सनसनीखेज शर्मनाक खुलासा: जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रोफेसर ने काफ़िर कह कर फेल किये,15 हिन्दू बच्चे

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जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एक प्रोफेसर ने दावा किया है कि उसने उन नॉन-मुस्लिम छात्रों को परीक्षा में फेल कर दिया है, जो सीएए के पक्ष में थे या जो सीएए विरोधियों का विरोध कर रहे थे। जहाँ एक तरफ शिक्षकों से उम्मीद की जाती है कि वो बिना किसी भेदभाव के छात्रों को पढ़ाएँ और उन्हें एक अच्छा नागरिक बनाएँ, लेकिन प्रोफेसर अबरार अहमद लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से सीएए समर्थक छात्रों को धमकी देने में लगा हुआ है। हाल ही में उसने ऐलान किया है कि परीक्षा में 15 सीएए समर्थक छात्रों को छोड़ कर बाकी सभी छात्र पास हैं। उसने सीएए के विरोध में उसके 55 छात्र होने का दावा किया।
एक शिक्षक जिससे आप कल्पना करते हैं न्याय की शिक्षा की,पर वो ही जब जिहादी मानसिकता का हो तो नतीजा क्या होगा।आपके स्कूल और कॉलेज में भी कई मुस्लिम टीचर होंगे, हो सकता हो आपको भी किसी मुस्लिम ने स्कूल या कॉलेज में पढाया हो, पर आपको सिर्फ इसलिए फेल कर दिया जाये क्यूंकि आप मुस्लिम नहीं हो और CAA का समर्थन करते हो तो आपको कैसा लगेगा
दिल्ली के एक मजहबी उन्मादी टीचर ने खुद बताया की उसने अपने सभी छात्रों को पास कर दिया सिर्फ उन 15 काफिर छात्रों को फेल कर दिया जो की CAA का समर्थन कर रहे थे
इस मजहबी उन्मादी का नाम है अबरार अहमद और ये जामिया में टीचर है, इसने आज 25 मार्च को बताया की इसने 15 गैर मुसलमानों को फेल कर दिया है जो की CAA का समर्थन कर रहे थे
आपकी जानकारी के लिए बता दें की CAA का कानून भारत सरकार ने जब पास किया था उसके बाद से ही दिल्ली और पुरे देश में मजहबी उन्मादियों ने उत्पात मचाया था, दिल्ली में तो दंगे भी किये गए थे
और अब मजहबी उन्मादी बड़े गर्व से बता रहे है की हमने काफिरों को फेल कर दिया और जो हमारे साथ नहीं है उनको हम छोड़ेंगे नहीं