Monday, August 8, 2022
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5000 करोड़ की धोखाधड़ी में बड़ी कार्यवाही,5 लाख की कम्पनी बनाकर सोनिया राहुल ने खेल था खेल हड़पने का

क्या है नेशनल हेराल्ड केस?
नेशनल हेराल्ड (National Herald) एक न्यूज पेपर है, जिसे साल 1938 में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने शुरू किया था। इस न्यूज पेपर को चलाने का जिम्मा एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) नाम की कंपनी के पास था। शुरुआत से इस कंपनी में कांग्रेस और गांधी परिवार के लोग हावी रहे। करीब 70 साल बाद 2008 में घाटे की वजह से इस न्यूज पेपर को बंद करना पड़ा तब कांग्रेस ने AJL को पार्टी फंड से बिना ब्याज का 90 करोड़ रुपये का लोन दिया। फिर सोनिया और राहुल गांधी ने ‘यंग इंडियन’ नाम से नई कंपनी बनाई। यंग इंडियन को एसोसिएटेड जर्नल्स को दिए लोन के बदले में कंपनी की 99 फीसदी हिस्सेदारी मिल गई। यंग इंडियन कंपनी में सोनिया और राहुल गांधी की 38-38 फीसदी की हिस्सेदारी है वहीं बाकी का शेयर मोतीलाल बोरा और आस्कर फर्नांडिस के पास था।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘नेशनल हेराल्ड’ के मुख्यालय को सील कर दिया है। साथ ही कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी के निवास स्थान 10, जनपथ के बाहर भी बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। पार्टी ने बड़ी संख्या में अपने कार्यकर्ताओं को वहाँ बुलाया है। ED ने कहा है कि उसके आदेश के बिना अब ‘नेशनल हेराल्ड’ के मुख्यालय का परिसर नहीं खोला जाएगा और न ही कोई अंदर जाएगा।के3
मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ED ने ये कार्रवाई की है। लोकसभा में सोनिया गाँधी के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस सांसदों ने वेल में ED के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया। कॉन्ग्रेस नेताओं का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने पार्टी मुख्यालय की तरफ जाने वालों सड़कों को ब्लॉक कर दिया है। जिस दफ्तर को सील किया गया है, उसे ‘यंग इंडिया लिमिटेड’ नामक कंपनी चलाती है। इस कार्रवाई से एक दिन पहले ED ने इस मामले में 11 जगहों पर छापेमारी की थी।

जिस दफ्तर को को सील किया गया है, वो नई दिल्ली के बहादुरशाह जफ़र मार्ग पर स्थित है। हेराल्ड की इमारत के बाहर बड़ी संख्या में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमा होकर हंगामा किया। कॉन्ग्रेस पार्टी इसे बदले की राजनीति बताते हुए मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कानून पर ही सवाल खड़े कर रही है। मल्लिकार्जुन खड़गे और पवन बंसल ने इस दफ्तर का दौरा भी किया था। पार्टी का आरोप है कि मोदी सरकार अपने आलोचकों को चुप कराने के लिए ED का इस्तेमाल कर रही है।
इधर सुब्रमण्यन स्वामी ने बताया कि बताया कि कैसे इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम दिया गया। उन्होंने समझाया कि कॉन्ग्रेस ने पहले 5 लाख शेयर कैपिटल पर यंग इंडिया लिमिटेड को बनाया और फिर कॉन्ग्रेस की 90 करोड़ कर्ज वाली AJL को ये कहकर खरीद लिया कि उसमें कुछ बचा नहीं था, फिर उन्होंने उसे 50 लाख रुपए में खरीदा। स्वामी राहुल-सोनिया को अपराधी बताते हुए कहते हैं कि एजीएल पर 90 करोड़ रुपए का कोई कर्ज नहीं था। कंपनी के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग हुई।

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