पर दबाब बनाने का आरोप लग रहा है। सुरेंद्र ने बताया , “हम लोगों को विधायक से किसी तरह की सहायता नहीं मिलती है। मुस्लिम परिवारों को उनकी तरफ से हर तरह से सहायता मिलती है। उन लोगों को छोटी से छोटी समस्या होती है, तो तुरंत समाधान होता है, क्योंकि वे उनकी बिरादरी के हैं। उनके साथ कुछ भी होता है तो विधायक फ़ैयाज़ अहमद और सरपंच फकरे आलम की गाड़ी तुरंत पहुँच जाती है, लेकिन हमारे साथ इतनी बड़ी घटना हो गई कोई नहीं आया।”
इस संबंध में विधायक फैयाज अहमद का पक्ष जानने के लिए हमने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया (बात होते ही हम उनके पक्ष से आपको अपडेट करेंगे।)। सुरेंद्र ने कहा, “वे उन दो मुस्लिमों परिवार (आरोपित)की हर समस्या में आते हैं और हमारे साथ इतना बड़ा कांड होने के बाद भी नहीं आए तो हम कैसे मान लें कि वे हमारे साथ हैं? आज अगर मुस्लिमों के साथ कुछ होता तो विधायक फैयाज जी भी आते और फकरे आलम भी दौड़कर आता। लेकिन जब हमारे साथ हुआ तो कोई नहीं आया।”
सुरेंद्र ने सरपंच फकरे आलम पर सुलेमान नदाफ, मलील नदाफ और शरीफ नदाफ की मदद का आरोप लगाया है। उसने बताया की फरार होने से पहले आरोपित फकरे आलम के पास ही गए थे। फकरे आलम इस मामले में मुस्लिमों के नाम न आने देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हालत देखते हुए प्रशासन की तरफ से मौके पर एक कोतवाल को तैनात किया गया है।

कुल मौत: इटली 17,127,अमरीका 12,813,स्पेन 14,045,इंग्लैंड 6149,फ्रांस 10,328,जर्मनी2016,चीन 3331, भारत कुल मौत 150…अभी तक

अमेरिका में 24 घंटे में 2000 मौतें, दुनियाभर में मृतकों की संख्या 81000 पार
कोरोना वायरस से मृतकों की संख्या में रोज बढ़ोतरी हो रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में 81 हजार से ज्यादा मौत हो चुकी है। अमेरिका में भी दिनोंदिन स्थिति गंभीर होती जा रही है। स्वीडन में 24 घंटे में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। जबकि पाकिस्तान की जेल में 50 कैदी संक्रमित हो गए हैं। फ्रांस में भी मरने वालों की संख्या दस हजार के पार हो गई है। अमेरिका ने WHO की फंडिंग पर रोक लगा दी है।
सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्री ने मंगलवार को आगाह किया कि कुछ ही हफ्तों में देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या तेजी से बढ़कर दो लाख तक पहुंच सकती है।
  • 5267 new cases and 704 new deaths in Spain [source]
  • 351 new cases and 1 new death in Japan
  • 128 new cases and 9 new deaths in Egypt [source]
  • 393 new cases and 15 new deaths in Peru [source]
  • 11059 new cases and 1417 new deaths in France [source]
  • 345 new cases and 36 new deaths in Ireland, 27 deaths located in the east, 6 in the north and 3 in the south of the country [source]
  • 3892 new cases and 76 new deaths in Turkey, earlier, the government reported 228 868 number of tests. The figure was later changed to 222 868 because of an alleged reporting mistake [source]
  • 225 new cases and 2 new deaths in Qatar [source]
  • 91 new cases and 1 new death in Iraq [source]
  • 46 new cases and 2 new deaths in Cuba [source]
  • 28 new cases and 1 new death in Bulgaria, a 36-year-old man [source]
  • 301 new cases and 6 new deaths in Chile [source]
  • 3 new cases and 1 new death in Malawi: 1st death, a 51-year-old woman [source] [source]
  • 1380 new cases and 403 new deaths in Belgium: including 241 previously unreported deaths in retirement homes [source]
  • 6 new cases and 1 new death in Latvia: a 75-year-old man with underlying health issues [source] [source]

पकड़ी गयीं पांचों: राहिमा खातून, शकीना खातून, जाहूरा खातून, रजीफा खातून व एफ खातून,मरकज़ में शामिल थी,छुप कर बैठी थी

5 महिलाओं को उत्तरप्रदेश के कुशीनगर से ढूँढ निकाला गया है। खुफ‍ियाँ एजेंसियों से इनपुट मिलने के बाद इनकी तलाश यहाँ शुरू हुई थी। मगर, कल देर रात जाकर पुलिस को इन्हें खोज निकालने में सफलता मिली।
बता दें, पाँचों औरतों के अलावा पुलिस ने इनके शौहरों को भी हिरासत में लिया है। इनमें से 2 लोगों को परसों चिह्नित किया गया था और 3 को कल सुबह पकड़ा गया। पतियों के गिरफ्तारी के बाद भी ये महिलाएँ पुलिस से छिपी हुईं थी। लेकिन कल रात इन्हें भी धर पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार ये सभी असम के निवासी हैं। जो 9 मार्च को मरकज़ से निकले और कुशीनगर में जाकर छिप गए।
कुशीनगर के पुलिस अधीक्षक के अनुसार, “एक ईमेल आया था, जिसमें ये सूचना थी कि असम के रहने वाले 10 लोग दिल्ली के जमात में शामिल होकर 9 मार्च को वहाँ से निकले थे। वे जनपद कुशीनगर में छिपे हो सकते हैं। पहले जब सूचना के आधार पर तलाशी कराई गई, तो ये लोग नहीं मिल पाए। बाद में इनके पीछे सूचना तंत्र और विश्वासपात्र लोगों को लगाया गया। जिससे 2 लोग पकड़ में आए और इनको चिह्नित करके क्वारंटाइन कराया गया। बाद में 3 व्यक्ति पकड़े गए। उन्हें भी एंबुलेंस से भिजवाकर क्वारंटाइन कराया गया। इसके बाद पाँच महिलाएँ शेष थीं। पर उन्हें भी (रात में) चिह्नित करते सेंटर भेजा गया।”
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, देर रात पकड़ी गई इन औरतों की पहचान राहिमा खातून, शकीना खातून, जाहूरा खातून, रजीफा खातून व एफ खातून के रूप में हुई है। अब इन्हें और इनके पतियों को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। सभी के सैंपल जाँच के लिए गोरखपुर भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद इनपर आगे की कार्रवाई होगी।
खबर के अनुसार, इन महिलाओं को सोमवार देर रात नगर से सटे गाँव अमवा जंगल में उसी मकान से पकड़ा गया जहाँ दो दिन पूर्व दो जमाती पकड़े गए थे। बाद में पता चला कि ये महिलाएँ पकड़े गए जमातियों की खातूनें हैं। पुलिस ने महिलाओं के पकड़े जाने के बाद इनके ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज कर लिया और फिर जाँच के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
एसपी कुशीनगर विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि जमाती दिल्ली से 9 मार्च को कुशीनगर के लिए चले। 11 मार्च को हाटा के एक हाजी ने उन्हें शरण दी। लॉकडाउन होने के बाद वहीं इन्हें अलग-अलग गाँवों में अपने मददगारों के जरिए शरण दे रहा था। उनके मुताबिक सभी के सैंपल जाँच के लिए भेजे गए हैं। यदि जाँच रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो इन सभी पर कोरोना अपराधी का भी केस दर्ज किया जाएगा।
यहाँ बता दें 2 दिन पहले यानी रविवार रात को पुलिस ने अमवा गाँव के जंगल स्थित एक मकान में छापेमारी कर हाशिम तथा यशोधर अली को पकड़ उन्हें जाँच के लिए जिला अस्पताल भेजा था। पूछताछ में मालूम हुआ था दोनों मरकज में शामिल होने के बाद हाटा फिर पडरौना पहुँचे थे। इसके बाद पुलिस ने जमातियों व उनके मददगारों सलाउद्दीन, साहिल, खुदाद्दीन, शाकिर अली व हाजी हमीद के विरुद्ध धारा 188, 269, 271 आइपीसी व 51 बी आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
फिर, सोमवार शाम को ही नेबुआ-नौरंगिया थाने के गाँव पटेरा बुजुर्ग से भी दो जमाती पकड़े गए। इनकी पहचान अब्दुल सलाम व फकरूद्दीन के रूप में हुई। दोनों ने पुलिस के सामने निजामुद्दीन मरकज में शामिल होने की बात स्वीकार की। दोनों के साथ रहे एक अन्य जमाती ऐनुलहक ने देर शाम पडरौना कोतवाली में पहुँच खुद के मरकज में शामिल होने की जानकारी दी। उसने बताया था कि वह भटक गया है। पुलिस की जाँच में पाँचों के तार आपस में जुड़े मिले।

मध्यप्रदेश के 4 और अधिकारी क्‍वारंटाइन

मध्य प्रदेश के 4 अधिकारियों को होम क्वॉरेंटाइन पर भेजा गया है. इन अधिकारियों में अनुराग जैन, अरविंद दुबे, सुदाम खांडे और अभिषेक दुबे शामिल हैं.
भोपाल.  भोपाल में कोरोना वायरस (Coronavirus) मरीजों की लगातार संख्या बढ़ रही है. भोपाल में दो आईएएस अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के पॉजिटिव आने के बाद अब चार और आईएएस अधिकारियों ने खुद को क्‍वारंटाइन कर लिया है. चार आईएएस अधिकारियों ने खुद को क्‍वारंटाइन (Quarantine) करने के लिए अनुरोध किया था. इसके बाद अब चारों अधिकारी प्रशासन अकादमी के गेस्ट हाउस में क्‍वारंटाइन पर चले गए हैं.
प्रशासन अकादमी के गेस्ट हाउस में किया गया क्‍वारंटाइन
आईएएस अधिकारी जे विजय कुमार और पल्लवी जैन गोविल कोरोना पॉजिटिव मिले है. इसके बाद से अधिकारियों में कोरोना वायरस को लेकर चिंता बढ़ गई है. यही वजह है कि चार अधिकारियों अनुराग जैन अपर मुख्य सचिव वित्त, अरविंद दुबे उप सचिव मुख्य सचिव कार्यालय,सुदाम खांडे मुख्य कार्यकारी अधिकारी राज्य सड़क प्राधिकरण, अभिषेक दुबे अपर संचालक स्वास्थ्य विभाग क्‍वारंटाइन पर चले गए हैं. इन अधिकारियों ने खुद ही अनुरोध किया था कि इन्हें क्‍वारंटाइन किया जाए जिसके बाद चारों अधिकारियों को प्रशासन अकादमी के गेस्ट हाउस में क्‍वारंटाइन कर दिया गया है. भोपाल में लगातार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कोरोना की जद में आये हैं. इसके बाद से लगातार अधिकारियों के सैंपल लिए जा रहे हैं. इन अधिकारियों ने खुद में शुरूआती लक्षण देखे जाने के बाद ही क्‍वारंटाइन करने की बात कही है.
डॉक्टर रूबी खान भी कोरोना पॉजिटिव
कोविड-19 के लक्षण डॉक्टर रूबी खान में मिले थे. उनकी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. रूबी खान ने प्रशासनिक अकादमी के छात्रावास में खुद को क्‍वारंटाइन पर रखा था. अस्पताल जाने के लिए वो तैयार नहीं थी. अधिकारियों की भी बात रूबी नहीं मान रही थी. अब रूबी खान को सर्व सुविधायुक्त अस्पताल में शिफ्ट करा दिया गया है. रूबी खान के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की अपर संचालक डॉ. बीना सिन्हा भी प्रशासनिक अकादमी में कोर्णाक और उसे पाने के बाद से क्वॉरेंटाइन पर थी. इसके बाद उनको भी अब अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है.
प्रशासनिक अकादमी के छात्रावास में डॉक्टर रूबी खान और स्वास्थ्य विभाग की अपर संचालक डॉक्टर वीणा सिन्हा क्‍वारंटाइन थी. इसके बाद से छात्रावास और प्रशासन अकादमी को सैनिटाइज किया गया है. सेनेटाइज करने के बाद ही प्रशासन अकादमी के गेस्ट हाउस में चारों अधिकारियों को क्‍वारंटाइन गया है.

मोदी की खरी खरी ट्रम्प को,हमारी जरूरत के बाद का का मिलेगा,फ्री में सुन ली,6अप्रेल को हटा चुका था प्रतिबंध

हालांकि भारत 6 अप्रेल को ही आवश्यकता से अधिक मौजूद स्टॉक को प्रतिबंध मुक्त कर चुका था लेकिन ट्रम्प को प्रेस ब्रीफ करने वाले कि बेवकूफी कहें या जानबूझकर की गई लापरवाही की 7 अप्रेल को ट्रम्प का भारत पर बयान आया जिसपर विदेश मंत्रालय ने ट्रम्प को साफ साफ समझा दिया।
भारत ने मंगलवार को साफ शब्‍दों में कहा कि देश की घरेलू जरूरतों को पूरा करने के बाद इस दवा की उपलब्‍धता को देखते हुए फैसला किया जाएगा. न्‍यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि देश की जरूरतों को पूरा करने के बाद बचे हुए स्‍टॉक को मानवीय आधार पर बाहर भेजने के बारे में विदेश मंत्रालय और फार्मा विभाग फैसला लेगा.
इसके बाद विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए मानवीय आधार पर भारत ने फैसला किया है कि हमारी क्षमताओं पर निर्भर रहने वाले पड़ोसियों को पैरासीटमॉल और हाइड्रोक्‍सीक्‍लोरोक्‍वीन दवाएं भेजी जाएंगी. इसके साथ ही ये भी कहा गया कि हम इन दवाओं की सप्‍लाई उन देशों में भी करेंगे जोकि कोरोना महामारी से सबसे ज्‍यादा प्रभावित हैं. इसके साथ ही इस मसले पर कोई कयास नहीं लगाया जाना चाहिए और ना ही इस पर राजनीति करनी चाहिए.
पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ टेलीफोन बातचीत में डोनाल्‍ड ट्रंप ने मलेरिया के लिए इस्‍तेमाल की जाने वाली ‘हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन’ दवा की मांग की थी. ट्रंप इस दवा को कोरोना के खिलाफ उपयोगी मानते हैं. भारत ने इस दवा के निर्यात पर पाबंदी लगा रखी है.
विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के बयान (Trump threat to india) को अधिक तवज्जो देने से मना करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है। ट्रंप ने अमेरिका में दिये अपने बयान में कहा था कि अगर भारत ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (hydroxychloroquine) पर से प्रतिबंध नहीं हटाया तो अमेरिका भी जवाबी कार्रवाई कर सकता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने इसके बाद उठे विवाद पर कहा कि यह किसी भी सरकार का दायित्व होता है कि पहले वह सुनिश्चित करे कि उसके अपने लोगों के पास दवा या इलाज के हर जरूरी संसाधन उपलब्ध हों। इसी के मद्देनजर शुरू में कुछ एहतियाती कदम उठाए गए थे और कुछ दवाओं के निर्यात को प्रतिबंधित किया गया था।
तसल्ली होने पर हटाए प्रतिबंध
बाद में स्थिति की समीक्षा की गयी और इस बात की तसल्ली की गयी कि देश के अंदर की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त दवा है, तब जाकर इन अधिकतर प्रतिबंध को हटा लिया गया। सोमवार को 14 दवाओं पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया गया। जहां तक पैरासिटामोल और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की बात है वह लाइसेंस कैटेगरी में रहेगी और उसकी मांग पर लगातार नजर रखी जाएगी। लेकिन अगर मांग के अनुरूप आपूर्ति रही तो फिर कुछ हद तक निर्यात की अनुमति दी जा सकती है।
भारत मानवीयता के आधार पर देगा दवा
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि कोरोनावायरस महामारी के समय भारत ने हमेशा कहा है कि ऐसे कठिन हालात में पूरे विश्व को एक होकर इससे लड़ना होगा। इसमें मानवीय पहलू के बारे में भी सोचना होगा। भारत ने कहा कि वह इन दवाओं को उन जरूरतमंद देशों को भी भेजेगा जो इस बीमारी से सबसे अधिक ग्रसित हैं। विदश मंत्रालय ने कहा कि ऐसे कठिन परिस्थिति में किसी तरह के अनर्गल विवाद को खड़ा नहीं किया जाना चाहिए।
दवा को लेकर भारत-अमेरिका के बीच विवाद है पुराना
मालूम हो कि दाव और मेडिकल डिवाइस को लेकर भारत-अमेरिका के बीच यह कोई नया विवाद नहीं है। दोनों देशों के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील के लटकने के पीछे इस पर भारत की सख्ती ही मुख्य कारण बतायी जा रही है। भारत ने लगातार कहा है कि वह पहले अपने लोगों की जरूरतों को देखेगा, जब अमेरिका भारत पर इन पर ढील देने का दबाव बनाता रहा है।

विधायक गिरफ्तार,झूठी अफवाह फैलाता रँगे हाथ पकड़ाया,जाहिलपन की लिमिट

असम में एक विपक्षी दल के विधायक को कोविड-19 के मरीजों के इलाज के लिए बनाए गए अस्पतालों की हालत, डिटेंशन सेंटरों से बदतर बताने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। राज्य पुलिस प्रमुख ज्योति महंत ने बताया कि अखिल भारतीय संयुक्त गणतांत्रिक मोर्चा (एआईडीयूएफ) के ढिंग निर्वाचन क्षेत्र से विधायक अमीनुल इस्लाम को प्राथमिक जांच के बाद आज सुबह गिरफ्तार किया गया। विधायक की एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी, जिसमें वह एक अन्य व्यक्ति के साथ बातचीत में विधायक कहते हैं कि क्वारंटाइन सेंटर की हालत डिटेंशन सेंटर से भी बदतर है।
कहा जा रहा है कि नगाँव पुलिस को टेलीफोन पर हुई बातचीत की एक ऑडियो क्लिप मिली थी। जिसमें इस्लाम अपने परिजनों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद इस पूरे मामले को साम्प्रदायिक रूप देने की कोशिश कर रहा था। उसने कोरोना वायरस के चलते असम सरकार पर मुसलमानों के ख़िलाफ़ साजिश रचने का भी आरोप लगाया था।पुलिस के पास पहुँची ऑडियो क्लिप में विधायक दावा कर रहा है कि क्वारंटाइन सेंटर्स में लोग मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं, जबकि वास्तविकता में वे बिलकुल फिट और स्वस्थ हैं। इस्लाम का कहना है कि क्वारंटाइन सेंटर में निजामुद्दीन से लौटे लोगों का मेडिकल स्टाफ शोषण करता है। वे वहाँ स्वस्थ लोगों को इंजेक्शन देते हैं, ताकि वो बीमार हो जाएँ और कोरोना मरीज बन जाएँ।
ऑल इंडिया यूनाइटिड डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेता अमिनुल इस्लाम को गिरफ्तार किया गया है। इस्लाम पर आरोप है कि उसने क्वारंटाइन सेंटर के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की और उसे डिटेंशन सेंटर बताया।
दरअसल, ढिंग से विपक्षी विधायक अमिनुल इस्लाम ने क्वारंटाइन सेंटर्स को लेकर गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया और उसे न केवल डिटेंशन सेंटर बताया बल्कि ये भी कहा कि वहाँ इंजेक्शन देकर लोगों को मारा जाता है।
पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत ने पीटीआई को बताया कि सोमवार को विधायक को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद उसे आज सुबह गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने ये कार्रवाई AIUDF विधायक की विवादस्पद टिप्पणी पर की, जिसमें उसने क्वारंटाइन सेंटर्स को लेकर भ्रम फैलाया। महंत ने कहा कि अमीनुल इस्लाम पर भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत आपराधिक साजिश रचने और समुदायों के बीच अप्रभाव फैलाने का मामला दर्ज हुआ है। इसके अलावा उसकी गिरफ्तारी की सूचना असम स्पीकर को दे दी गई है।
यहाँ बता दें कि इससे पहले ढिंग विधायक ने निजामुद्दीन मरकज़ का भी बचाव किया था। इस दौरान इस्लाम का कहना था कि मरकज़ में कोई भी संक्रमित नहीं पाया गया है और इस बीमारी के फैलने के पीछे मरकज़ का हाथ नहीं है। विवादित टिप्पणी करने पर AIUDF विधायक ने मीडिया पर भी आरोप लगाया था कि निजामुद्दीन मरकज़ पर झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं। इससे पहले एक फेसबुक पोस्ट में उनका ये भी दावा था कि असम में आया पहला केस दिल्ली के मरकज़ भी नहीं गया था।

【LIVE VIDEOS】 जिहादी जमातियों ने किया पुलिस पर हमला,चौकी जलाने की कोशिश,पुलिस ने तमीज़ सिखाई

जमातियों के साथ जिहादियों ने किया पुलिस पर हमला बाद में चौकी जलाने का प्रयास भी किया।वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को भी चोट आई।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सोमवार की दोपहर इज्जतनगर थाना क्षेत्र के करमपुर में दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में हुई जमात से लौटे तब्लीगियों की तलाश में पहुंचे दो सिपाही से लोगों ने हाथापाई की। सिपाहियों ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस बैरियर वन चौकी पहुंचाया। पुलिस लोगों को घरों में रहने के लिए समझा रही थी। तभी चौकी पर करीब 400 की भीड़ ने हमला कर दिया और आग लगाने की कोशिश की। पुलिस को लाठीचार्ज कर स्थिति पर काबू पाना पड़ा। इस दौरान आईपीएस अभिषेक वर्मा को चोटें आई हैं। एसपी सिटी रविंद्र कुमार ने कहा- आरोपियों पर रासुका लगेगी।
यह है पूरा मामला
गांव करमपुर चौधरी में तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों के होने की सूचना पर दोपहर दो सिपाही पहुंचे थे। सिपाही लोगों से जानकारी कर रहे थे, लेकिन लोगों ने असहयोग किया और हाथापाई की। इसके बाद दोनों सिपाही वहां से दो लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस बैरियर वन चौकी ले आए। लेकिन थोड़ी देर बाद गांव के प्रधान तसब्बुर खान की अगुवाई में 300 से 400 लोग पुलिस चौकी पर पहुंच और आगजनी करने की कोशिश की।
इसकी सूचना जब सीओ अभिषेक वर्मा आईपीएस मौके पर पहुंचे तो उनसे भी लोग भिड़ गए और हाथापाई की। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। लाठी चलाने के दौरान आईपीएस अभिषेक वर्मा का पैर फिसल गया और वे गिरकर घायल हो गए। पुलिस ने मौके से 18 लोगों को पकड़ा है। गांव व पुलिस चौकी पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
आगरा व कन्नौज में भी पुलिस टीम पर हुआ था हमला
इससे पहले रविवार को आगरा में पिनाहट थाना क्षेत्र के भदरौली कस्बे में रविवार की दोपहर भीड़ ने दो सिपाहियों पर हमला कर दिया। लॉकडाउन का उलंघन कर रहे लोगों को ये सिपाही सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में समझा रहे थे। भीड़ ने सिपाहियों की पीटा। सिपाही जसपाल व योगेंद्र को भाग कर अपनी जान बचानी पड़ी। वहीं, कन्नौज में बीते शुक्रवार को एक मकान की छत पर नमाज पढ़ी गई। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया तो फावड़े व कुल्हाड़ी से हमला किया गया। इस दौरान एलआईयू सिपाही, चौकी इंचार्ज समेत चार पुलिस कर्मियों को गंभीर चोटें आई थीं
इज्जतनगर थाना क्षेत्र में लॉक डाउन का पालन कराने गई पुलिस टीम उपद्रवियों ने हमला कर दिया। इस हमले में आईपीएस अफसर अभिषेक वर्मा समेत कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। जवाब ने पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए उग्र भीड़ को खदेड़ा और मौके से महिलाओं समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इन सभी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर रही है।
लॉक डाउन का पालन कराने पहुंची पुलिस
मामला इज्जतनगर के कर्मपुर चौधरी का है जहाँ पर लॉक डाउन का पालन कराने गए पुलिसकर्मियों पर भीड़ ने हमला कर दिया। पुलिस पर हमले की सूचना पर एसपी सिटी भारी पुलिस फ़ोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और लाठी चार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। इस दौरान आईपीएस अभिषेक वर्मा और अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं जिन्हे इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा जा रहा है।
होगी कठोर कार्रवाई
एसपी सिटी रविंद्र सिंह ने बताया कि इज्जतनगर इलाके के कर्मपुर चौधरी में चीता मोबाइल के दो पुलिसकर्मी गाँव में लॉक डाउन का पालन कराने गए थे जहाँ पर लोगों ने उन पर हमला कर दिया जिसके बाद पुलिसकर्मी वेरियर वन चौकी पर वापस आ गए। करीब 200 से 250 लोगों की भीड़ चौकी पहुंच गई और हमला किया। बाद में पुलिस फ़ोर्स बुला कर पुलिस गाँव में गई तो फिर हमला करने की कोशिश की गई। एसपी सिटी का कहना है कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है इनके ऊपर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। एसपी सिटी का कहने है कि पूरी घटना की वीडियो रिकार्डिंग पुलिस के पास है और इस घटना में जितने भी लोग शामिल हैं उनको चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।

सनी लियोनी ने फोटो जारी की,24 घण्टे में 13 लाख से ज्यादा लोगो ने पसन्द कर डाली

सारे सेलिब्रिटीज अपने अपने तरीके से करोना वायरस के तांडव के बीच लोगो को कुछ न कुछ नया दे रहे हैं।गूगल पर सबसे ज्यादा खोजी जाने वाली अभिनेत्री सनी लियोनी ने नए फोटो जारी किए हैं जिनको 1 दिन में 13 लाख से ज्यादा लोगो ने देख डाले हैं।
बॉलीवुड एक्ट्रेस सनी लियोनी भी कोरोना वायरस के चलते इस समय घर पर ही हैं और अपनी फैमिली संग समय बिता रही हैं। इसके साथ ही वो सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस के साथ जुड़ी हुईं हैं और लगातार अपनी तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। हाल ही में एक बार फिर एक्ट्रेस ने अपनी फोटो शेयर की है जिसे लेकर वो चर्चा में हैं।
दरअसल सनी ने इंस्टाग्राम पर अपनी दो तस्वीरें शेयर की हैं जिसमें वो बिकिनी पहने नजर आ रही हैं। इन फोटोज में सनी ऑरेंज कलर की बिकिनी पहने हुए हैं जिसके साथ उन्होंने व्हाइट क्रॉप टॉप पहना है। इसके साथ येलो हील्स पहने और खुले बालों में नजर आ रही हैं। अपनी इन बोल्ड तस्वीरों को शेयर कर एक्ट्रेस ने लिखा, ‘घूर सकते हैं।’
सनी की यह फोटोज उनके फैंस को काफी पसंद आ रही है और वो लगातार कमेंट कर एक्ट्रेस की तारीफ कर रहे हैं। इस तस्वीर को अब तक 13 लाख से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं। मालूम हो कि इससे पहले हाल ही में सनी ने अपनी बिकिनी फोटो शेयर की थीं और एक्ट्रेस की उन तस्वीरों को भी काफी पसंद किया गया था मालूम हो कि सनी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और अक्सर खुद से जुड़े पोस्ट शेयर करती रहती हैं। इंस्टाग्राम पर उनके 33 मिलियन यानी 3.3 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।

3 दलित बच्चे जिंदा जल गए,1 महिला मरनासन्न, दलित नेताओं की बोलती बंद

दलित बस्ती में आग लगाने से 3 बच्चे जिंदा जल गए और एक महिला मरणासन है।भारत के दलित नेताओं ने चुप्पी साध रखी है।बताया जा रहा है क्षेत्रीय मुसलमानों ने कुछ दिन पहले ही धमकी दी थी।
रविवार को पाकिस्तान के सिंध प्रांत में घोटकी के बाहरी इलाके में राजा फार्म क्षेत्र में स्थित झोपड़ियों में आग लगने से कम से कम तीन बच्चे जिंदा जल गए। जबकि एक महिला के बुरी तरह से झुलसने की खबर है।
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Dunya news ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ये आग अचानक ही लगी और फिर देखते ही देखते फैलती चली गई। इस आग ने पास की कई झोपड़ियों को अपने चपेट में ले लिया। स्थानीय निवासियों ने किसी भी तरह से इस आग पर काबू पाया। मगर तब तक यह आग तीन मासूमों की जान ले चुका था। झोपड़ी के सभी कीमती सामान भी जलकर राख हो गई।
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जानकारी के मुताबिक जिन झोपड़ियों में आग लगी, और जिनका इससे नुकसान हुआ, वो हिंदू समुदाय के थे। अपनी आजीविका के लिए लोग खेती किया करते थे। आग ने इतनी गृहस्थी को पूरी तरह से तबाह कर दिया। इसमें होने वाले नुकसान का आकलन नहीं किया जा सका है और आग लगने के कारण का भी पता नहीं चल पाया है। हालाँकि कहीं-कहीं पर इसे किचेन से लगी आग भी बताया जा रहा है।
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जिन तीन बच्चों की आग में झुलसने से जिंदा मौत हो गई है, उनमें दो लड़का और एक लड़की बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मृत बच्चों का शव पूरी तरह से जल गया था। जिसकी वजह से उनकी शिनाख्त कर पाना मुश्किल है।
इसके अलावा सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के सिंध में हिन्दुओं के घरों में आग लगाकर जलाए जाने की घटना के बारे में दावा किया जा रहा है। हालाँकि, ऑपइंडिया इसकी पुष्टि नहीं करता है। सोशल मीडिया पर किए गए दावों में कहा गया है कि सिंध के उम्मदे अली रिंद गाँव में केसू गाँधी और अन्य 7 लोगों के घरों को आग के हवाले कर दिया गया। सातों घर जलकर राख हो गए। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान में पिछले 24 घंटों में हिंदुओं के घरों को जलाने की ये दूसरी घटना है। वै

दीये जलाने पर एक समुदाय ने किया पथराव

राजस्थान के झुंझुनू जिले में दीये जलाने के दौरान दो समुदाय आमने-सामने हो गए.
देश में दीये जलाकर एकजुटता का संदेशराजस्थान में दो पक्षों में हुआ पथराव
देश में कोरोना वायरस का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है. हालांकि कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद देश में लोगों ने दीये जलाकर एकजुटता का संदेश दिया. लेकिन इस दौरान राजस्थान से पथराव की घटना भी सामने आई है.
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर रविवार को देश में दीये जलाए गए. हालांकि राजस्थान के झुंझुनू जिले में दीये जलाने के दौरान दो समुदाय आमने-सामने हो गए. मामला इतना बढ़ गया कि दोनों समुदायों के बीच पथराव की घटना को भी अंजाम दिया गया.
यहां के फतेहपुर इलाके में पीएम मोदी की अपील के बाद एक पक्ष दीये जला रहा था तभी दूसरे पक्ष ने पत्थरबाजी शुरू कर दी. वहीं मौके पर तीन थानों की पुलिस पहुंची. जिसके बाद एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया. फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है.(Demo pic)