【LIVE VIDEO】 500 से 700 रुपया प्रति शिफ्ट दो,हिंदुस्तान के किसी भी कोने में शाहीन बाग लो,बिरयानी चाय नाश्ता फ्री

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दिल्ली के शाहीन बाग़ में। वही शाहीन बाग़ जहाँ पुलिस पर पत्थर फेंके गए, आगजनी की गई, दंगे किए गए और सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाया गया। वहाँ कुछ प्रदर्शनकारी सस्ता प्रचार स्टंट करते हुए दिखते हैं और मीडिया उन्हें देश-विदेश में आंदोलनकारियों के रूप में दिखाता है। क्यों? क्योंकि एक 20 दिन की नवजात बच्ची वहाँ मोदी सरकार के ख़िलाफ़ विरोध दर्ज कराने पहुँची है। चौंक गए न? मीडिया में तो यही चल रहा है- सीएए की सबसे कम उम्र की प्रदर्शनकारी उम्मी हबीबा, जिसका जन्म हुए अभी महीना भर भी नहीं हुआ। वो मोदी के ख़िलाफ़ धरना दे रही है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के चलते 15 दिसंबर से बंद कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग को खोलने की जनहित याचिका पर आज यानी मंगलवार को सुनवाई की। दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को 15 दिसंबर से बंद कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग मामले को देखने का निर्देश दिया है। बंद पड़े कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि जनहित का ध्यान रखें और कानून-व्यवस्था कायम करें। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ के समक्ष याचिका आई, जिसे मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया गया।
याचिका में कहा गया है कि सड़क बंद होने से रोजाना लाखों लोगों को कठिनाई होती है और वे पिछले एक महीने से अलग-अलग रास्तों से जाने के लिए बाध्य हैं। वकील और सामाजिक कार्यकर्ता अमित साहनी द्वारा दाखिल याचिका में दिल्ली पुलिस आयुक्त को कालिंदी कुंज-शाहीन बाग पट्टी और ओखला अंडरपास को बंद करने के आदेश को वापस लेने का निर्देश देने की मांग की गयी है।
अब से एक महीने पहले तक शायद दिल्ली के ही बहुत से लोगों ने शाहीन बाग का नाम नहीं सुना होगा. आज हालत ये है कि ट्विटर पर हर शहर शाहीन बाग ट्रेंड कर रहा है. इसकी वजह है पिछले एक महीने से शाहीन बाग में नागरिकता कानून के खिलाफ हो रहा अनोखा प्रदर्शन. बड़ी संख्या में महिलाएं यहां शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रही है. और अब यही देश के कई शहरों में हो रहा है. कोलकाता के पार्क सर्कस मैदान से, गया के शांति बाग से, यूपी के प्रयागराज से, कर्नाटक के मैंगलोर से ऐसी तस्वीरें आती जा रही हैं. हर जगह शाहीन बाग की तरह ही महिलाओं ने प्रदर्शन का मोर्चा संभाला हुआ है…सवाल है कि क्या ये सिर्फ लोगों का आंदोलन है ये इसके पीछे कोई बड़ा सियासी खेल खेला जा रहा है.
राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले एक महीने से जारी विरोध प्रदर्शन अभी भी जारी है. दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को हटने की अपील की जा रही है, लेकिन सभी लोग अभी भी डटे हुए हैं. बुधवार दोपहर यहां प्रदर्शनकारियों के लिए लंगर तैयार किया गया और खिलाया भी गया. बता दें कि 15 दिसंबर से हजारों की संख्या में लोग शाहीन बाग इलाके में जुटे हुए हैं.
हटने को तैयार नहीं लोग, तैयार हुआ लंगर
दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से मंगलवार को दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को आदेश दिया गया था कि वह कानून के मुताबिक फैसला ले और जनहित को ध्यान में रखे. शाहीन बाग पर जो प्रदर्शन हो रहा है उसकी वजह से दिल्ली से नोएडा आने वाला रास्ता बंद है. पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों से अपील की गई है कि वो खुद हट जाएं.
हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने CAA वापस होने तक प्रदर्शन ना रोकने को कहा है. दोपहर को यहां जब प्रदर्शन जारी था तो वॉलेंटियर्स ने सभी के लिए लंगर तैयार किया और खिलाया