क्या रॉबर्ट वाड्रा के सारे पत्ते खुल गए,बर्तनों पर कलई करने से लेकर,विदेश में अरबों की संपत्ति

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रॉबर्ट वाड्रा के निरन्तर बदलते बयानों ने रॉबर्ट की गिरफ्तारी की नींव पक्की कर दी है,हालांकि रॉबर्ट को विदेश जाने की इजाज़त मिल गयी है लेकिन वह भी सीमित अमेरिका या नीदरलैंड की।विदेश में मनी लांड्रिंग के जरिये संपत्ति बनाने वाले रॉबर्ट के निरंतर बदलते बयानों और हथियार दलालों से रिश्तों के पुख्ता सबूत लेकर ED अब जमानत खारिज कराने की ओर बढ़ रही है।
जिसके बारे में कहा था नहीं जानते,
वह कह रहा वाड्रा उसके काफी करीबी ,जिससे फ्लाइट में मिलने की बात कही, उसने कहा सोनिया के पीए ने मिलवाया,कई बयानों, सबूतों के आधार पर तैयार दस्तावेज के जरिए ED बढ़ाएगा कदम
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) जिस दस्तावेज के आधार पर रॉबर्ट वाड्रा की हाईकोर्ट में जमानत रद्द करवाने की तैयारी कर रही है, उस दस्तावेज में लिखी बातों के हिसाब से रॉबर्ट वाड्रा ने इस मामले से जुड़ी पूजा चड्ढा, सुमित चड्डा, विपुल बेरीवाला, संजीव वर्मा और जगदीश शर्मा के बारे में कहा है कि वे उन्हें नहीं जानते. जबकि जांच से पता चला है कि वाड्रा सुमित चड्ढा को संजय भंडारी के जरिए जानते हैं.
वाड्रा के सहयोगी मनोज अरोरा ने पूछताछ में कहा कि वे मोबाइल पर बातचीत के जरिए वाड्रा से संपर्क में थे. संजय वर्मा के बारे के मनोज अरोड़ा ने कहा कि वे उसे नहीं जानते. वहीं जगदीश शर्मा ने ED को बताया कि वे रॉबर्ट वाड्रा के काफी करीब हैं.
रॉबर्ट वाड्रा ने पूछताछ में कहा कि वे सीसी थंपी से एमिरेट्स की फ्लाइट में मिले थे. जबकि थंपी ने पूछताछ में बताया कि वे सोनिया गांधी के पीए माधवन के जरिए रॉबर्ट वाड्रा से मिले थे. रॉबर्ट वाड्रा ने पूछताछ में कहा कि लंदन में जिस संपत्ति का जिक्र हो रहा है वहां वे कभी नही रुके. जबकि थंपी ने पूछताछ के दौरान बताया कि रॉबर्ट वाड्रा वहां रुक चुके हैं.
रॉबर्ट वाड्रा
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा मंगलवार को धनशोधन से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए. यह मामला कथित तौर पर विदेश में वाड्रा के स्वामितत्व वाली संपत्तियों से जुड़ा है. मंगलवार को वाड्रा से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की गई. ईडी ने कई सवाल वाड्रा से पूछे. जिनमें कुछ बातों का जवाब ईडी को विरोधाभासी मिला.
ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा से पूछे गए सवालों के जवाबों को लेकर विराधाभासी बयानों को सामने रखा है. रॉबर्ट वाड्रा की पूजा चड्ढा से पहचान को लेकर 7 फरवरी को रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि वो साफ तौर पर कुछ नहीं कह सकते हैं. वहीं 8 मार्च को उन्होंने कहा कि वो पूजा चड्ढा को नहीं जानते हैं. सुमित चड्ढा को लेकर 7 फरवरी को वाड्रा ने ED को बताया कि वे सुमित चड्ढा से नहीं मिले हैं. लेकिन 14 जनवरी 2019 को वाड्रा के एक सहयोगी ने ED को बताया कि वाड्रा सुमित चड्ढा को संजय भंडारी के माध्यम से जानते हैं.
सीसी थंपी से जान पहचान को लेकर 6 फरवरी 2019 को रॉबर्ट वाड्रा ने ईडी को बताया कि वह उनसे फ्लाइट में मिले थे. वहीं 6 अप्रैल 2017 को थंपी ने कहा है कि वह सोनिया गांधी के पीए माधवन के माध्यम से रॉबर्ट वाड्रा से मिले थे. रॉबर्ट वाड्रा को सुमित चड्ढा और पूजा चड्ढा से मिले ईमेल को लेकर भी उनका बयान विरोधाभासी रहा. 6 फरवरी को वाड्रा सहमत हुए कि robertvadra@yahoo.com उनकी ईमेल आईडी है. हालांकि अगले दिन ही यानी सात फरवरी को उन्होंने इस बात से इनकार किया कि ये ईमेल उन्हें उनके सहयोगी मनोज अरोरा ने 16 जनवरी को लिखे थे.
कौन है ‘RV’?
रॉबर्ट वाड्रा लंदन के कारोबारी विपुल बेरीवाला और संजीव वर्मा को जानते हैं या नहीं, इसको लेकर 7 फरवरी को उन्होंने कहा कि वह विपुल बेरीवाला को नहीं जानते हैं. 14 जनवरी और 31 जनवरी को मनोज अरोरा ने कहा है कि वह विपुल बेरीवाला को नहीं जानते हैं. हालांकि बेरीवाला का नंबर वाड्रा के मोबाइल फोन की लिस्ट में है. जब वाड्रा से पूछा गया कि क्या ईमेल में ‘RV’ रॉबर्ट वाड्रा को दर्शाता है तो 7 फरवरी को वाड्रा ने कहा कि उन्हें आरवी के बार में नहीं पता है. लोग उन्हें आरवी के रूप में नहीं बुलाते हैं. 31 जनवरी को मनोज अरोरा ने अपने मोबाइल फोन के नंबर की लिस्ट में एमआरवी का उल्लेख किया है. एमआरवी मिस्टर रॉबर्ट वाड्रा की ओर संकेत देता है.
रॉबर्ट वाड्रा जगदीश शर्मा को जानते हैं या नहीं, इसको लेकर 6 फरवरी 2019 को वाड्रा ने ईडी को बताया कि जगदीश शर्मा उनका अनुसरण करते हैं और साथ जुड़ने की कोशिश करते हैं. हालांकि उनके लिए कभी भी काम नहीं किया है. वहीं 8 दिसंबर 2018 को जगदीश शर्मा ने कहा कि वह गांधी परिवार के करीबी हैं लेकिन वह रॉबर्ट वाड्रा के सबसे करीब है. रिपोर्ट्स के मुताबिक जगदीश रॉबर्ट वाड्रा की राजनीतिक प्रोफाइलिंग करते हैं और मामलों में उनकी सलाह भी लेते हैं.
रॉबर्ट वाड्रा से पूछा गया कि क्या उनको साहब के नाम से जाना जाता है तो 7 फरवरी को वाड्रा ने बताया कि उनके अधीनस्थ उन्हें ‘बॉस’ कहते हैं. 10 दिसंबर 2018 को जगदीश शर्मा ने कहा कि रॉबर्ट वाड्रा को साहब के रूप में जाना जाता है. 8 दिसंबर 2018 को अनुज नौटियाल ने अपने बयान में कहा है कि जगदीश शर्मा ने उन्हें बताया कि उनके बॉस ने विदेशी संपत्ति में निवेश किया था और जगदीश ने बॉस के रूप में रॉबर्ट का उल्लेख किया. 16 जनवरी 2019 को मनोज अरोरा ने कहा है कि रॉबर्ट वाड्रा को रॉबर्ट साहब के रूप में भी संबोधित किया जाता है.