Home Blog Page 3

66 रोहंगिया मुसलमानों ने कोशिश की अंडमान निकोबार द्वीप समूह में घुसने की,पकड़ाए,2km पर चीन जाने को तैयार नही,56 मुसलमान मुल्क लेने को तैयार नही

रोहिंग्या मुसलमानों के पक्ष में आवाज उठाने वाले यह नही जानते कि मात्र 2 km पर चीन है वहां क्यों नही जाते यह शरण लेने,56 इस्लामिक देश स्पष्ट मना कर चुके इनको कोई भी जगह देने से,जिसमे पाकिस्तान भी शामिल है।
अंडमान निकोबार द्वीप समूह में रोहिंग्या मुस्लिमों की संदिग्ध गतिविधियाँ बढ़ती जा रही हैं। साथ ही उनकी आबादी में भी तेज़ी से इजाफा हो रहा है। सोमवार (जनवरी 13, 2020) को पुलिस को सूचना मिली थी कि तरमुगली द्वीप पर कुछ संदिग्ध लोगों को नाव के साथ देखा गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 66 लोगों को हिरासत में लिया, जो बाद में रोहिंग्या मुस्लिम निकले। हिरासत में लिए गए सभी आरोपित बांग्लादेश से आए थे। उन्हें जहाँ से गिरफ़्तार किया गया, उससे 34 किलोमीटर की दूरी पर ही वो ख़ास जनजाति के लोग रहते हैं, जिनका बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं।
ये सभी 66 लोग बांग्लादेश से नाव से अंडमान आए थे। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए लोगों में 24 पुरुष, 27 महिलाएँ व 15 बच्चे हैं। पुलिस इस मामले में आगे की जाँच कर रही है। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में कई वर्षों से रोहिंग्या मुस्लिमों का आना-जाना लगा हुआ है। माना जा रहा है कि रोहिंग्या मुस्लिमों को द्वीप समूह में बसा कर वहाँ की डेमोग्राफी में बदलाव करने की सजिश है। ये सब काफ़ी पहले से हो रहा है। 2013 में ही ख़बर आई थी कि उस साल 1100 रोहिंग्या मुस्लिम अंडमान पहुँचे थे।
इन घटनाओं को देखते हुए इंडियन कोस्ट गार्ड्स भारत-बांग्लादेश समुद्री सीमा पर कड़ी नज़र रख रहे हैं। दिसंबर 2019 में अंडमान सागर में म्यांमार की नौसेना ने 174 रोहिंग्या मुस्लिमों को गिरफ़्तार किया था, जो बांग्लादेश के कैम्पों से भाग रहे थे। उनमें 82 पुरुष, 69 महिलाएँ, 3 किशोर और 15 लड़कियाँ शामिल थीं। पिछले साल कुल 25,000 रोहिंग्या मुसलमान के अंडमान सागर को पार करने की ख़बर आई है।
कहा जा रहा है कि इनमें से अधिकतर ने थाइलैंड का रुख किया है। भारत के कई राज्यों में डेरा डाल चुके रोहिंग्या अब द्वीपों को निशाना बनाने में लगे हैं। इससे मीडिया में चर्चा भी नहीं होती और वो गुपचुप तरीके से बस जाते हैं।
अगर आँकड़ों की बात करें तो 2012 से लेकर 2015 तक 1,12,500 रोहिंग्या मुस्लिमों ने नाव से अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी को पार किया है। म्यांमार के रखाइन स्टेट की बात करें तो वहाँ से 7,50,000 रोहिंग्या मुस्लिमों ने पलायन किया है, जिनमें से अधिकतर भारत आकर बस गए हैं। कई इलाक़ों से आपराधिक वारदातों में इनका हाथ होने की बातें सामने आती रहती हैं।
हाल ही में भारतीय खुफिया एजेंसियों ने सेना और अर्ध सैनिक बलों को रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर अलर्ट किया था। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, भारत पर हमले के लिए पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई करीब 40 रोहिंग्या मुसलमानों को बांग्लादेश में ट्रेनिंग दे रही है। इसमें बांग्लादेशी आंतकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन (जेएमबी) आईएसआई की मदद कर रहा है।

राष्ट्रपति ने खारिज की दया याचिका,अब फांसी पर टँगना तय

राष्ट्रपति  ने GANGRAPE के दोषी की याचिका खारिज कर दी है आरोपीी ने  14 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट से क्यूरेटिव पिटिशन खारिज होने के बाद राष्ट्रपति दया की गुहार लगाई थी। दिल्ली की पटियालाा हाउस कोर्ट ने मुकेश समेत चार दोषियों को फांसी देने के लिए 22 जनवरी का DEATH WARRANT जारी किया था। हालांकि, मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित होने के कारण गुरुवार को कोर्ट ने कहा कि 22 जनवरी को फांसी नहीं दी जा सकती है।
पटियाला हाउस कोर्ट ने ही 7 जनवरी को चारों दोषियों, मुकेश सिंह, विनय शर्मा, पवन गुप्ता और अक्षय ठाकुर के खिलाफ डेथ वॉरंट जारी करते हुए फांसी देने की तारीख 22 जनवरी तय की थी। हालांकि, दोषियों के पास राष्ट्रपति से दया याचिका दायर करने का आखिरी विकल्प बचा था। ऐसे में मुकेश ने क्षमा दान याचिका दी जिसे आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने खारिज कर दी। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि मुकेश की मर्सी पिटिशन खारिज होने की सूचना मंत्रालय को मिल चुकी है।
navbharat times
हालांकि, अभी तीन और दोषियों के पास राष्ट्रपति से क्षमादान मांगने का विकल्प बचा हुआ है। 16 दिसंबर, 2012 को दिल्ली में हुई इस खौफनाक घटना के एक अन्य दोषी विनय शर्मा की माफी याचिका भी राष्ट्रपति के पास पहुंची थी, लेकिन उसने बाद में यह कहते हुए अर्जी वापस ले ली थी कि इसके लिए उसकी राय नहीं ली गई थी। जेल नियमों के तहत अगर किसी एक केस में एक से ज्यादा दोषियों को फांसी की सजा मिली हो तो जब तक सभी आरोपियों के सारे कानूनी उपचार के विकल्प खत्म नहीं हो जाते, तब तक किसी को भी फांसी नहीं दी जा सकती है।

देश को दहलाने की साज़िश 5 आतंकवादी पकड़े,एजाज अहमद शेख, उमर हमीद शेख, इम्तियाज अहमद, साहिल फारूख और नसीर अहमद मीर

हालांकि आतंक का कोई धर्म नही होता लेकिन पड़ोसी मज़हब आधारित मुल्क ने अपनी नीचता और गन्दगी से इसको झुठलाने में कोई कसर नही छोड़ी है।
गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बृहस्पतिवार (जनवरी 16, 2020) की शाम श्रीनगर से जैश-ए-मोहम्मद के पाँच आतंकियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक यह सभी आतंकी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन कश्मीर घाटी में आतंकी हमला करने की साजिश रच रहे थे।
पुलिस ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा गणतंत्र दिवस पर एक बड़े आत्मघाती हमले की रची जा रही साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने जैश के पाँच सदस्यीय मॉड्यूल को नेस्तनाबूद करते हुए विस्फोटकों से लैस एक जैकेट और रिमोट ट्रिगल वाला बायोफेंग वॉकी-टॉकी भी बरामद किया है।
पुलिस को सूत्रों ने श्रीनगर में आतंकियों के छिपे होने की सूचना दी थी। जिसके बाद पुलिस फोर्स ने घेराबंदी करके आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आतंकी हजरतबल इलाके के रहने वाले हैं। आतंकियों के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किया है।
आतंकियों की पहचान एजाज अहमद शेख, उमर हमीद शेख, इम्तियाज अहमद, साहिल फारूख और नसीर अहमद मीर के रूप में हुई है। एजाज पेशे से वाहन चालक है जबकि उमर ठेला लगाता है। इमरान की खेल सामग्री की दुकान है, नसीर का अपना कारोबार है और साहिल एक प्राईवेट फर्म में नौकरी करता है।
पुलिस ने हथियार और विस्फोटक सामाग्री जब्त करके कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि बीते साल नवंबर में कश्मीर यूनिवर्सिटी के बाहर हुए ग्रेनेड हमले में भी यही आतंकी शामिल थे। अब वे 26 जनवरी को घाटी में एक बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने की फिराक में थे।
सुरक्षाबलों ने घाटी में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। अभी बीते बुधवार को भी सुरक्षाबलों ने डोडा में एनकाउंटर के दौरान हिज्बुल मुजाहिदीन के एक आतंकी को मार गिराया था। आतंकी की पहचान हिज्बुल मुजाहिदीन कमांडर हारून वानी के रूप में हुई थी। जेके पुलिस ने बताया कि पिछले महीने किश्तवाड़ में हुए राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं की हत्या सहित सुरक्षाबलों से हथियार छीनने जैसी वारदातों में भी आतंकी हारून शामिल था। सुरक्षाबल गणतंत्र दिवस की सुरक्षा को लेकर चौकन्नी है।

BREAKING NEWS : दिल्ली से एक फोन 30 सेकेंड का,संजय राउत ने माफी मांगी,उद्धव ठाकरे के तोते उड़े,

दिल्ली से सिर्फ एक फोन आया 30 सेकेंड का उद्धव ठाकरे संजय राउत से लेकर सारे नेता सांस रोके माफी मांगने लगे।
संजय राउत समेत उद्धव ठाकरे को मुंह की खानी पड़ी है,बाहर से बैठ कर बयानबाज़ी और सत्ता में रह कर साझीदार को सम्हालने का फर्क पता पड़ गया है।
इंदिरा गांधी से जुड़े बयान पर संजय राउत का यू-टर्न, कहा- मैं माफी मांगता हूंकांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा और संजय निरुपम ने गुरुवार को शिवसेना सांसद संजय राउत से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर की गई उनकी कथित टिप्पणी वापस लेने को कहा था.
 इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) पर दिये एक विवादित बयान को शिवसेना (Shiv sena) सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने वापस ले लिया है. उन्होंने कहा, ‘अगर मेरे बयान से कोई भी आहत हुआ है तो मैं माफी मांगता हूं. मैंने हमेशा कांग्रेस के नेताओं का समर्थन किया है.’
कांग्रेस की आपत्ति पर संजय राउत ने कहा, ‘मैंने हमेशा इंदिरा गांधी, पंडित नेहरू, राजीव गांधी और गांधी परिवार के प्रति जो सम्मान दिखाया, वह विपक्ष में होने के बावजूद किसी ने नहीं किया. जब भी लोगों ने इंदिरा गांधी पर निशाना साधा है, मैं उनके लिए खड़ा हुआ हूं.’
बता दें कि एक कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य राउत ने बुधवार को दावा किया था कि इंदिरा गांधी करीम लाला से मुंबई में मुलाकात करती थीं. करीम लाला, मस्तान मिर्जा उर्फ हाजी मस्तान और वरदराजन मुदलियार मुंबई के बड़े माफिया सरगना थे, जो 1960 से लेकर अस्सी के दशक तक सक्रिय रहे.
मिलिंद देवड़ा ने जताई आपत्ति
कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा और संजय निरुपम ने इस बयान पर आपत्ति जताई थी. देवड़ा ने कहा कि नेताओं को उन प्रधानमंत्रियों की विरासत गलत तरीके से पेश करने से बचना चाहिए, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं. उन्होंने ट्वीट किया, ‘इंदिरा जी एक सच्ची देशभक्त थीं, जिन्होंने कभी भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया.’ देवड़ा ने कहा, ‘कांग्रेस की मुंबई इकाई का पूर्व अध्यक्ष होने के नाते मैं संजय राउत जी से उनके गलत बयान को वापस लेने का अनुरोध करता हूं. राजनेताओं को दिवंगत प्रधानमंत्रियों की विरासत को गलत तरीके से पेश करने से बचना चाहिए.’
संजय निरुपम ने बताया- ‘मिस्टर शायर’
मुंबई कांग्रेस के एक और पूर्व अध्यक्ष संजय निरुपम ने कहा कि राउत ने गांधी के खिलाफ अगर ‘झूठा अभियान’ जारी रखा तो उन्हें ‘पछताना’ पड़ेगा. राउत द्वारा ट्विटर पर अक्सर दूसरों की कविताएं साझा किए जाने का संदर्भ देते हुए निरुपम ने ट्वीट किया, ‘बेहतर होगा कि शिवसेना के मिस्टर शायर दूसरों की हल्की-फुल्की शायरी-कविताएं सुनाकर महाराष्ट्र का मनोरंजन करते रहें. पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ दुष्प्रचार करेंगे तो उन्हें पछताना पड़ेगा. कल उन्होंने इंदिरा गांधी के बारे में जो बयान दिया है वह उन्हें वापस लेना चाहिए.’

वो शख्स जिसने दाऊद इब्राहिम को पांव के नीचे दबा कर मारे थे 101 चांटे, दाऊद इब्राहिम माफी मांगता भाग था

पहला डॉन भले ही हाजी मस्तान मिर्जा को कहा जाता हो लेकिन सच तो यह है कि उसके भी पहले मुंबई पर अगर कोई राज करता थआ तो वह था करीम लाला। जिस वक्त करीम लाला का रुतबा शबाब पर था उस वक्त उसकी पठान गैंग की मुंबई में तूती बोलती थी। हाल ही में शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने एक विवादित बयान दिया है जिसमें उन्होंने कहा कि खुद इंदिरा गांधी करीमा लाला से मिलने आती थीं। इस बयान के बाद एक बार फिर करीम लाला का नाम चर्चा में आ गया है।
अफगानिस्तान से आया था करीम लाला
अफगानिस्तान के कुनाप से 1930 के दशक में अब्दुल करीम शेर खान मुंबई (तब का बंबई) आया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक अमीर परिवार से ताल्लुक रखने वाले करीम लाला को शोहरत और ताकत की जुनून की हद तक चाहत थी। इसी वजह से पहले वह पेशावर गया उसके बाद मुंबई आ गया था। जिस वक्त उसने पहली बार मुंबई में कदम रखा वह 21 साल का था। साउथ दिल्ली के ग्रांट रोड स्टेशन के किराए के मकान में रहने वाले करीम ने सबसे पहले वहीं जुए का एक अड्डा खोला। इसी अड्डे से मुंबई के पहले माफिया करीम लाला का उदय हुआ था।
मुंबई का अंडरवर्ल्ड डॉन रहा पठान गैंग का मुखिया करीम लाला फिर चर्चा में है। बुधवार को शिवसेना के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत द्वारा दावा किया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी मुंबई में पुराने डॉन करीम लाला से मिलने आती थीं। महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में राउत के इस बयान ने खलबली मचा दी है।
कहा जाता है कि करीम लाला ने एक बार डी कंपनी का सरगना दाऊद इब्राहिम को लात-घूसों से जमकर पीटा था। वह डॉन हाजी मस्तान से पहले मुंबई में अपराधियों का सरगना था। करीम लाला का असली नाम अब्दुल करीम शेर खान था।
काम की तलाश में अफगानिस्तान से पहुंचा था मुंबई
करीम लाला अफगानिस्तान में पैदा हुआ था। वह पश्तून था और करीब 21 साल की आयु में काम की तलाश में भारत आया था। 1930 में पेशावर से मुंबई (तत्कालीन बंबई) पहुंचकर उसने छोटे मोटे काम धंधे करना शुरू किया लेकिन उसे यह रास नहीं आया।
करीम लाला घर से संपन्न था और उसे ज्यादा पैसा कमाने की बहुत चाहत थी। इसके लिए उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। सबसे पहले उसने मुंबई के ग्रांट रोड स्टेशन के पास एक मकान किराए पर लेकर उसमें सोशल क्लब नाम से जूए का अड्डा खोला। इस क्लब ने देखते ही देखते मुंबई में अपनी धाक जमा ली।
उसके इस क्लब में जुआ खेलने मुंबई के कई नामी गिरामी सेठ आते थे। जहां से उसकी जान-पहचान भी बनने लगी। जुए के अलावा उसने मुंबई पोर्ट पर कीमती गहनों, सोने, हीरों की तस्करी में भी हाथ आजमाया। आजादी के पहले तक उसने इस धंधे से बहुत पैसा कमाया।
करीम लाला, हाजी मस्तान और वरदाराजन में वर्चस्व की लड़ाई
मुंबई में उन दिनों करीम लाला, हाजी मस्तान और वरदाराजन अपना-अपना वर्चस्व स्थापित करने में लगे हुए थे। खून-खराबे और धंधे को हो रहे नुकसान को देखते हुए तीनों ने मिलकर काम और इलाकों का आपस में बंटवारा कर लिया। इससे तीनों अपने-अपने क्षेत्र में शांति से काम करने लगे।
जब दाऊद इब्राहिम को करीम लाला ने लात-घूसों से पीटा
कुछ समय बाद मुंबई पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल इब्राहिम कासकर के दो बेटे दाऊद इब्राहिम कासकर (दाऊद इब्राहिम) और शब्बीर इब्राहिम कासकर हाजी मस्तान की गैंग से जुड़ गए। दोनों ने करीम लाला के एरिया में तस्करी का धंधा शुरू कर दिया।
इससे नाराज होकर करीम लाल ने दाऊद को पकड़कर खूब पीटा था। यहां से भागकर दाऊद ने किसी तरह अपनी जान बचाई थी। लेकिन, बाद में फिर एक बार दाऊद ने करीम लाला के इलाके में धंधा शुरू किया। जिसके बाद दाऊद को कड़ा सबक सिखाने के लिए 1981 में पठान गैंग ने दाऊद के भाई शब्बीर की हत्या कर दी। इसके बाद दाऊद ने करीम लाला के भाई रहीम खान की 1986 में हत्या कर दी।
90 साल की उम्र में 19 फरवरी 2002 को मुंबई में करीम लाला की मौत हो गई।

【LIVE VIDEO】 500 से 700 रुपया प्रति शिफ्ट दो,हिंदुस्तान के किसी भी कोने में शाहीन बाग लो,बिरयानी चाय नाश्ता फ्री

दिल्ली के शाहीन बाग़ में। वही शाहीन बाग़ जहाँ पुलिस पर पत्थर फेंके गए, आगजनी की गई, दंगे किए गए और सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाया गया। वहाँ कुछ प्रदर्शनकारी सस्ता प्रचार स्टंट करते हुए दिखते हैं और मीडिया उन्हें देश-विदेश में आंदोलनकारियों के रूप में दिखाता है। क्यों? क्योंकि एक 20 दिन की नवजात बच्ची वहाँ मोदी सरकार के ख़िलाफ़ विरोध दर्ज कराने पहुँची है। चौंक गए न? मीडिया में तो यही चल रहा है- सीएए की सबसे कम उम्र की प्रदर्शनकारी उम्मी हबीबा, जिसका जन्म हुए अभी महीना भर भी नहीं हुआ। वो मोदी के ख़िलाफ़ धरना दे रही है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के चलते 15 दिसंबर से बंद कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग को खोलने की जनहित याचिका पर आज यानी मंगलवार को सुनवाई की। दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को 15 दिसंबर से बंद कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग मामले को देखने का निर्देश दिया है। बंद पड़े कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि जनहित का ध्यान रखें और कानून-व्यवस्था कायम करें। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ के समक्ष याचिका आई, जिसे मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया गया।
याचिका में कहा गया है कि सड़क बंद होने से रोजाना लाखों लोगों को कठिनाई होती है और वे पिछले एक महीने से अलग-अलग रास्तों से जाने के लिए बाध्य हैं। वकील और सामाजिक कार्यकर्ता अमित साहनी द्वारा दाखिल याचिका में दिल्ली पुलिस आयुक्त को कालिंदी कुंज-शाहीन बाग पट्टी और ओखला अंडरपास को बंद करने के आदेश को वापस लेने का निर्देश देने की मांग की गयी है।
अब से एक महीने पहले तक शायद दिल्ली के ही बहुत से लोगों ने शाहीन बाग का नाम नहीं सुना होगा. आज हालत ये है कि ट्विटर पर हर शहर शाहीन बाग ट्रेंड कर रहा है. इसकी वजह है पिछले एक महीने से शाहीन बाग में नागरिकता कानून के खिलाफ हो रहा अनोखा प्रदर्शन. बड़ी संख्या में महिलाएं यहां शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रही है. और अब यही देश के कई शहरों में हो रहा है. कोलकाता के पार्क सर्कस मैदान से, गया के शांति बाग से, यूपी के प्रयागराज से, कर्नाटक के मैंगलोर से ऐसी तस्वीरें आती जा रही हैं. हर जगह शाहीन बाग की तरह ही महिलाओं ने प्रदर्शन का मोर्चा संभाला हुआ है…सवाल है कि क्या ये सिर्फ लोगों का आंदोलन है ये इसके पीछे कोई बड़ा सियासी खेल खेला जा रहा है.
राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले एक महीने से जारी विरोध प्रदर्शन अभी भी जारी है. दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को हटने की अपील की जा रही है, लेकिन सभी लोग अभी भी डटे हुए हैं. बुधवार दोपहर यहां प्रदर्शनकारियों के लिए लंगर तैयार किया गया और खिलाया भी गया. बता दें कि 15 दिसंबर से हजारों की संख्या में लोग शाहीन बाग इलाके में जुटे हुए हैं.
हटने को तैयार नहीं लोग, तैयार हुआ लंगर
दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से मंगलवार को दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को आदेश दिया गया था कि वह कानून के मुताबिक फैसला ले और जनहित को ध्यान में रखे. शाहीन बाग पर जो प्रदर्शन हो रहा है उसकी वजह से दिल्ली से नोएडा आने वाला रास्ता बंद है. पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों से अपील की गई है कि वो खुद हट जाएं.
हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने CAA वापस होने तक प्रदर्शन ना रोकने को कहा है. दोपहर को यहां जब प्रदर्शन जारी था तो वॉलेंटियर्स ने सभी के लिए लंगर तैयार किया और खिलाया

दलित महिला से महीनों गैंगरेप करते रहे,मोहम्मद ज़ाहिद,मोहम्मद अतहर,मुसलमान बनाने दबाव,नाबालिग बेटी की मांग

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ (Aligarh) से महिला का गैंगरेप कर अश्लील वीडियो बनाने का मामला सामने आ रहा है. इतना ही नहीं आरोपियों ने पीड़िता को ब्लैकमेल कर उसकी बेटी से नाजयज संबंध बनाने और धर्मपरिवर्तन का दबाव भी बनाया. पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, लूट, एससी-एसटी एक्ट, अभद्रता, धमकाने आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. आरोपियों की तलाश की जा रही है.
जानें पूरा मामला
अलीगढ़ में थाना जवां क्षेत्र के एक गांव की अनुसूचित जाति की महिला ने गांव के मुस्लिम समुदाय के दो युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म कर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है. महिला का आरोप है कि युवकों ने उसकी घिनौनी वीडियो बना ली है. फ‍िर उसे वायरल करने की धमकी दे रहे हैं. इतना ही नहीं बदनाम करने की धमकी देकर बेटी के साथ भी संबंध बनवाने के लिए दबाव डाल रहे हैं.
गैंगरेप कर बनाया अश्लील वीडियो
एसएसपी कार्यालय पहुंची पीड़िता ने बताया कि उसका पति एक मुकदमे में दोषी करार होने के बाद जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है. परिवार में वह और एक बेटी है. वह खेत में काम कर परिवार का पालन पोषण करती है. दो माह पहले खेत में काम करने के दौरान गांव के मोहम्मद अफतर ने उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की. एक परिचित से शिकायत करने पर उसने माफी मांग ली. पीड़िता के मुताबिक इसके बाद अफतर ने अपने दोस्त मोहम्मद जाहिद के साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया.
ब्लैकमेल कर बेटी से संबंध और धर्मपरिवर्तन का दबाव
पीड़िता ने बताया कि दरिंदों ने उससे पैसे भी लूट लिए और उसकी अश्लील वीडियो बना ली. अब वे वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर दो माह से लगातार रेप कर रहे हैं. दरिंदो की हवस यहीं शान्त नहीं हुई अब वे बेटी संग भी संबंध बनवाने और धर्म परिवर्तन कराने के लिए दबाव बना रहे हैं.
आरोपियों की तलाश जारी
महिला की शिकायत पर एसएसपी ने मामले में जवां थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी का आदेश द‍िया. जवां इंस्पेक्टर नरेश कुमार ने बताया कि अफतर और जाहिद पर सामूहिक दुष्कर्म, लूट, एससी-एसटी एक्ट, अभद्रता, धमकाने आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. आरोपी फरार हैं. गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है.

22 जनवरी को फांसी पर लटकने से बच सकते हैं गैंगरेप आरोपी,कोर्ट में चली चाल कानून में फंसी,वकीलों ने उलझाया पेंच

निर्भया कांड के एक दोषी मुकेश ने निचली अदालत की ओर से जारी डेथ वारंट को रुकवाने के लिए दिल्‍ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. इस पर बुधवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान दिल्‍ली सरकार के वकील राहुल मेहरा ने कहा कि दोषियों को 22 जनवरी को फांसी की सजा नहीं दी जा सकती है. उन्‍होंने दलील दी कि दया याचिका खारिज होने के 14 दिनों बाद फांसी होगी, ऐसे में मुकेश की याचिका प्रीमेच्‍योर (समयपूर्व) है. बता दें कि निचली अदालत ने निर्भया कांड के दोषियों को 22 जनवरी को फांसी देने का फैसला सुनाया है.
मामले में दिल्‍ली सरकार की ओर से हाई कोर्ट में पेश हुए वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता राहुल मेहरा ने कहा कि 21 जनवरी को ट्रायल कोर्ट के पास जाया जाएगा. यदि तब तक दया याचिका खारिज होती है तब भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, 14 दिन की मोहलत वाला नया डेथ वारंट जारी करना होगा. ऐसे में किसी भी सूरत में 22 जनवरी को डेथ वारंट पर अमल करना संभव नहीं है, लिहाजा यह याचिका (डेथ वारंट रुकवाने वाली अर्जी) प्रीमेच्‍योर है.
कोर्ट ने भी उठाया सवाल
मुकेश की याचिका पर दिल्‍ली हाई कोर्ट ने भी सवाल उठाया. मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस मनमोहन ने कहा कि (तिहाड़) जेल अधिकारियों की ओर से दोषियों को पहला नोटिस जारी करने इतनी देर क्‍यों हुई? साथ ही तल्‍ख‍ टिप्‍पणी करते हुए जज ने कहा कि यह साफ है कि दोषियों ने कैसे सिस्‍टम का दुरुपयोग किया…ऐसे में तो लोग सिस्‍टम पर भरोसा ही खो देंगे.
दिल्‍ली पुलिस ने भी जताई आपत्ति
कोर्ट में मामले पर सुनवाई के दौरान दिल्‍ली पुलिस ने भी डेथ वारंट रुकवाने संबंधी दोषी मुकेश की याचिका पर आपत्ति जताई. पुलिस की ओर से दलील दिया गया, ‘वर्ष 2017 में सुप्रीम कोर्ट दोषियों की अपील खारिज करता है और साल 2020 में दया याचिका दाखिल की जाती है. यह एक बड़ा गैप है. दोषी ने इस मामले में जानबूझकर देरी की. जेल मैनुअल के हिसाब से अपील खारिज होने के बाद दोषी को दया याचिका दाखिल करने के लिए सात दिन का वक्‍त मिलता है.
निर्भया गैंगरेप (Nirbhaya Gang Rape) मामले में दोषी मुकेश की याचिका दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने खारिज कर दी है. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने कहा कि दिल्ली सरकार के समक्ष (सामने) जैसे ही ये याचिका आई, उसे फौरन खारिज करते हुए बिजली की गति (तीव्रता) से उपराज्यपाल (एलजी) अनिज बैजल को भेज दी गई. उन्होंने कहा कि वो निर्भया मामले में दोषियों को सजा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.
बता दें कि दोषी मुकेश ने दिल्ली हाईकोर्ट से डेथ वॉरंट को रद्द करने की मांग की है. उसकी याचिका पर बुधवार को अदालत में सुनवाई हुई. दिल्ली सरकार ने इस दौरान कहा कि 22 जनवरी को निर्भया के चारों दोषियों की फांसी नहीं होगी, क्योंकि इनमें से एक की दया याचिका लंबित है. दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा ने कहा कि दोषियों का दया याचिका अलग-अलग अगर दाखिल करना, वयस्था को हताश करने वाला है. उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को निर्भया के दोषियों को फांसी नहीं हो सकती क्योंकि फांसी दया याचिका के खारिज होने के 14 दिन के बाद होगी ऐसे में मुकेश की याचिका प्री-मैच्योर है.

BREAKING NEWS :10 करोड़ रुपये मांगे उप मुख्यमंत्री ने टिकट के लिए

यह सनसनीखेज आरोप लगाने वाला कोई पार्टी का साधारण कार्यकर्ता नही,उस सीट का विधायक है।
दिल्ली की बदरपुर सीट से विधायक एनडी शर्मा ने आम आदमी पार्टी के नेता और उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने टिकट के लिए 10 करोड़ रुपए की मांग की थी।
एएनआई के मुताबिक शर्मा ने कहा कि आप नेता सिसोदिया ने मुझे अपने घर पर बुलाया था और कहा था कि रामसिंह बदरपुर से टिकट चाहता है और इसके लिए वह 20-21 करोड़ रुपए भी दे रहा है। शर्मा ने कहा- उन्होंने मुझसे टिकट के लिए 10 करोड़ रुपए की मांग की थी। मैंने उनका प्रस्ताव मानने से इंकार कर दिया।
आम आदमी पार्टी ने रामसिंह को बदरपुर विधानसभा सीट से पार्टी का उम्मीदवार बनाया है। शर्मा ने कहा कि मैंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और अब मैं निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ूंगा।
उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी ने आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए सभी 70 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। मुख्‍यमंत्री अरविन्द केजरीवाल एक बार फिर नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि सिसोदिया पटपड़गंज सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

दिल्ली चुनाव: केजरीवाल ने घोषित कर दिए पूरे 70 नाम,देखिए पूरी सूची,कई विधायकों की टिकट कटी

केजरीवाल ने सबको पीछे छोड़ते हुए एक मुश्त 70 सीट पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं।
लोकसभा का चुनाव हार चुके दिलीप पांडे, आतिशी, चड्ढा पर AAP का दांव, कई विधायकों के कटे टिकट
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने 46 मौजूदा विधायकों पर फिर से भरोसा जताया है। खास बात यह है कि AAP ने पिछले साल लोकसभा चुनाव में शिकस्त खा चुके 3 उम्मीदवारों को विधायकी का चुनाव भी लड़ाने का फैसला किया है
AAP ने दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए घोषित किए उम्मीदवार, कई विधायकों के टिकट कटेलोकसभा चुनाव हार चुके दिलीप पांडे, राघव चड्ढा और आतिशी पर AAP ने विधानसभा चुनाव में भी खेला दांव,हाल ही में कांग्रेस छोड़कर AAP में आए शोएब इकबाल और राम सिंह नेताजी को भी दिया टिकट।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने 46 मौजूदा विधायकों पर फिर से भरोसा जताया है। खास बात यह है कि AAP ने पिछले साल लोकसभा चुनाव में शिकस्त खा चुके 3 उम्मीदवारों को विधायकी का चुनाव भी लड़ाने का फैसला किया है। कांग्रेस छोड़कर आए राम सिंह और शोएब इकबाल जैसे नेताओं को पार्टी ने टिकट का इनाम दिया है।
लोकसभा चुनाव लड़ चुके 3 उम्मीदवारों पर दांव
कहा जा रहा था कि पार्टी लोकसभा चुनाव लड़ चुके उम्मीदवारों को विधानसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं देगी। लेकिन AAP की लिस्ट में 3 ऐसे नाम हैं जो दिल्ली में पिछले लोकसभा चुनाव में उतरे थे और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। दिलीप पांडे को पार्टी ने तिमारपुर सीट से मैदान में उतारा है। वह 2019 लोकसभा चुनाव में उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से उतरे थे। इसी तरह लोकसभा चुनाव में पूर्वी दिल्ली से उम्मीदवार रहीं आतिशी को कालकाजी विधानसभा सीट से उतारा गया है। दक्षिणी दिल्ली सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके राघव चड्ढा को राजेंद्र नगर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।
पंकज पुष्कर, एनडी शर्मा, असीम के कटे टिकट
पिछली बार 70 में से 67 सीटें जीतने वाली आम आदमी पार्टी ने अपने कई विधायकों के टिकट काट दिए हैं। इनमें तिमारपुर से पंकज पुष्कर, मटिया महल से असीम अहमद खान और बदरपुर से नारायण दत्त शर्मा का नाम प्रमुख है। दिल्ली कैंट से कमांडो सुरेंद्र का टिकट काटकर वीरेंद्र सिंह कादियान को टिकट दिया गया है। इसी तरह त्रिलोकपुरी से राजू धिंगान का टिकट काटकर रोहित कुमार मैहरोलिया को टिकट दिया गया है।
कांग्रेस से आए शोएब और राम सिंह को टिकट
हाल ही में कांग्रेस छोड़कर AAP का दामन थामने वाले पूर्व विधायक शोएब इकबाल को मटिया महल और राम सिंह नेताजी को बदरपुर सीट से मैदान में उतारा गया है। इसी तरह विनय मिश्रा को विधायक आदर्श शास्त्री का टिकट काटकर द्वारका से उम्मीदवार बनाया गया है।
मौजूदा विधायक की जगह नए नाम
1.तिमारपुर से मौजूदा विधायक पंकज पुष्कर का टिकट काटकर दिलीप पांडे को उम्मीदवार बनाया गया
2.बवाना से मौजूदा विधायक रामचंद्र का टिकट काटकर जय भगवान उपकार को उम्मीदवार बनाया गया
3. मुंडका से सुखबीर दलाल का टिकट काटकर धर्मपाल लाकड़ा को उम्मीदवार बनाया गया
4. पटेल नगर से हजारीलाल चौहान का टिकट काटकर राजकुमार आनंद को उम्मीदवार बनाया गया
5. हरी नगर से जगदीप सिंह का टिकट काटकर राजकुमारी ढिल्लों को उम्मीदवार बनाया गया
6. द्वारका से आदर्श शास्त्री का टिकट काटकर विनय मिश्रा को टिकट दिया गया
7. दिल्ली कैंट से कमांडो सुरेंद्र का टिकट काटकर वीरेंद्र सिंह कादियान को टिकट दिया गया
8. राजेंद्र नगर से विजेंद्र गर्ग का टिकट काटकर राघव चड्ढा को उम्मीदवार बनाया गया
9. कालकाजी से अवतार सिंह का टिकट काटकर आतिशी को उम्मीदवार बनाया गया
10. बदरपुर से नारायण दत्त शर्मा का टिकट काटकर राम सिंह नेताजी को टिकट दिया गया
11 त्रिलोकपुरी से राजू धिंगान का टिकट काटकर रोहित कुमार मैहरोलिया को टिकट दिया गया
12. कोंडली से मनोज कुमार की जगह कुलदीप कुमार को टिकट दिया गया
13. सीलमपुर से हाजी इशराक का टिकट काटकर अब्दुल रहमान को उम्मीदवार बनाया गया
14. गोकुलपुर से चौधरी फतेह सिंह का टिकट काटकर चौधरी सुरेंद्र कुमार को उम्मीदवार बनाया गया
15. मटिया महल से आसिम अहमद खान की जगह शोएब इकबाल को टिकट दिया गया