रावण ने की थी अपनी बहन शरूपनखा के पति की हत्या,शरूपनखा को विधवा कर दिया था प्रेम विवाह करने पर

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 ये बात बिलकुल सही है शूर्पणखा शादी शुदा थी जिसे रावण ने ही विधवा बना दिया था. श्रीमद वाल्मीकि रामायण में शूर्पणखा के विवाह उसके पति का वर्णन है, साथ ही रावण ने क्यों उसके पति यानि अपने बहनोई को मारा ये भी वर्णन है.
रावण, कुम्भकरण, विभीषण और शूर्पणखा ये चारो सगे भाई बहिन थे सभी का विवाह हुआ शूर्पणखा का विवाह कालकेय जाती के राक्षस विधुज्जिह से हुआ था जो की पटेल में निवास करता था. रावण विश्रवा ऋषि का पुत्र थे लेकिन उसने अपने ब्राह्मण पिता का नही माता कैकसी के कुल राक्षस वंश के गुणों का आश्रय लिया था.
लंका पर उसके राज्याभिषेक होते ही उसने त्रिलोकी जितने का प्राण किया इस बाबत वो सभी लोगो में युद्ध के लिए विचरने लगा. उसी समय वो पाताल में गया और वँहा कालकेय राक्षसों से संग्राम में अपने बहनोई को मार डाला. पाताल विजय कर जब वो लंका पहुंच तो पीछे शूर्पणखा भी आ पहुंची और विलाप करने लगी.उसको पता था कि रावण उसके इस विवाह से रुष्ट था।
जब रावण  ने उसका कारण पूछा तो शूर्पणखा ने कहा की आपने खुद ही मुझे विधवा कर दिया और अब मेरे विलाप के विषय में पूछ रहे है. तब रावण ने उसे कहा की मैंने जान बुझ कर उसे नही मारा में युद्ध के नशे में था और उस समय मुझे इस बात का ध्यान न रहा की सामने बहनोई है या कोई राक्षस.
तब रावण ने शूर्पणखा को खर दूषण भाइयो के साथ 14000 राक्षस दिए और जनस्थान में उसके लिए रहने की व्यवस्था करि जंहा वो आसानी से नर भक्षण कर अपना जीवन आनंद से गुजारे…