Friday, July 31, 2020
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सुशांत सिंह मामला: रिया चक्रवर्ती अड़ी मुंबई पुलिस से जांच कराने पर,45 दिन से पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्रोविजनल

सुब्रह्मण्यम स्वामी (Subrahmanyam Swamy) ने  ट्वीट कर स्पष्ट किया कि मुंबई पुलिस ने अभी तक Sushant Singh Rajput) की मौत की जांच में एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्रोविजनल क्यों है.
स्वामी ने अपने वेरिफाइड ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया, “मुंबई पुलिस ने सुशांत सिंह राजपूत मामले में एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की? पोस्टमार्टम रिपोर्ट को प्रोविजनल क्यों कहा गया? दोनों का एक ही कारण है : अस्पताल के डॉक्टरों को फोरेंसिक विभाग से सुशांत की विसरा रिपोर्ट का इंतजार है, ताकि पता चल सके कि उसे जहर दिया गया था या नहीं. उसके नाखून भी भेजे गए हैं.”

 

सुशांत के फैमिली काउंसिल ने 6 महत्वपूर्ण प्वाइंट्स इस मामले में उठाए हैं.
1. रिया और मुंबई पुलिस के बीच मैच फिक्सिंग चल रही है. इससे पहले रिया ने सीबीआई जांच की मांग की थी लेकिन अब वो एक याचिका दायर कर चुकी हैं जिसमें कहा गया है कि इस केस की जांच बिहार पुलिस को देने की बजाए मुंबई में ही होनी चाहिए. आखिर रिया मुंबई पुलिस से ही जांच क्यों कराना चाहती हैं?
2. मुंबई पुलिस इस केस में नेपोटिज्म और फेवरिटिज्म की जांच कर रही है और ये सुशांत के कॉन्ट्रैक्ट को खंगाल रही हैं. इन सब बातों का इस केस में कोई काम ही नहीं है.
3. सुशांत के परिवार वालों ने बांद्रा के डीसीपी को मैसेज भेजा था कि रिया के चलते सुशांत की लाइफ खतरे में है. इस बात की जांच की जानी चाहिए कि आखिर मुंबई पुलिस ने इस मामले में शिकायत पर कोई एक्शन क्यों नहीं लिया था.
4. महाराष्ट्र सरकार के पास कोई पावर नहीं है कि वे सीबीआई को केस ट्रांसफर करें. उनके पास एफआईआर तक नहीं है. सिर्फ बिहार सरकार ही इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दे सकती है.
5. हम नहीं चाहते हैं कि केस सीबीआई को ट्रांसफर किया जाए. हमें लगता है कि बिहार पुलिस इस केस को इंवेस्टिगेट करने के काबिल है.
6. बिहार पुलिस को अब रिया चक्रवर्ती को अरेस्ट कर लेना चाहिए.
सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) केस में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. इसी बीच बिहार सरकार के मंत्री और जेडीयू (JDU) नेता महेश्वर हजारी (Maheshwar Hazari) ने इस केस पर टिप्पणी करते हुए रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) को सुपारी किलर करार दिया है.
उन्होंने कहा कि रिया चक्रवर्ती एक सुपारी किलर के रूप में सुशांत की जिंदगी में आई और उसे अपने प्यार के जाल में फंसा लिया. सुशांत के पैसे तक ट्रांसफर करवा लिए. अब साफ नजर आ रहा है कि ये आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है. रिया चक्रवर्ती का विष कन्या की तरह है जिसे साजिश के तहत सुशांत के पास भेजा गया था.
सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच सीबीआई से कराने की मांग तेज हो गई है. महाराष्ट्र बीजेपी के नेता आशीष शेलार ने भी सीबीआई से जांच कराने की मांग की है. उन्होंने गुरुवार को ट्वीट किया कि तथ्यों में गड़बड़ी, कुछ सवालों के जवाब नहीं, सुशांत सिंह राजपूत केस में ट्विस्ट. इस मामले की सीबीआई जांच जरूरी है.
बता दें कि सुशांत सुसाइड केस में सुब्रमण्यम स्वामी स्वामी एक सक्रिय भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं. उन्होंने आज ही सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड को मर्डर बताया और इसकी 26 बड़ी वजहें भी बताई. बीजेपी नेता के मुताबिक, सुशांत के रूम में एंटी डिप्रेशन ड्रग्स जो मिले हैं, वो हो सकता है किसी ने वहां प्लांट कर दिए हो.
स्वामी के मुताबिक, सुशांत की गर्दन पर मिले निशान बेल्ट जैसी चीज से लगे हैं. कहा तो ऐसा भी गया है कि सुशांत 14 जून को सुबह के वक्त वीडियो गेम खेल रहे थे. बीजेपी सांसद को लगता है कि कोई शख्स जो डिप्रेस्ड हो वो ऐसा वीडियो गेम नहीं खेल सकता. कोई सुसाइड नोट का ना मिलना भी सुब्रमण्यम स्वामी को खटक रहा है और वे इसे एक मर्डर बता रहे हैं.
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सुशांत सिंह केस की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है. सुब्रमण्यम स्वामी ने पीएम मोदी से अनुरोध किया कि जैसा कि इस पूरे मामले की जांच में अब दो राज्यों की पुलिस शामिल हो गई, ऐसे में अब महत्वपूर्ण है कि इसकी जांच सीबीआई, ईडी और एनआईए से कराई जाए.
बता दें कि सुब्रमण्यम स्वामी की पीएम मोदी को ये दूसरी चिट्ठी है. इससे पहले उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी कि मैंने पीएम मोदी से प्रवर्तन निदेशालय को निर्देश देने का अनुरोध किया है और एनआईए को परिस्थितियों की जांच करने के लिए कहा है.
सुशांत सिंह राजपूत के फैमिली काउंसिल विकास सिंह ने मुंबई पुलिस को कटघरे में खड़ा किया है और उनसे कई गंभीर सवालों को लेकर जवाब मांगा है. सुशांत के पिता के के सिंह ने 28 जुलाई को रिया चक्रवर्ती के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. इस एफआईआर में के के सिंह ने आरोप लगाया था कि रिया ने सुशांत को सुसाइड के लिए उकसाया और वो उनके पैसे भी हड़पना चाहती थीं. इसके अलावा भी उन्होंने रिया पर कई संगीन आरोप लगाए हैं और उन्होंने ये एफआईआर भी बिहार में इसलिए दर्ज कराई थी क्योंकि उन्हें मुंबई पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं था.
बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत के केस में के के सिंह द्वारा फाइल कराई गई एफआईआर पहली एफआईआर है. इससे पहले 14 जून को ही मुंबई पुलिस ने इस मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट रजिस्टर की थी. मुंबई पुलिस इस केस को लगातार सुसाइड का मामला बता रही है वही सोशल मीडिया पर सुशांत सिंह राजपूत के कई फैंस इसे सुसाइड नहीं बल्कि मर्डर बता रहे हैं. कंगना रनौत ने तो इस मामले में बॉलीवुड के कुछ सितारों को घसीटा है और इसे मूवी माफिया और नेपोटिज्म गैंग द्वारा प्लान्ड मर्डर बताया है.

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