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मोहम्मद ज़लीज़ अंसारी की चुनौती,65 बम धमाके का मुजरिम हूँ, पुलिस वालों की भी हत्या की,कोई सज़ा करवा कर दिखाओ

कुख्यात आतंकी डॉ. जलीस अंसारी मुंबई स्थित अपने क्लीनिक में ही बम बनाता औऱ नए-नए प्रयोग करता था। एक तरह से यह क्लीनिक बम बनाने की प्रयोगशाला थी। आतंक की दुनिया में उसे  डॉक्टर बम के नाम से जाना जाता है। बताया जाता है कि उसे बम बनाने की तकनीक अब्दुल करीम टुंडा ने दी। टुंडा के साथ वह पाकिस्तान भी जा चुका है। टुंडा के आईएसआई नेटवर्क का इस्तेमाल कर वह लश्कर, सिमी समेत कई प्रतिबंधित संगठनों के सीधे संपर्क में आया।
अंसारी ने 1984 में एमबीबीएस की डिग्री हासिल कर ली थी। इसके बाद उसने मुंबई महानगर पालिका के अस्पताल में डॉक्टरी शुरू की। शाम के वक्त वह एक निजी क्लीनिक में मरीज भी देखता था। क्लीनिक चलाने के अलावा डॉक्टर मुंबई के बाईकुला में अहले अदीस संगठन का उपाध्यक्ष भी रहा। उपाध्यक्ष रहते हुए अंसारी की मुलाकात वारंगल के आसिम बहारी से हुई थी। आसिम पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेकर आया था और भारत में छिपकर रह रहा था।
आतंकी डॉ. जलीस अंसारी रविवार सुबह सात बजे अमौसी एयरपोर्ट से मुंबई के लिए रवाना हो गया। जाते जाते वह एसटीएफ अधिकारियों को चुनौती दे गया। उसने देश की कानून व्यवस्था को लचर बताते हुए कहा कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। अपने ऊपर लिखी एक किताब को पढ़ने की सलाह मुफ्त में दे गया।
शनिवार की दोपहर लगभग 3 बजे जलीस अंसारी को एसटीएफ और मुंबई एटीएस कानपुर लेकर पहुंची थी। यहां पर पूछताछ करने के बाद अल सुबह चार बजे उसे अमौसी ले जाया गया। कानपुर से लखनऊ के रास्ते में भी एसटीएफ अफसर उससे पूछताछ करते रहे। उसने साफ शब्दों में चुनौती दी कि कोई भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
‘डॉ बम’ के नाम से कुख्यात आतंकी और मुंबई में सिलसिलेवार धमाकों का दोषी डॉ जलीस अंसारी रविवार (जनवरी 19, 2020) की सुबह अमौसी एयरपोर्ट से मुंबई रवाना होने से पहले एसटीएफ अधिकारियों को चुनौती दे गया। उसने देश की कानून व्यवस्था को कमजोर बताते हुए कहा कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उसने कहा कि अब तक उसने 65 से ज्यादा धमाके किए, लेकिन पुलिस केवल 3 मामलों में उस पर आरोप सिद्ध कर पाई। इससे अंदाजा लगा लें कि स्थिति क्या है?
 (जनवरी 18, 2020) की दोपहर लगभग 3 बजे जलीस अंसारी को एसटीएफ और मुंबई एटीएस कानपुर लेकर पहुँची थी। यहाँ पर पूछताछ करने के बाद सुबह चार बजे उसे अमौसी ले जाया गया। कानपुर से लखनऊ के रास्ते में भी एसटीएफ अफसर उससे पूछताछ करते रहे। जहाँ उसने साफ शब्दों में अधिकारियों को चुनौती दी कि देश की कानून व्यवस्था ढीली है और कोई भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
जलीस ने अफसरों से कहा, “मैं 65 से ज्यादा धमाके कर चुका हूँ और अब तक मुझ पर सिर्फ़ तीन आरोप ही साबित हुए हैं। मैंने पुलिस वालों को धमाके में मारा और अब तक वह खुद पर हुए हमले के साक्ष्य नहीं जुटा पाई, इसी से अंदाजा लगा लो क्या स्थितियाँ हैं।”
अधिकारियों के सवालों का जवाब देते हुए आतंंकी ने कहा, “कोई भी बड़ा आतंकी मेरे बिना कुछ नहीं हैं। जेल में रहकर जो मैं कर सकता हूँ, वह कोई संगठन बाहर रहकर भी नहीं कर सकता।” उसने देश के मौजूदा हालातों पर भी अधिकारियों को जानकारी दी। उसने कहा कि सीएए और एनआरसी को लेकर पूरे देश में विद्रोह की एक बहुत बड़ी भूमिका तैयार हो चुकी है। अगर सरकार इसे नहीं समझ पाएगी तो इसका अंजाम भुगतना होगा।
गौरतलब है कि जलीस ने अधिकारियों के सामने ‘डेंजरस माइंड’ नामक किताब का जिक्र किया और सुरक्षा एजेंसियों को बताया कि यह किताब उसके ऊपर है। अगर वे इसे पढ़ेंगे तो उन्हें कई तथ्यों के बारे में जानकारी मिल जाएगी। बता दें कि डेंजरस माइंड किताब को हुसैन जैदी ने लिखा है। हुसैन जैदी मुंबई के रहने वाले और लंबे समय तक उन्होंने अंडरवर्ल्ड समेत आतंकवाद पर बहुत काम किया है।
 कई बार पुलिस को चकमा देकर बच निकलने में कामयाब रहे डॉ जलीस अंसारी ने पूछताछ में अपने नेटवर्क से जुड़े कई साथियों के राज उगले। इसके अलावा उसकी पॉकेट डॉयरी से कई अहम जानकारियाँ सामने आई। पता चला है किवह सेंट्रल जेल में रहकर सस्ते सामान के प्रयोग से बम बनाने का फार्मूला तैयार कर रहा था।
क्रश इंडिया मूवमेंट की शुरुआत 
80 के दशक में डाक्टर और आसिम के बीच अच्छी दोस्ती हो चुकी थी। इसी दौरान इन लोगों ने देश में नफरत फैलाने को लेकर बड़ी योजना तैयार की। इस योजना को इन लोगों ने नाम दिया क्रश इंडिया मूवमेंट।  मूवमेंट शुरू तो हुआ लेकिन उसे अंजाम कैसे दिया जाए इसे लेकर इनकी प्लानिंग सटीक नहीं थी। हालांकि बम बनाने का तरीका मोटे तौर पर आसिम बहारी ने डॉक्टर को बता दिया था।
करीम टुंडा ने सिखाया बम बनाना   
क्रश इंडिया मूवमेंट को आगे बढ़ाने के दौरान डाक्टर की मुलाकात अब्दुल करीम टुंडा से हुई। सन 1985 में टुंडा से मुलाकात के बाद अंसारी का खौफनाक चेहरा सामने आया। टुंडा ने उसे टाइम बम से लेकर आरडीएक्स के इस्तेमाल के बारे में बताया। इसके बाद जलीस ने अपना दिमाग से इस तकनीक को और विकसित किया और ऐसे टाइम बम बनाए जो सेट टाइम पर ही फटते थे।
100 से ज्यादा लोगों को तैयार किया
अंसारी तकनीकी रूप से तो ताकतवर था ही ब्रेन वॉश करने में भी उसका कोई विकल्प नहीं था। 93 में बड़े धमाके करने से पहले उसने 100 से अधिक युवाओं का ब्रेन वॉश कर उन्हें अपने मूवमेंट में शामिल कर लिया था। उसके एक इशारे पर भटके हुए युवा जान देने लेने को तैयार रहते थे।
डोरियर के सहारे पकड़ गया अंसारी 
एसटीएफ के मुताबिक डॉ. जलीस अंसारी ने 1991 से 1992 के बीच कानपुर के चक्कर लगाए थे। तब भी वह ऊंची मस्जिद के पास ही रुका था और वहीं पर अपने लोगों के साथ नमाज अदा करता था। इस दौरान एटीएस समेत अन्य खुफिया एजेंसियां इसके बारे में जानकारियां जुटा रही थीं। उस दौरान ही इसका डोरियर (रिकार्ड) तैयार किया गया था। यह वर्तमान में एटीएस समेत अन्य एजेंसियों का पास मौजूद था। जब मुंबई से वह लापता हुआ तो एटीएस ने उसके पुराने ठिकानों को खंगालना शुरू किया। इसमें कानपुर प्रमुख ठिकाना था। इसी आधार पर एसटीएफ ने उसे इतनी जल्दी गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल कर ली।
दोनों दोस्तों की कुंडली खंगाल रही एसटीएफ
एसटीएफ अंसारी के फेथफुलगंज में रहने वाले दोस्त अब्दुल रहमान और अब्दुल कय्यूम की कुंडली भी खंगाली रही है। बताया जाता है कि रहमान की मौत हो चुकी है और कय्यूम शहर में नहीं है। कय्यूम इस वक्त कहां और किस हालत में है इस संबंध में एसटीएफ के पास सटीक जानकारी नहीं है। अब एसटीएफ पता लगा रही है कि रहमान और कय्यूम के परिजनों का फेथफुलगंज से कोई वास्ता है या नहीं। बताते हैं कि अंसारी इन्हीं के साथ ऊंची मस्जिद में नमाज अदा करता था। इस संबंध में मुंबई एटीएस से भी डिटेल मांगी गई हैं। कहीं किसी रिकार्ड में उसके दोस्तों का नाम तो नहीं आया है।

मोहम्मद खुर्शीद आलम बन गया दीपक वर्मा फेसबुक पर,हिन्दू लड़की को फंसाया,गर्भवती करके फरार

उत्तर प्रदेश के अयोध्या (Ayodhya) से लव जिहाद (Love Jihad) का सनसनीखेज मामला सामने आ रहा है. यहां पहले से शादीशुदा एक मुस्लिम समुदाय के युवक ने पहले अपना नाम बदलकर हिंदू युवती से दोस्ती की फिर शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार रेप किया, वहीं युवती जब गर्भवती हुई तो आरोपी फरार हो गया. पुलिस ने युवती की शिकायत पर पर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है.
हिंदू बनकर की दोस्ती
पीड़िता के मुताबिक फेसबुक के जरिए सोनभद्र की रहने वाली युवती और अयोध्या के रहने वाले मुस्लिम समुदाय के युवक खुर्शीद आलम की मुलाकात हुई. खुर्शीद ने दीपक बनकर उससे बातचीत की और खुद को हिंदू युवक की तरह पेश किया. चैटिंग करते-करते धीरे दोनों की दोस्ती गहरी होती गई. एक दिन खुर्शीद ने युवती को प्रपोज किया जिसे उसने स्वीकार कर लिया. 22 सितंबर को खुर्शीद युवती को अयोध्या के लाया और गुप्ता गेस्ट हाउस में रुकवाया. इस दौरान शादी का झांसा देकर खुर्शीद ने युवती के साथ कई बार उसके साथ रेप किया. युवती का कहना है कि उसी गेस्ट हाउस में आरोपी युवक ने उससे शादी भी की.
शादी का झांसा देकर कई बार रेप
पीड़िता के मुताबिक खुर्शीद उसे अयोध्या से लखनऊ लाया जहां उसने ठाकुरगंज में किराए पर कमरा लेकर रखा. इस दौरान युवती गर्भवती हो गई और उसने खुर्शीद पर शादी करने का दबाव बनाया, जिसके बाद आरोपी युवक उसे छोड़कर फरार हो गया. जिसके बाद पीड़िता युवक को खोजते हुए जब अयोध्या पहुंची तो उसे पता चला कि आरोपी युवक मुस्लिम समुदाय का है, और उसका नाम दीपक वर्मा नहीं बल्कि खुर्शीद आलम है, जो कि शादीशुदा है और बाबू बाजार का रहने वाला है. जिसने हिंदू बनकर उसे प्रेम जाल में फंसाया और शारीरिक शोषण करके छोड़ दिया.
आरोपी गिरफ्तार
युवती ने प्रार्थना पत्र दिया जिसमें युवक के खिलाफ धारा 376 सहित अन्य संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया और उसके बाद पुलिस ने खर्शीद को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है. क्षेत्राधिकारी अयोध्या अमर सिंह ने कहा कि विगत 1 सप्ताह पूर्व एक युवती ने एक गैर समुदाय के युवक पर यौन शोषण का आरोप लगाया था, धारा 376 के तहत युवती ने युवक पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. विवेचना अधिकारी द्वारा विवेचना किए जाने की बात कही गई है.

मलेशिया की सारी दादा गिरी घुस गई अंदर,महातिर ने लिया उड़ता हुआ तीर

सूरमा बनने चला था मलेशिया, अब औकात में आ गया।
क्वालालंपुर. भारत की तरफ से पाम ऑयल (Palm Oil) के आयात में कटौती के बाद मलेशिया की बौखलाहट सामने आने लगी है. मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद (Prime Minister Mahathir Mohamad ) ने अब कहा है कि भारत को जवाब देने के लिए वह बहुत छोटे देश हैं. ऐसे में वे कोई समाधान निकालने की कोशिश में हैं. भारत ने मलशिया से पाम ऑइल की खरीददारी में कटौती कर दी है, जिसके बाद मलेशियाई पीएम की तरफ से यह बयान सामने आया है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार इस बात से नाराज़ है कि मलेशिया लगातार कश्मीर और नागरिकता कानून जैसे मुद्दे पर बयानबाज़ी कर रहा है.
न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कहा, ‘बदले की भावना से एक्शन लेने के लिए हम बहुत ही छोटे मुल्क हैं. हमें इन परेशानियों से निकलने के लिए कोई न कोई समाधान तलाशना होगा.’
मलेशिया की बोलती बंद
मलेशिया पाम ऑयल का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है. भारत से पाम ऑयल के आयात में कटौती के बाद मलेशिया में पाम ऑयल की कीमतें 11 साल के सबसे नीचले स्तर पर पहुंच गई हैं. कीमतों में आ रही गिरावट के चलते मलेशिया खासा परेशान है और अब वह भारत से दोबारा बातचीत के लिए रास्ता तलाश रहा है. भारत में कुल खाद्य तेल का एक तिहाई हिस्सा पाम ऑयल का होता है. भारत सालाना तौर पर करीब 90 लाख टन पाम ऑयल आयात करता है. ज्यादातर इसका आयात इंडो​नेशिया और मलेशिया से किया जाता है.
अगले हफ्ते होगी बातचीत
कहा जा रहा है कि अगले हफ्ते दावोस में होने वाली वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की मीटिंग से मलेशिया के वाणिज्य मंत्री डारेल लेइकिंग पीयूष गोयल से बातचीत कर सकते हैं. हालांकि पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार ने मलेशिया के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया है.
भारत के खिलाफ बयानबाज़ी
पिछले कुछ समय मलेशिया कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने का विरोध कर रहा है. पिछले साल संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने का मुद्दा उठाया था.

पहले रिश्ते की बहन से रेप,फिर मां रूबी खान की हत्या और मौसी रुखसाना मरने जैसी, मोहम्मद आबिद, मिंटू, महबूब, चाँद बाबू, जमील और मोहम्मद फिरोज ने

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक नाबालिग से रेप की कोशिश की जाती है। जब पीड़िता की माँ इसके लिए पुलिस में बयान दर्ज करने के अपने फैसले से पीछे नहीं हटती है, तो उन्हें सबके सामने बेरहमी से मारा जाता है, इतना मारा जाता है कि वो मर जाती हैं। आरोपितों के नाम भी जान लीजिए – आबिद, मिंटू, महबूब, चाँद बाबू, जमील और फिरोज।

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Anant Dev Tiwari, SSP: They then attacked the two witnesses in the case. In the attack, a woman was seriously injured who succumbed to her injuries. Four people have been arrested & efforts are on to nab other accused. 2/2 (17.1) https://twitter.com/ANINewsUP/status/1218351846298832896 

ANI UP

@ANINewsUP

A witness in a molestation case succumbed to her injuries at a hospital in Kanpur yesterday. Anant Dev Tiwari,SSP says, ” Accused in the 2018 molestation case were out on bail. A clash broke out between accused&victim’s family while the accused were drinking.” 1/2 (17.1)

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दरअसल, नाबालिग से बलात्कार का यह मामला 2018 का है। तब इन आरोपितों ने दिन-दहाड़े 13 साल की लड़की को अगवा कर लिया था और उसके साथ रेप की कोशिश की थी। पुलिस ने इस मामले में महबूब समेत उसके पाँच साथियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया था। इनमें आबिद, मिंटू, महबूब, चाँद बाबू, जमील और फिरोज शामिल हैं। हाल ही में आरोपितों को ज़मानत मिली थी। पुलिस के अनुसार, रिहा होते ही 9 जनवरी को ये सारे आरोपित पीड़िता के घर में जबरन घुसे और फिर उन पर केस वापस लेने का दबाव बनाया।
बलात्कार के प्रयास मामले में पीड़िता की माँ मुख्य गवाह थीं। पीड़िता की माँ ने जब केस वापस लेने से इनकार कर दिया तो बबलू, मिंटू और महबूब समेत आधा दर्जन लोगों ने मिलकर चापड़ व डंडों से पीड़िता की माँ और मौसी को इतनी बुरी तरह से पीटा कि वो दोनों अधमरी हो गईं। इस हमले में पीड़िता की माँ रूबी की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि मौसी रुखसाना गंभीर रुप से घायल हैं, जिनका इलाज अभी जारी है।
पीड़िता के परिजनों की शिक़ायत पर थाना चकेरी में आरोपितों के ख़िलाफ़ छेड़छाड़, जान से मारने के प्रयास समेत कई धाराओं में मामला दर्ज हुआ है। पीड़िता की माँ की मौत के बाद इलाक़े में तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालात पर नियंत्रण रखने के लिए मृतका के घर के बाहर और पूरे क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई है। यह मामला चकेरी थाना क्षेत्र का है। आरोपितों में से चार को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है।
सोशल मीडिया पर हमलावरों का एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि पीड़िता की माँ को कितनी बुरी तरह से मारा जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपी अपने जूतों से पीड़िता का माँ का सिर कुचल देता है।

The Desi Times@TheDesiTimes

Kanpur Woman Beaten To Death By Teen Daughter’s Alleged Molesters A five-sec clip shot from terrace of family’s home shows a woman in a red lying on the ground as a man in a white kurta and trousers hit her face with his feet .

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ख़बर के अनुसार, वर्ष 2018 में 13 साल की नाबालिग लड़की के साथ आरोपितों ने बलात्कार करने की कोशिश की थी। इस सन्दर्भ में थाना चकेरी में आईपीसी की धारा- 323, 336, 354ख और 11/12 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने चार्जशीट भी दाखिल की थी। कुछ महीनें जेल में सज़ा काटने के बाद जब वो ज़मानत पर बाहर आए थे। फ़िलहाल, पुलिस ने फ़रार आरोपितों की धड़-पकड़ के लिए पाँच टीमों का गठन किया है।

【LIVE VIDEO】जनता खुश,उत्तरप्रदेश पुलिस ने नही बनने दिया एक और शाहीन बाग,जब्त हुई फ्री की बिरयानी, फ्री के कम्बल

दिल्ली में आमजन को परेशान कर रही शाहीनबाग कि महिलाओं की तर्ज पर लखनऊ में भी जुमे की नमाज़ के बाद करने की कोशिश की गई,अपने बच्चों नवजात शिशुओं और कई गर्भवती महिलाओं को शामिल किया गया था।जनता परेशान हो इससे पहले ही पुलिस ने फ्री कम्बल बांटने वाले धर लिए,फ्री बिरयानी जब्त कर ली,चाय नाश्ते के मुफ्त व्यवस्था बन्द करवा दी।धरना खत्म।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में महिलाओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया था। महिलाओं ने शुक्रवार को ही प्रदर्शन शुरू किया था और अभी तक उनका प्रदर्शन जारी है। मुस्लिम महिलाएं सीएए और एनआरसी के विरोध को लेकर घंटाघर पर महिलाएं जुटी हुई थी। इन महिलाओं के हाथ में सीएए औरएनआरसी के विरोध की तख्तियां भी थी।
ये महिलाएं जुमे की नमाज बाद शुक्रवार शाम चार बजे से घंटाघर पर जुटी थी, इनके साथ बच्चे भी थी। वहीं पुलिस ने देर शाम महिलाओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वे नहीं मानी तो घंटाघर की स्ट्रीट लाइट बंद कर दी गई। इसके बाद भी महिलाएं वहां डंटी रहीं।
महिलाओं को समझाने में जुटी है पुलिस
घंटाघर पर धरने की खबर मिलते ही काफी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंची और धरने पर बैठी महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। लेकिन, महिलाओं ने पुलिस को जिलाधिकारी संबोधित ज्ञापन सौंप धरना समाप्त करने से इंकार कर दिया।था
सीएए और एनआरसी लागू न करने की अपील
ज्ञापन में महिलाओं ने डीएम से धरना देने में सहयोग कर उनकी आवाज को न दबाने की अपील की थी। धरने में शामिल महिलाओं ने केंद्र सरकार से एनआरसी व सीएए लागू न करने की अपील की। कहा कि, सीएए में मुसलमानों को शामिल न कर सरकार हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़ना चाहती है।
लखनऊ के घंटाघर में महिलाओं प्रदर्शनकारियों से कंबल जब्त करने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने सफाई दी है. यूपी पुलिस ने ट्वीट करके कहा कि कुछ संगठनों के लोग पार्क में कंबल बांट कर रहे थे.
घंटाघर में महिला प्रदर्शनकारियों से कंबल छीनने के मामले में पुलिस ने दी सफाईपुलिस की मनाही के बाद भी लोगों का प्रदर्शन, विधिक तरीके से कंबल किए जब्त
लखनऊ के घंटाघर में महिलाओं प्रदर्शनकारियों से कंबल जब्त करने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने सफाई दी है. यूपी पुलिस ने ट्वीट करके कहा, ‘घंटाघर में प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग वहां पर रस्सी और डंडे से घेरा बनाकर शीट लगा रहे थे, जिसे लगाने से मना किया गया. कुछ संगठनों के लोग पार्क में कंबल बांट कर रहे थे. आस-पास के लोग कंबल लेने आ रहे थे, जो धरने में शामिल नहीं थे. पुलिस ने कंबल और उन संगठन के लोगों को हटाया और कंबलों को विधिक तरीके से कब्जे में लिया.’
दरअसल लखनऊ के घंटाघर में आज भी नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ मुस्लिम महिलाओं का प्रदर्शन जारी है. घंटा घर पर चल रहे प्रदर्शन में पुलिसिया कार्रवाई के बाद अफरा तफरी का माहौल मच गया था. रविवार सुबह यह प्रदर्शनकारियों ने दावा किया था कि पुलिस ने प्रदर्शनकारी महिलाओं के पास से खाने-पीने के सामान सहित कंबल को भी जब्त कर लिया है.
घंटाघर में पुलिस बल तैनात
घंटाघर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है. इससे पहले शनिवार रात घंटाघर में भी भारी संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया . महिलाओं के हाथ में सीएए और एनआरसी के विरोध की तख्तियां थीं. प्रदर्शन में महिलाओं के अलावा छोटे छोटे बच्चे और बच्चियां भी शामिल थीं.
इस दौरान लखनऊ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से हटने की अपील की , जब प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस वाले अचानक एक्शन में आ गए और वहां आंदोलन से जुड़े सामान हटाए जाने लगे, जिसका विरोध हुआ, लेकिन पुलिस नहीं रूकी. प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि पुलिस ने उनके सामान जब्त कर लिए और टेंट-खाने का सामान नहीं पहुंचने दिया. महिलाओं का कहना है कि पुलिस आंदोलन को रोकने की कोशिश कर रही है.

【LIVE VIDEO】दलित युवक को जिंदा जलाने की कोशिश,मोहम्मद अज्जू पठान,मोहम्मद इरफान और गैंग ने

मध्य प्रदेश के सागर जिले में आपसी विवाद के चलते एक दलित युवक को जिंदा जलाने की कोशिश के लिए तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी मोहम्मद अज्जू पठान,मोहम्मद इरफान और 2 बताए जा रहे हैं। दलित युवक की हालत गंभीर है। पुलिस के अनुसार, मोती नगर थाना क्षेत्र में बालाजी मंदिर के पास स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनी अयोध्या बस्ती के आवास में रहने वाले धनी अहिरवार (24) पर कुछ लोगों ने मिट्टी का तेल डाला और आग लगा दी। धनीराम को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। आरोपी एक समुदाय विशेष के बताए जा रहे हैं, और उन्होंने आपसी विवाद में अहिरवार को जिंदा जलाने की कोशिश की।
पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने शुक्रवार को आईएएनएस को बताया, “धनी अहिरवार को जलाने के मामले में चार लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से तीन को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। यह घटना तीन-चार दिन पुरानी है।”
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और सागर जिले के नरयावली विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रदीप लारिया का आरोप है कि “अनुसूचित जाति के एक युवक को जिंदा जलाया गया है। एक समुदाय के लोगों ने पिछले दिनों उससे मारपीट भी की थी। पुलिस प्रशासन ने मारपीट को लेकर कार्रवाई किया होता तो जिंदा जलाने की कोशिश की यह घटना नहीं होती।” लारिया ने भोपाल में पुलिस महानिदेशक और गृहमंत्री को भी ज्ञापन दिया है।
पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। दो दिन पहले भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ था, लेकिन मोतीनगर पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर लौटा दिया था। पुलिस के अनुसार धर्मश्री आवासीय कॉलोनी में रहने वाले धनप्रसाद (24) पुत्रनिजाम अहिरवार पर कालोनी के छुट्टू, अज्जू पठान, कल्लू औरइरफान ने केरोसिन उड़ेलकर आग लगा दी। उसे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। धनप्रसाद के भाई धर्मेंद्र अहिरवार ने बताया कि आरोपियों से बच्चों को लेकर विवाद हुआ था।
आरोपी राजीनामा का दबाव बना रहे थे
इसी मामले में आरोपी राजीनामा करने का दबाव बना रहे थे। 14 जनवरी की रात आरोपियों ने ने परिजनों से मारपीट करते हुए धनप्रसाद को घेर लिया और उसे आग लगा दी। आरोपी कई दिनों से परिवार के लोगों को परेशान कर रहे थे। मोतीनगर पुलिस ने आरोपी छुट्टू, अज्जू, कल्लू, इरफान के खिलाफ धारा 294, 323, 452, 307, 34 व एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।

शबाना आज़मी एक्सीडेंट में गम्भीर घायल,ज़िन्दगी मौत की जंग जारी,ऑपरेशन जारी

प्रख्यात शायर कैफ़ी आज़मी की बेटी,गीतकार जावेद अख्तर की पत्नी और अभिनेत्री शबाना आजमी सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेस पर  उनकी कार की ट्रक से टक्कर हो गई।
इस हादसे में शबाना के सिर और हाथ में चोटें आईं हैं। हादसे में घायल शबाना आजमी को एमजीएम हॉस्पिटल पनवेल में भर्ती कराया गया है।
बताया जा रहा है कि जब यह हादसा हुआ, उस समय कार में शबाना आजमी के पति जावेद अख्तर भी सवार थे। हालांकि उनको चोट नहीं आई है।
रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक अनिल पारास्कर ने बताया कि दुर्घटना मुंबई से करीब 60 किलोमीटर दूर खालापुर के पास दोपहर करीब साढ़े तीन बजे हुई। आजमी जिस कार से यात्रा कर रही थीं वह ट्रक से टकरा गई। उन्होंने बताया कि आजमी को नवी मुंबई के एमजीएम अस्पताल ले जाया गया है। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।
बता दें कि शबाना के पति जावेद अख्तर ने 17 जनवरी को अपना 75वां बर्थडे सेलिब्रेट किया है। उन्होंने अपने बर्थडे को काफी स्पेशल तरीके से एन्जॉय किया था। उनकी बर्थडे पार्टी में फिल्म जगत के कई बड़े सितारे शामिल हुए थे।

मोहम्मद सय्यद अब्दुल रहमान गिरफ्तार,सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर मामले में

मोहम्मद सय्यद अब्दुल रहमान गिरफ्तार,
मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को कथित तौर पर संदिग्ध लिफाफे भेजने के मामले में महाराष्ट्र के नांदेड जिले से एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने शनिवार 18 जनवरी को औरंगाबाद में यह जानकारी दी.
भोपाल लोकसभा क्षेत्र से सांसद ठाकुर ने सोमवार 13 जनवरी को भोपाल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें किसी ने कुछ लिफाफे भेजे हैं, जिसमें जहरीला केमिकल पदार्थ है. पुलिस ने ठाकुर के आवास से तीन चार लिफाफे बरामद किए थे जिसमें से कुछ उर्दू में लिखे हुए थे.
नांदेड के इतवारा पुलिस थाने के इंस्पेक्टर प्रदीप ककाड़े ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि जांच के दौरान मध्य प्रदेश एटीएस ने यह पाया कि नांदेड जिले के धानेगांव इलाके के डॉक्टर सैयद अब्दुल रहमान खान (35) ने यह संदिग्ध लिफाफे ठाकुर को भेजे हैं. खान इलाके में अपना क्लीनिक चलाते हैं.
उन्होंने बताया ,
‘‘मध्य प्रदेश ATS ने खान को बृहस्पतिवार को हिरासत में ले लिया. वह पिछले तीन महीने से पुलिस के राडार पर था क्योंकि उसने पहले भी कुछ सरकारी अधिकारियों को चिट्ठी लिखी थी जिसमें उसने दावा किया था कि उसके मां और भाई के आतंकवादियों से संपर्क हैं और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए.’’
उन्होंने बताया कि ऐसे पत्र लिखने के लिए खान को पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है.
ककाड़े ने बताया, ‘‘पुलिस उसके मोबाइल फोन की लोकेशन के जरिए उस पर नजर रख रही थी. लेकिन वह मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ कर इन पत्रों को डालने औरंगाबाद, नागपुर और अन्य स्थानों पर जाता था.’’
उन्होंने बताया कि खान का अपने भाई के साथ भी विवाद था और उसे भाई से मारपीट के कारण पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है

मोहम्मद अराफात उर्फ बबलू को सज़ा ए मौत,4 महीने में कोर्ट ने कहा टांगो इसको

6 साल की मासूम बच्ची मोहम्मद अराफात को मामा कह कर बुलाती थी,लेकिन वहशी मोहम्मद अराफात उर्फ बबलू हवस का मारा हुआ था।
विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट (Special POCSO Court) अरविंद मिश्र ने शुक्रवार को खुली अदालत में थाना सहादतगंज क्षेत्र की 6 वर्षीय बच्ची के अपहरण, रेप और हत्या के मामले में आरोपी बब्लू उर्फ अराफात को फांसी की सजा सुनाई.
कोर्ट ने चार माह में पूरी की सुनवाई
पॉक्सो कोर्ट ने चार महीने में सुनवाई पूरी करते हुए ठाकुरगंज (लखनऊ) निवासी आरोपी को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई है. गौरतलब है कि 15 सितंबर 2019 को अभियुक्त बबलू उर्फ अराफात ने छह वर्षीय बालिका की अपहरण के बाद बलात्कार कर निर्मम हत्या कर दी थी. आरोपी युवक बच्ची के पिता का दोस्त था और पीड़िता उसको मामा कहती थी. 15 सितम्बर को बबलू पानी पीने के बहाने पीड़िता के घर आया था. पानी पीने के बाद बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने बबलू बाहर ले गया. बच्ची की नानी ने न्यायालय के सामने इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि भी की थी. उसके दो तीन घंटे बाद आरोपी बबलू के घर में बेड के नीचे से बच्ची का शव बरामद हुआ था.
पॉक्सो कोर्ट ने चार महीने में सुनवाई पूरी करते हुए ठाकुरगंज निवासी आरोपी को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई है. गौरतलब है कि 15 सितंबर 2019 को अभियुक्त बबलू उर्फ अराफात ने छह वर्षीय बालिका की अपहरण के बाद बलात्कार कर निर्मम हत्या कर दी थी. आरोपी युवक बच्ची के पिता का दोस्त था और पीड़िता उसको मामा कहती थी. 15 सितम्बर को बबलू पानी पीने के बहाने पीड़िता के घर आया था. पानी पीने के बाद बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने बबलू बाहर ले गया. बच्ची की नानी ने न्यायालय के सामने इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि भी की थी. उसके दो तीन घंटे बाद आरोपी बबलू के घर में बेड के नीचे से बच्ची का शव बरामद हुआ था.
जघन्य अपराध पर अहम फैसला
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची के साथ रेप के बाद पहले चाकू से उसका गला रेतने का प्रयास किया गया और असफल रहने पर गला दबा कर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के गुप्तांग में भी काफी गहरा घाव पाया गया था. निर्भया गैंगरेप केस में गुनाहगारों को सुनाई गई फांसी की सजा और हैदराबाद की महिला डॉक्टर के आरोपियों के एन्काउंटर में मारे जाने के बाद आज लखनऊ की पॉक्सो कोर्ट ने इस वीभत्स मामले में यह अहम फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद देश के कई जिलों में पाॅक्सो अधिनियम (Protection of Children from Sexual Offenses Act) के अन्तर्गत अवयस्क बच्चों के साथ हुए अपराधों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष अदालतें बनाई गई थीं.
जहां निर्भया के अपराधियों की फांसी की तारीख एक बार फिर से आगे बढ़कर 1 फरवरी हो गई है जिसे लेकर लोगों में खासा आक्रोश देखा जा रहा है, वहीं उम्मीद है कोर्ट ने चार महीने में त्वरित सुनवाई कर इस 6 वर्षीय निर्भया को जो न्याय दिया है वो आगे कानूनी दांव पेंच में नहीं उलझेगा.

1 फरवरी नई तारीख फांसी पर लटकाने की,फिर आगे बढ़ेगी,कानून की खामियों का फायदा उठाते गैंगरेपिस्ट

पटियाला हाउस कोर्ट ने जारी किया नया डेथ वारंट, 1 फरवरी को होगी फांसी
निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड मामले में शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी किया। इसके मुताबिक, इन दोषियों को 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी दी जाएगी। इसके पहले कोर्ट ने 22 जनवरी को फांसी मुकर्रर की थी। लेकिन दोषियों में से एक मुकेश कुमार सिंह द्वारा राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका लगाने के कारण फांसी टालनी पड़ी।
आखिरकार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा शुक्रवार को ही दया याचिका खारिज किए जाने के बाद तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने कोर्ट से चारों दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी करने की मांग की थी। दोषी मुकेश ने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका लगाए जाने का हवाला देते हुए 22 जनवरी को होने वाली फांसी टालने की मांग करते हुए अर्जी लगाई थी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा द्वारा मुकेश की इसी अर्जी पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील इरफान अहमद ने कोर्ट को बताया कि राष्ट्रपति ने मुकेश की दया याचिका खारिज कर दी है। मालूम हो कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मुकेश की दया याचिका गुरुवार देर रात राष्ट्रपति को अग्रसारित की थी। इसके पहले दिल्ली सरकार तथा उपराज्यपाल अनिल बैजल ने भी दया याचिका खारिज करने की सिफारिश की थी। मुकेश ने दो दिन पहले ही दया याचिका लगाई थी, जिस पर सभी स्तरों पर त्वरित कार्रवाई हुई।
उधर, निर्भया के दोषी पवन ने फिर सुप्रीमकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल कर दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी। पवन के वकील एपी सिंह ने यह जानकारी दी। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने घटना के समय उसके नाबालिग होने का दावा करने वाली याचिका खारिज कर दी थी। निचली अदालत ने दोषियों को फांसी की तारीख तय कर रखी है।
निर्भया केस के मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। मामले के दोषी पवन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। दरअसल हाई कोर्ट ने उसके नाबालिग होने की दलील को खारिज कर दिया था। इधर शुक्रवार को ही निर्भया गैंगरेप मामले में दिल्ली की अदालत ने सभी चारों दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी किया।
इस नए डेथ वारंट के अनुसार अब 22 जनवरी की जगह सभी दोषियों को एक फरवरी सुबह छह बजे फांसी की सजा दी जाएगी। आपको बता दें कि शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दोषी मुकेश सिंह की दया याचिका खारिज कर दी। इसके बाद निर्भया की मां ने कहा कि जो मुजरिम चाहते हैं वही हो रहा है। तारीख पे तारीख…तारीख पे तारीख…हमारा सिस्टम ऐसा है कि यहां दोषी की सुनी जाती है।
बता दें कि दिल्ली की एक अदालत ने सात जनवरी को मृत्यु वारंट जारी करते हुए कहा था कि चारों दोषियों – मुकेश सिंह(32), विनय शर्मा (26), अक्षय कुमार सिंह (31) और पवन गुप्ता (25) को 22 जनवरी की सुबह सात बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी जाएगी। हालांकि दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में कहा था कि दोषियों को फांसी नहीं दी जा सकती है क्योंकि दोषी मुकेश ने दया याचिका दायर कर रखी है।
उल्लेखनीय है कि 16 दिसंबर 2012 को हुई इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। छह आरोपियों ने 23 वर्षीय महिला के साथ चलती बस में मिलकर दुष्कर्म किया था और उसकी बुरी तरफ पिटाई की थी। बाद में छात्रा की मौत हो गई थी। सभी छह आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों में से एक नाबालिग था, इसलिए उसे किशोर अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहीं अन्य आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी।