21 दिन देश बन्द घर मे: नरेंद्र मोदी,14 अप्रेल तक लाकडाउन

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विगत बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब देश को सम्बोधित किया था, तब उन्होंने कहा था कि 22 मार्च को सभी लोग दिन भर ‘जनता कर्फ्यू’ का पालन करें और शाम 5 बजे अपने-अपने घर, बालकनी या खिड़की के पास खड़े होकर थाली, ताली या घंटी बजा कर डॉक्टरों व सार्वजनिक सेवाओं में रत अन्य कर्मचारियों को धन्यवाद दें। पीएम मोदी की इस अपील का अच्छा असर हुआ और लोगों ने उनके कहे अनुसार कार्य किया। अब उन्होंने दूसरी बार राष्ट्र को सम्बोधित किया है।
दूसरी बार राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक दिन के जनता कर्फ़्यू से भारत ने दिखा दिया कि जब देश पर संकट आता है, जब मानवता पर संकट आता है तो किस प्रकार से हम सभी भारतीय मिलकर, एकजुट होकर उसका मुकाबला करते हैं। बच्चे-बुजुर्ग, छोटे-बड़े, गरीब-मध्यम वर्ग-उच्च वर्ग, हर कोई परीक्षा की इस घड़ी में साथ आया। पीएम ने जनता से कहा कि आप ये भी देख रहे हैं कि दुनिया के समर्थ से समर्थ देशों को भी कैसे इस महामारी ने बिल्कुल बेबस कर दिया है!
पीएम मोदी ने बताया कि इन सभी देशों के दो महीनों के अध्ययन से जो निष्कर्ष निकल रहा है, और एक्सपर्ट्स भी यही कह रहे हैं कि कोरोना से प्रभावी मुकाबले के लिए एकमात्र विकल्प है- सोशल डिस्टन्सिंग। कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई तरीका नहीं है, कोई रास्ता नहीं है। बकौल पीएम, कोरोना को फैलने से रोकना है, तो इसके संक्रमण की सायकिल को तोड़ना ही होगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस गलतफहमी में हैं कि सोशल डिस्टन्सिंग केवल बीमार लोगों के लिए आवश्यक है। ये सोचना सही नहीं है। उन्होंने कहा:
कुछ लोगों की लापरवाही, कुछ लोगों की गलत सोच, आपको, आपके बच्चों को, आपके माता पिता को, आपके परिवार को, आपके दोस्तों को, पूरे देश को बहुत बड़ी मुश्किल में झोंक देगी। आज रात 12 बजे से पूरे देश में आज रात 12 बजे से पूरे देश में, ध्यान से सुनिएगा, पूरे देश में, आज रात 12 बजे से पूरे देश में, संपूर्ण लॉकडाउन होने जा रहा है।”
पीएम मोदी ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि हिंदुस्तान को बचाने के लिए, हिंदुस्तान के हर नागरिक को बचाने के लिए आज रात 12 बजे से, घरों से बाहर निकलने पर, पूरी तरह पाबंदी लगाई जा रही है। पीएम ने निश्चित तौर पर इस लॉकडाउन की एक आर्थिक कीमत देश को उठानी पड़ेगी। लेकिन, एक-एक भारतीय के जीवन को बचाना इस समय मेरी, भारत सरकार की, देश की हर राज्य सरकार की, हर स्थानीय निकाय की, सबसे बड़ी प्राथमिकता है