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30,हज़ार करोड़ में मूर्ति बेचने का विज्ञापन

कोरोना वायरस  संकट से लड़ने के लिए अस्पताल और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के सरकारी खर्चों की पूर्ति करने के लिए नर्मदा जिले के केवडिया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को 30 हजार करोड़ रुपये में बेचने के लिए OLX पर ऑनलाइन विज्ञापन देने के लिए गुजरात में एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
सरदार पटेल का यह 182 मीटर ऊंचा स्मारक विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति है जिसको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2018 में राष्ट्र को समर्पित किया गया था और तब से अब तक कई लाख लोग इसको देखने के लिए केवडिया पहुंच चुके हैं।
दरअसल, ओएलएक्स पर एक विज्ञापन पोस्ट किया गया, जिसमें स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की बिक्री की बात कही गई. इस विज्ञापन में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को 30 हजार करोड़ रुपये में बेचने के लिए रखा गया. साथ ही लिखा कि गुजरात सरकार को कोरोना वायरस के हालत से लड़ने के लिए अस्पताल और मेडिकल उपकरणों के लिए पैसों की जरूरत है.
ऑनलाइन वेबसाइट पर दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बेचने का विज्ञापन निकला है.
देश में कोरोना वायरस का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है. वहीं देश में कोरोना के खतरे से निपटने के लिए 21 दिनों का लॉकडाउन लागू है. इस बीच गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बेचने से जुड़े एक ऑनलाइन विज्ञापन का मामला सामने आया है.
देश जहां कोरोना वायरस महामारी का सामना कर रहा है तो ऑनलाइन वेबसाइट ओएलएक्स पर दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बेचने का विज्ञापन निकला है. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बेचने का विज्ञापन निकलने से सरकारी महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है.
वहीं मामले के सामने आने के बाद स्टैच्यू ऑफ यूनिटी प्रशासन भी हरकत में आ गया और इस मामले को लेकर केवड़िया कॉलोनी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई. प्रशासन ने अज्ञात शख्स और ओएलएक्स कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है.

सनसनीखेज खुलासा: दलाल पत्रकार गैंग सक्रिय दिल्ली में,1 करोड़ की फर्जी खबर उड़ाने में

नोटिस जारी होने के बाद से अंडरग्राउंड हुए साद को लेकर व्हॉट्सअप पर खबरें फैलाई जा रही है कि उसने कोरोना से लड़ने के लिए पीएम रिलीफ फंड में 1 करोड़ रुपए का दान दिया।
इस खबर को प्रमाणिक बताने के लिए एक अखबार की कटिंग भी शेयर की जा रही है और धड़ल्ले से इसे सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है। न्यूज़लेटर नाम के अखबार की इस कटिंग पर मोहम्मद साद की फोटो लगी हुई है और इसके मुख्य पृष्ठ पर हेडलाइन है कि 28 मार्च को मौलाना साद ने पीएम रिलीफ फंड में 1 करोड़ रुपए का दान दिया। रिपोर्ट में अंदर ये भी लिखा है कि इस्लाम को हर बार आतंकवाद के रूप में बदनाम किया गया। लेकिन इस बार कोरोना ने हर धर्म को एक कर दिया है और ये सब मौलाना साद के कारण हुआ है, जिन्होंने प्रधानमंत्री के रिलीफ फंड में 1 करोड़ रुपए का दान दिया। मगर इस डोनेशन को गुप्त रखा। इसके अलावा इस रिपोर्ट में आगे ये भी लिखा यह मोदी जी को बदनाम करने का नहीं बल्कि उनका समर्थन करने का समय है, इस समय मोदी जी देश के हित में सोच रहे हैं।
अब इसी अखबार की कटिंग को शेयर करते हुए लोगों के बीच संदेश भेजा जा रहा है, “उस महान शख्सियत ने जिस पर इल्जाम लग रहा है, उसने यानी मौलाना साद साहब ने 29 मार्च को ही प्रधानमंत्री राहत कोष में 1 करोड़ रुपए का दान दिया था।
अब हालाँकि, कोई भी आमजन जिसे फेक न्यूज़ की समझ हो, वो तनिक देर भी नहीं लगाएगा इस रिपोर्ट के पीछे छिपे अजेंडे को जानने में। एक सरसरी निगाह पड़ने से ही उसे यह स्पष्ट होगा कि यह रिपोर्ट पूरी तरह नकली है। क्योंकि इस रिपोर्ट में भाषा, व्याकरण एक वैध समाचार वाला नहीं है। बल्कि इसे पढ़कर ये आभास होता है कि मौलाना साद की छवि निर्मित करने के लिए इसे गढ़ा गया।
यहाँ बता दें कि जिस अखबार की आड़ में ये खबर प्रकाशित हुई है, वह अस्तित्व में है और उत्तरी आयरलैंड से प्रकाशित होता है। ये अखबार वहाँ का एक पुराना दैनिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत 1737 में हुई थी। मगर, जब हमने इस खबर संबंधी शब्दों वाक्यों को इस पर सर्च करना शुरू किया, तो मालूम हुआ कि अखबार में मो. साद को लेकर ऐसी कोई भी खबर प्रकाशित ही नहीं हुई।
सोचने वाली बात है कि आखिर कोई आयरिश अखबार भारत की इस छोटी सी सूचना को अपनी मुख्य हेडलाइन क्यों बनाएगा? इस समय तो भारत में कई लोग ऐसे हैं जो बड़ा-बड़ा दान कर रहे हैं, तो फिर आयरिश अखबार सिर्फ़ मो साद को ही क्यों चुनता?
पड़ताल की कड़ी में अखबार की तस्वीर जाँची। तो वास्तविकता में वो पेपर 6 जून 2019 का निकला। जिसका इस्तेमाल मोहमम्मद साद के अनुयायियों ने किया था और डोनॉल्ड ट्रंप के आयरलैंड दौरे की तस्वीर हटाकर वहाँ मोहम्मद साद को पेस्ट कर दिया था। बाद में उन्होंने अपने अनुसार खबर को लिख दिया।
अब उम्मीद है, उन लोगों को यह स्पष्ट होगा कि तब्लीगी जमातियों को भड़काकर मरकज़ में इकट्ठा करने वाला मौलाना द्वारा 1 करोड़ के दान की खबर न केवल झूठी थी बल्कि उसको बचाने के लिए चली गई एक चाल थी। हम देख सकते हैं कि किस चतुराई से तब्लीगी जमात के मुखिया को महान बनाने के लिए असलियत के साथ छेड़छाड़ की गई और उसके गुनाहों पर पर्दा डालने का प्रयास हुआ।
बता दें कि इससे पहले, दि प्रिंट के शेखर गुप्ता ने भी तब्लीगी जमात के कुकर्मों को व्हॉइटवाश करते हुए ये बताने की कोशिश की थी कि भाजपा आईटी सेल के लोग तब्लीगी जमात की बेवकूफी के लिए पूरे समुदाय को दोष दे रही है।

【LIVE VIDEO】 षड्यंत्र का खेल: विधायक को फंसाने अफवाह उड़ा दी सामान बांटने की

राजनीति का खेल चालू है मौत के तांडव में,भाजपा विधायक के जन्मदिन पर विरोधियों ने फैला दिया कि अनाज कपड़ा और राशन बाटेंगे।जमा हो गयी 200 लोगो की भीड़।पुलिस कर रही जांच।
महाराष्ट्र के वर्धा में भाजपा विधायक दादाराव केचे का जन्मदिन मनाने के लिए उनके आवास पर करीब 200 लोग इकट्ठा हुए। हालांकि विधायक ने इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने अपना जन्मदिन मनाने के लिए लोगों को न्योता दिया। मगर स्थानीय उप-विभागीय अधिकारी ने भाजपा विधायक के खिलाफ विभिन्न प्रावधानों के तहत एक नोटिस जारी किया है, जो कोरोनो वायरस महामारी के मद्देनजर नियमों का उल्लंघन है।
भाजपा विधायक ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘मैंने सिर्फ 21 मजदूरों को आमंत्रित किया था, जिन्होंने कोरोनो वायरस के चलते अपना रोजगार खो दिया। उन लोगों को मैंने खाद्य सामग्री वितरित की। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे मैं मेरे गुरु भीकाराम बाबा के पास जाने के लिए घर से निकल गया। मगर मेरे राजनीतिक विरोधियों ने इस स्थिति का फायदा उठाने के लिए प्रचार किया कि मैं अपने घर में लोगों के लिए खाद्य सामग्री वितरित कर रहा हूं। जब मुझे मामले में जानकारी मिली तो मैं वापस घर पहुंचा और पुलिस की मदद से भीड़ को तितर-बितर किया।

【Live Video】 चीन ने पुराने ,ब्रा पेंटी अंडरवियर के मास्क बना दे दिए पाकिस्तान को,इमरान खान की बोलती बंद

चीन ने हाई क्वॉलिटी N-95 मास्क के नाम पर पाकिस्तान को अंडरगारमेंट्स से बने मास्क भेज दिए हैं। पाकिस्तान सरकार ने इसे अस्पतालों में भी पहुंचा दिया, लेकिन डॉक्टर इसे देखकर हैरान रह गए। डॉक्टरों ने कहा कि ये कोरोना वायरस को रोकने के लायक नहीं हैं और अंडरगारमेंट्स से बने हुए हैं। खबर सामने आने के बाद इमरान सरकार की काफी किरकिरी हो रही है।
पाकिस्तान के एक टीवी चैनल एनबीटीवी ने यह खबर प्रसारित की है। इस टीवी रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने पाकिस्तान को बड़ा चूना लगाया दिया है और हाई क्वॉलिटी N95 मास्क की जगह अंडरगारमेंट से बने मास्क भेज दिए हैं। चीन ने कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में पाकिस्तान को साथ देने का वादा किया था और कहा था कि वह जरूरी चिकित्सा सामग्री भेजेगा।

 

अंडरवियर से बने मास्क ने पोल खोलकर रख दी है कि चीन पाकिस्तान का कितना ‘पक्का दोस्त’ है। अब यह सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रहा है। लोग पाकिस्तान सरकार का मजाक बना रहे हैं। देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।
चीन ने किसी को ख़राब माल बेचा तो किसी का डोनेट किया माल उसे ही बेच डाला
जहाँ एक तरफ दुनिया कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रकोप से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर इस वायरस का जन्मदाता चीन इसमें भी राजनीति खेल रहा है। जिस वुहान से ये वायरस पूरी दुनिया में फैला, वहाँ के अधिकतर मरीज अब ठीक होकर घर जा चुके हैं। ऐसे में चीन अब मास्क से लेकर सैनिटाइजर और टेस्टिंग किट तक दूसरे देशों को बेच रहा है। इनमें से कई ऐसे देश हैं, जिन्होंने चीन में आपात स्थिति को देखते हुए कुछ दिनों पहले ऐसे संसाधन डोनेट किए थे। अब चीन उसी माल को उसी देश को बेचने का प्रयास कर रहा है, जिसने डोनेट किया था।
इटली ने मानवता के नाते चीन को पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट्स की एक बड़ी खेप डोनेट की थी, लेकिन चीन अब उसी माल को वापस इटली को बेच दिया है। पहले कहा जा रहा था कि चीन ने डॉक्टरों और नर्सों सहित कोरोना से बचाव के लिए नागरिकों तक के लिए प्रयोग में आने वाले उन उपकरणों को इटली को डोनेट किया था। लेकिन, अब पता चला है कि इटली को उसने ये चीजें बेचीं हैं। बता दें कि 1.25 लाख मरीजों के साथ इटली में स्थिति काफ़ी बिगड़ी हुई है और साथ ही 15,300 से भी अधिक लोगों की वहाँ मौत हो चुकी है।
वैसे ये पहली बार नहीं है जब चीन ने इस तरह की हरकत की है। चीन इस मौके को भी सिर्फ अपना धंधा बढ़ाने, मुनाफे कमाने के तौर पर देख रहा है। वह भी घटिया क्वालिटी के उपकरण बेच कर, जिनमें से ज्यादातर किसी काम के नहीं है। कुछ ही दिनों पहले स्पेन ने चीन से 467 मिलियन यूरो के चिकित्सा उपकरण खरीदे थे, जिसमें 950 वेंटिलेटर्स, 5.5 मिलियन टेस्टिंग किट्स, 11 मिलियन ग्लव्स और 50 करोड़ से ज्यादा फेस मास्क शामिल थे। इन खरीदी गईं मेडिकल टेस्टिंग किट्स व उपकरणों में से ज्यादातर किसी काम के नहीं थे।
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी कोरोना को चाइनीज वायरस कहते रहे हैं लेकिन चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से एक फोन कॉल पर बातचीत के बाद उन्होंने बड़ी पलटी मारी थी। भारत में भी लिबरल जमात के वामपंथी इसे चाइनीज वायरस कहने वालों के ख़िलाफ़ ज़हर उगलने में लगे हुए हैं। चीन में 77,000 लोग इस वायरस के प्रकोप से कैसे ठीक हुए, इस बारे में भी कुछ स्पष्ट नहीं बताया गया है।

सनसनीखेज खुलासा:निजामुद्दीन मरकज़ की बिल्डिंग ही अवैध,बिना अनुमति तान दी 9 मन्ज़िले

क्षेत्र के पुराने जानकार बताते हैं कि जहां मरकज बना हुआ है, वहां पहले एक छोटा सा मदरसा होता था। मदरसा भी नाममात्र जगह में ही था। यहां क्षेत्र के ही कुछ लोग नमाज पढ़ने आते थे। लेकिन वर्ष- 1992 में मदरसे को तोड़कर बिल्डिंग बना दी गई। उस वक्त मदरसे के नाम से इस बिल्डिंग का ढाई मंजिल का नक्शा पास किया गया था। लेकिन इन लोगों ने मनमाने तरीके से दो मंजिल का बेसमेंट और सात मंजिल की बिल्डिंग बना दी
रिपोर्ट्स के अनुसार, शासन ने अपनी जाँच में पाया है कि दक्षिणी दिल्ली में निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज का निर्माण नियमों को ताक पर रखकर किया गया है। यही नहीं, जिस जमीन पर इस मरकज का निर्माण हुआ है, उसके मालिकाना हक से जुड़े कागजात भी दक्षिण दिल्ली नगर निगम (South Delhi Municipal Corporation) के पास नहीं हैं। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की स्टैंडिंग कमिटी के डिप्टी चेयरमैन राजपाल सिंह ने बताया कि बिल्डिंग को सील कर दिया गया है। अब इसे ढहाने की कार्रवाई के लिए फाइल तैयार की जा रही है।
बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने इसके अवैध निर्माण की बार-बार शिकायत भी की, लेकिन न तो निगम ने कोई कार्रवाई की और न ही पुलिस या अन्य किसी विभाग ने इस पर ध्यान दिया। ज्ञात हो कि भाजपा नेता प्रवेश वर्मा ने भी अक्सर दिल्ली में मौजूद अवैध मस्जिद, कब्रिस्तान आदि के मामलों को उठाया है। उन्होंने बताया था कि 54 सरकारी जमीनों पर मस्जिदों का अवैध कब्जा है।
कागज और वैधता के सबूत माँगने पर मुशर्रफ (जो कि इंतजामिया कमिटी, मरकज के सदस्य हैं) का कहना है कि मरकज का निर्माण नियमानुसार किया गया है, और उनके पास इसके सभी कागज भी हैं। लेकिन 21 दिन के लॉकडाउन के कारण उन्हें कागज ढूँढने में परेशानी आ रही है। मुशर्रफ का कहना है कि हालात सामान्य होते ही वो दस्तावेज (कागज) पेश कर देंगे।
तबलीगी मस्जिद के इस मामले के प्रकाश में आने के बाद अब नया सवाल यह है कि ऐसे और भी कितनी मजहबी जगह हो सकती हैं, जिनके निर्माण से लेकर उनमें होने वाली गतिविधियाँ भी संदेह के घेरे में आती हैं।
जागरण की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली स्थित मरकज की इमारत को नियमों का उल्लंघन कर बनाया गया था। इस मामले में दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (SDMC) कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मरकज की इमारत दो प्लॉट जोड़कर बनाई गई है, जबकि यह कुल 7 मंजिला इमारत है। इस इमारत के निर्माण के लिए मात्र दो फ्लोर का नक्शा ही पारित है, इसके बावजूद इसे सात मंजिला बनाया गया है। यही नहीं, मरकज की इस इमारत का कभी हाउस टैक्स और प्रॉपर्टी टैक्स भी नहीं भरा गया। बताया जा रहा है कि इस हिसाब से मरकज की बिल्डिंग पर लाखों रुपए का हाउस टैक्स बकाया निकल सकता है।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (SDMC) के अनुसार, मरकज से पहले इस जगह सिर्फ एक मस्जिद थी और वर्ष 1992 में मदरसे को तोड़कर इस जगह पर एक मदरसे का निर्माण किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि धीरे-धीरे इस जगह पर तकरीबन 70% हिस्से का अवैध निर्माण कर मरकज की इमारत तैयार की गई। घनी आबादी में बनी इस बिल्डिंग में आग से सुरक्षा के भी कोई इंतजाम नहीं है और न ही कभी अग्निशमन विभाग से एनओसी ली गई है।
इन विवादों के बीच जानकारी मिल रही है कि दक्षिणी दिल्ली नगर निगम इस इमारत से संबंधित दस्तावेजों को खंगाल रहा है और अब इस इमारत के अवैध निर्माण को तोड़ने की तमाम कागजी कार्रवाई शुरू हो चुकी है।
मरकज की बिल्डिंग रिहायशी इलाके में करीब 2,000 गज में बनी है। जबकि नियमानुसार इसकी ऊँचाई 15 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए, वहीं इसकी ऊँचाई 25 मीटर पाई गई है। ख़ास बात यह है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) की बिल्डिंग इस मरकज के पास ही स्थित होने के बावजूद यहाँ पर अवैध रूप से सात मंजिला भवन का निर्माण कर लिया गया।
उल्लेखनीय है कि तबलीगी जमात के देशी-विदेशी ‘कार्यकर्ता’ साल भर देश के अलग-अलग इलाकों में मजहबी उपदेश देने या ‘चिल्ला’ के लिए दौरे पर रहते हैं। इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड, नेपाल, म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका और किर्गिस्तान समेत विभिन्न राष्ट्रों से लोग तबलीगी गतिविधियों के लिए आते हैं। भारत में ये लोग पर्यटक वीजा के नाम पर धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के अपराधी पाए गए हैं।
इस बिल्डिंग में बिजली-पानी का कनेक्शन अलाहुक नाम के व्यक्ति के नाम से है। बिल्डिंग इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी में है। अभी तक इसका हाउस टैक्स भी नहीं दिया गया है। इसलिए बी कैटेगरी के हिसाब से हाउस टैक्स व प्रॉपर्टी टैक्स की गणना का काम शुरू कर दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि बी कैटेगरी के हिसाब से लाखों रुपये का हाउस टैक्स का बकाया निकल सकता है।
वहीं, मुशर्रफ (सदस्य, इंतजामिया कमेटी, मरकज) के मुताबिक, मरकज का निर्माण नियमानुसार किया गया है, इसके सभी दस्तावेज भी मौजूद हैं। इस समय लॉकडाउन की वजह से दस्तावेज की ढूंढ़ पाना मुश्किल है। स्थितियां सामान्य होते ही दस्तावेज प्रस्तुत कर देंगे।

(Live video)कांग्रेस को बड़ा झटका,एक और विधायक मोदी के पक्ष में

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के एक विधायक ने प्रधानमंत्री मोदी के आज रात नौ बजे नौ मिनट के लिए ‘दीया जलाने’ के आह्वान का समर्थन किया है। ग्वालियर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि प्रवीण पाठक ने सोशल मीडिया पर पूर्व प्रधानंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता के जरिए कहा है कि यही एकता प्रदर्शित करने का समय है।
नवंबर 2018 में विधानसभा चुनाव में भाजपा के तीन बार के विधायक और मंत्री रहे नारायण सिंह कुशवाह को हराकर पहली बार विधायक बने पाठक ने रविवार को ट्विटर पर एक वीडियो संदेश अपलोड करके कहा, ”लोकतांत्रिक देश के नागरिक होने नाते देश के मुखिया की अपील के सम्मान में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर रविवार की रात 9 बजे 9 मिनट के लिए एक दीप जरूर जलाएं। राष्ट्र प्रथम होना चाहिए, जीवन में उसके उपरांत, कुछ और उसके बाद।”
इस बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने कहा, ”यह देश की एकता की बात है और हर मामले को राजनीति की दृष्टि से नहीं देखना चाहिए। मैंने देश के मुखिया यानी प्रधानमंत्री का समर्थन किया है, किसी व्यक्ति विशेष का नहीं और इसका गलत अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।”

दलित युवक की हत्या कर भाग रहा था तब्लीगी मोहम्मद शोणा,जनता ने जम कर धुना और पुलिस के हवाले

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में रविवार (अप्रैल 05, 2020) सुबह करेली थाना क्षेत्र के बक्शी मोड़ा में गोली मारकर एक युवक की हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद घटनास्थल से भाग रहे हमलावर को भीड़ ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने गिरफ्तारी करने के बाद जाँच शुरू कर दी है।
जमातियों पर टिप्पणी के कारण हुई हत्या
पुलिस की शुरुआती जाँच में पता चला है कि कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोत्तरी के लिए जिम्मेदार जमातियों पर इस युवक ने टिप्पणी कर दी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए आरोपितों पर रासुका (NSA) लगाने का निर्देश दिया है। साथ ही पीड़ित परिवार को ₹5 लाख मुआवजा देने की भी घोषणा  की है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर प्रदेश के करेली थाना क्षेत्र के बक्सी मोड़ा गाँव निवासी लोटन निषाद रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे किसी काम से घर से बाहर निकले थे। वह एक चाय की दुकान पर थे, तभी उनका जमातियों पर टिप्पणी करने को लेकर गाँव के ही निवासी मोहम्मद सोना से विवाद हो गया।
विवाद बढ़ने पर दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इसी बीच मोहम्मद सोना ने तमंचे से उन पर फायर कर दिया। गोली लगने से लोटन निषाद की मौत हो गई। फायरिंग की आवाज सुनकर आस-पास के लोग दौड़े और मोहम्मद सोना को पकड़ लिया और उसकी पिटाई की। सूचना पाकर पहुँची पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। इलाके में तनाव की आशंका के चलते पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
UP के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन के दौरान चाय की दुकान के खुले होने पर भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह नियमों का उल्लंघन है और नियमों के पालन में लापरवाही बरती गई है।
पुलिस ने युवक के शव को कब्जे में ले लिया। इसके बाद आइजी रेंज समेत पुलिस के उच्‍च अधिकारी भी मौके पर पहुँचे। मामले की तहकीकात की जा रही है।

सेना ने चिथड़े बिखेरे 9 आतंकवादियों के, मोहम्मद अशरफ मलिक,शाहिद सिद्दीक , वकार यत्तू, एजाज अहमद नायकू उर्फ मुसा और 5

सेना की सजगता से पिछले 24 घण्टे में 9 आतंकवादियों को हूरों के पास भेज दिया है।लॉकडाउन में भी जम्मू-कश्मीर में सेना का आतंकियों के खिलाफ सफाई अभियान जारी है। पिछले 24 घंटों में सेना ने कश्मीर घाटी में 9 आतंकियों को मार गिराया है। 4 आतंकियों को शनिवार (अप्रैल 4, 2020) को सेना ने दक्षिणी कश्मीर के बतपुरा में मार गिराया। वहीं 5 आतंकियों को रविवार (अप्रैल 5, 2020) को एलओसी के पास केरन सेक्टर में ढेर किया।
आतंकियों के खिलाफ चले इस ऑपरेशन में भारतीय सेना के एक जवान वीरगति को प्राप्त हो गए जबकि दो जवान जख्मी हैं। भारी बर्फबारी और खराब मौसम की वजह से घायलों को अस्पताल लाने में मुश्किलें हो रही हैं। फिलहाल सेना का ऑपरेशन जारी है।
शनिवार को मारे गए आतंकियों ने पिछले 12 दिनों में चार निर्दोष नागरिकों की हत्या की थी। ये आतंकी हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़े थे। पुलिस ने हिजबुल मुजाहिदीन के चारों आतंकियों को ट्रैक किया और शनिवार की सुबह एक ऑपरेशन चलाकर उन्हें मार गिराया।
विक्टर फोर्स के जीओसी मेजर जनरल ए सेनगुप्ता ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों की शिनाख्त अनंतनाग के आरवनी के मोहम्मद अशरफ मलिक, दमहाल हाजीपुरा के शाहिद सिद्दीक और चवालगाम के वकार यत्तू के तौर पर हुई। चौथा टंकी एजाज अहमद नायकू उर्फ मुसा इनका सरगना था और चिमर का रहने वाला था। आतंकियों के पास से एक एसएलआर, एक एके-47, एक इंसास और चीन निर्मित पिस्टल के अलावा मैगजीन भी मिली है।
वहीं, सेना ने केरन सेक्टर में सीमा पार से भारत में घुसने की आतंकियों की कोशिशों को नाकाम कर दिया। खराब मौसम का फायदा उठाते हुए रविवार को पाँच आतंकी भारत में दाखिल होने की फिराक में थे। सेना ने मोर्चा सँभाला और खराब मौसम की परवाह न करते हुए सभी आतंकियों को ढेर कर दिया।
इससे पहले शुक्रवार को सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर के सोपोर और हंदवारा इलाके से आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया था। उन्होंने बताया कि आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर गुरुवार रात को कुपवाड़ा जिला अंतर्गत हंदवारा इलाके के शालपोरा गाँव में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान लश्कर के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने कहा कि इनकी पहचान आजाद अहमद भट और अल्ताफ अहमद बाबा के रूप में हुई है। इनके कब्जे से दो पिस्तौल और दो हथगोले बरामद किए गए हैं।

मोहम्मद अब्दुल,मोहम्मद अहमद समेत 3 गिरफ्तार,रँगे हाथों पकड़ाए,तरबूज में थूक लगा कर काटते

दक्षिणी मध्य प्रदेश के बैतूल बाजार में एक नया मामला सामने आया है। आरोपित अब्दुल रफीक, सादी अहमद, रितेश मधाना ऑटो रिक्शा से तरबूज बेच रहे थे। ये घटना शुक्रवार (अप्रैल 3, 2020) शाम की है। ये लोग चाकू पर थूक लगा कर तरबूज काट रहे थे। इस दौरान पुरुषोत्तम यादव ने देखा कि पहले चाकू पर थूक लगाया जा रहा था और फिर तरबूज काटा जा रहा था।
इससे पहले भी एक घटना हो चुकी है।मध्य प्रदेश के रायसेन का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें एक व्यक्ति थूक लगा कर फल बेचता हुआ दिखा था। उसका नाम शेरू मियाँ है, जिसे पुलिस ने धर-दबोचा है। उसे जेल भेज दिया गया है। वीडियो वायरल होने के बाद उक्त फल विक्रेता के ख़िलाफ़ लोगों ने आवाज़ उठाई थी। वहीं उसकी बेटी का कहना था कि उसके अब्बा को ऐसे ही नोट गिनने की आदत है, जिसके कारण ऐसा हुआ। पुलिस के अनुसार, शेरू के परिवार के लोग कह रहे हैं कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।
बैतूल की हुई इस घटना की सूचना पुरुषोत्तम यादव ने तत्काल बजरंग दल के विभाग संयोजक कृष्णकांत गावंडे को दी। उन्होंने कुछ युवाओं एवं प्रत्यक्षदर्शी के साथ थाने पहुँच कर मामले की रिपोर्ट दी। चाकू पर थूक लगाकर तरबूज काटकर बेचने की शिकायत पर बैतूल बाजार पुलिस ने 3 लोगों के खिलाफ FIR कर लिया है। पुलिस ने उनका तरबूज से भरा ऑटो भी जब्त कर लिया गया। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने इस घटना को देखा, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

5 अप्रेल को लाइट बन्द करने पर,जाहिलो का प्रलाप, ग्रिड फेल का झूठ

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 5 अप्रैल को रात 9 बजे से 9 मिनट तक घर की लाइट बंद करने की अपील की है। उन्होंने दीया, मोमबत्ती, टॉर्च या मोबाइल की सेल्फी ऑन करने की अपील की है, ताकि कोरोनावायरस को हराने की देश की एकता और मजबूत हो। पीएम ने कहा कि ऐसा करने से संदेश जाएगा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हम अकेले नहीं हैं। सभी साथ हैं। अब सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि एक साथ लाइट बंद करने से इलेक्ट्रिकल ग्रिड क्रैश हो सकती हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी की 5 अप्रैल यानी रविवार की रात 9 बजे 9 मिनट के लिए लाइट ऑफ करके दीया, मोमबत्ती, टॉर्च या मोबाइल का फ्लैशलाइट जलाने की अपील पर केंद्र सरकार के पावर मिनिस्टर आरके सिंह और उनकी मिनिस्ट्री अलर्ट मोड में आ गई है। वजह तकनीकी है और वो ये कि पावर लोड अचानक घटने से ब्लैक आउट हो सकता है यानी बिजली ग्रिड की भी बत्ती गुल हो सकती है।

देश भर में पावर प्लांट से पावर हाउस, पावर हाउस से घर-घर बिजली पहुंचाने की जो तकनीकी व्यवस्था है उसे ग्रिड कहते हैं और ये ग्रिड सिर्फ लोड बढ़ने से ही नहीं, लोड के अचानक घटने से भी खराब हो सकती हैं। कोरोना लॉकडाउन के कारण दफ्तर और फैक्ट्री वगैरह बंद होने की वजह से देश में पहले ही बिजली की डिमांड में 25-30 फीसदी की कमी रिकॉर्ड की गई है।

पीएम की अपील से जैसे ही ये साफ हुआ कि 5 अप्रैल की रात अचानक से देश में पावर लोड कम होने पर बिजली ग्रिड को संभालना होगा पावर मिनिस्ट्री एक्शन मोड में है ताकि कहीं भी ब्लैक आउट की स्थिति ना पैदा हो। केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह ने शुक्रवार को विभाग की उच्चस्तरीय मीटिंग बुलाई जिसमें मंत्रालय के अलावा पावर ग्रिड और ग्रिड ऑपरेटर कंपनी के अधिकारी शामिल हुए।

एक अधिकारी ने एचटी से कहा कि 2 अप्रैल को पिछले साल के इसी दिन के मुकाबले पीक डिमांड 25 परसेंट कम दर्ज किया गया है। मीटिंग में संडे रात 9 बजे अचानक लोड घटने की सूरत में बिजली ग्रिड की सेहत ठीक रखने के उपाय पर चर्चा हुई और उसकी रणनीति बनाई गई।

कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने उत्तर प्रदेश के पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड की एक चिट्‌ठी शेयर करते हुए लिखा, ‘रविवार रात 9 बजे रात में बिजली की मांग में अप्रत्याशित कमी हो जाएगी और फिर 9.09 बजे अचानक बहुत बढ़ जाएगी। इस कारण इलेक्ट्रिकल ग्रिड कैश कर सकते हैं। इसलिए इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड्स रात 8 बजे से ही बिजली काटने और 9.09 बजे वापस देने की सोच रहे हैं’। थरूर ने पीएम पर तंज कसते हुए लिखा , ‘प्रधानमंत्री ने एक और चीज पर विचार नहीं किया।’


कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा किया गया ट्वीट।

क्या है सच्चाई

इस दावे की पड़ताल शुरू की तो हमें न्यूज एजेंसी एएनआई का ट्वीट मिला। इसमें मिनिस्ट्री ऑफ पावर के हवाले से लिखा गया है,’पीएम ने 5 अप्रैल को रात 9 बजे से 9.09 बजे के बीच स्वेच्छा से लाइट बंद करने की अपील की है। कुछ आशंकाएं व्यक्त की गई हैं कि इससे ग्रिड और वॉल्टेज में उतार-चढ़ाव हो सकता है, जो बिजली के उपकरणों को नुकसना पहुंचा सकता है। ऐसी आशंकाएं गलत हैं।’ मिनिस्ट्री ऑफ पावर के मुताबिक, पीएम ने सिर्फ लाइट बंद करने की अपील की है। स्ट्रीट लाइट और कम्प्यूटर, टीवी, फैन, रेफ्रीजिरेटर और एयर कंडीशनर को बंद करने की अपील नहीं की गई। वहीं अस्पतालों के साथ ही सभी जरूरी सुविधा वाली जगहों जैसे, पब्लिक यूटिलिटी, निगम सेवाएं, कार्यालय, पुलिस स्टेशन आदि की लाइटें चालू रहेंगी। पीएम ने सिर्फ घरों की लाइट बंद करने की अपील की है।

मिनिस्ट्री ऑफ पावर के सेक्रेटरी संजीव नंदन सहाय द्वारा जारी प्रेस रिलीज में स्पष्ट किया गया है कि, नेशनल लोड डिस्पैच सेंटर ने ग्रिड बैलेंसिंग की प्रक्रियाओं को लेकर वर्कआउट कर लिया है। सभी रीजनल और स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर्स को अलग-अलग इसकी जानकारी दी जाएगी। स्ट्रीट लाइट्स और इलेक्ट्रॉनिक अप्लायंसेज को बंद करने की अपील नहीं की गई है। लोग किसी तरह की चिंता न करें और लाइटें बंद करने के दौरान भी इलेक्ट्रॉनिक अप्लायंसेज ऑन रखें। सेक्रेटरी ने स्थानीय निकायों को भी स्ट्रीटलाइट्स बंद न करने सलाह दी है ताकि लॉ एंड ऑर्डर में किसी तरह की समस्या पैदा न हो।

पड़ताल के दौरान हमें टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा 3 अप्रैल को प्रकाशित रिपोर्ट भी मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, पावर मिनिस्टर आरके सिंह ने शुक्रवार को ग्रिड ऑपरेटर पावर सिस्टम ऑपरेशन कॉरपोरेशन (POSOCO) और पावर ग्रिड के अधिकारियों के साथ ग्रिड स्टेबिलिटी को सुनिश्चित करने के लिए रीव्यू किया। लाइट बंद होने के दौरान महज 15 गीगावाट या देश की कुल क्षमता की 4% से भी कम मांग घटने की उम्मीद है।