Sunday, February 21, 2021
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टिकैत की महाराष्ट्र रैली की कहानी,सिर्फ एक फोन कॉल में ढेर हो गया,बक्कल उतारने वाला टिकैत

जो बताया गया

Kisan Andolan: कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने के मद्देनजर पूर्वी महाराष्ट्र के यवतमाल जिला प्रशासन ने BKU नेता राकेश टिकैत को 20 फरवरी की महापंचायत के लिए अनुमति नहीं दी है. यवतमाल जिलाधिकारी एमडी सिंह ने कहा, ‘पिछले दो दिनों में कोविड-19 (Covid-19) के मामले बढ़ने को ध्यान में रखते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक ने यह रिपोर्ट दी है कि (रैली की) अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘साथ ही, हमने जिले में आज रात से लॉकडाउन लागू करने का भी आदेश दिया है, इसलिए हमने रैली की अनुमति नहीं दी है.’ भारतीय किसान यूनियन (BKU) नेता राकेश टिकैत का शनिवार को यवतमाल शहर के आजाद मैदान में एक रैली को संबोधित करने का कार्यक्रम था.

 जो सही में हुआ
बक्कल उतारने की धमकी देने वाले राकेश टिकैत डरे एक फर्जी कॉल से, यवतमाल का ‘किसान रैली’ किया रद्द

दिल्ली की सीमाओं पर ‘किसान विरोध प्रदर्शन’ का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत को महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में एक मेगा रैली करनी थी। हालाँकि, एक अज्ञात फर्जी कॉल की वजह से बक्कल उतारने की धमकी देने वाले टिकैत ने अपनी यात्रा को रद्द कर दिया, दरअसल, फर्जी कॉल करने वाले ने खुद को SP बताया और यहाँ आने पर उन्हें 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रखने की चेतावनी दी। जिसके बाद राकेश टिकैत को अपना फैसला बदलना पड़ा

कार्यक्रम के आयोजकों के अनुसार, बीकेयू नेता राकेश टिकैत द्वारा संबोधित एक रैली में भाग लेने के लिए शनिवार (फरवरी 20, 2021) को राज्य भर से 1 लाख से अधिक किसान यवतमाल पहुँचने वाले थे। चूँकि, महाराष्ट्र में फिर से कोरोना का प्रकोप बढ़ रहा है तो इसे देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने रैली के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया।

इसके बाद किसान मोर्चा ने नया आवेदन देते हुए कहा कि रैली में 50 से अधिक लोग शामिल नहीं होंगे। हालाँकि, दूसरे आवेदन को भी महाराष्ट्र सरकार ने खारिज कर दिया। हालाँकि, आयोजन के आयोजकों ने एसपी के नाम पर एक फर्जी कॉल को कार्यक्रम को रद्द करने के लिए जिम्मेदार ठहराया, जिन्होंने टिकैत को राज्य में आने पर 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन में भेजने की चेतावनी दी थी।

किसान मोर्चा के महाराष्ट्र विंग से संदीप गिद्दी पाटिल के अनुसार, टिकैत को एक कॉल आई थी, जिसने खुद को यवतमाल का एसपी बताया था। उन्होंने टिकैत को जिले का दौरा करने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बीकेयू नेता यवतमाल का दौरा करते हैं, तो उन्हें दो सप्ताह के लिए क्वारंटाइन में रखा जाएगा। जिसके बाद राकेश टिकैत ने डर से यहीं रखने का फैसला किया कि क्वारंटाइन में रहने पर गाजीपुर साइट पर विरोध प्रदर्शन बाधित हो जाएगा।

पाटिल ने आगे कहा कि जब यह पुष्टि की गई कि यवतमाल एसपी दिलीप भुजबल द्वारा कॉल नहीं किया गया था, तो यह स्पष्ट हो गया कि टिकैत को महाराष्ट्र में एक रैली को संबोधित करने से रोकने के लिए एक फर्जी कॉल किया गया था। हालाँकि, पाटिल ने कहा कि टिकैत अब एक ऑनलाइन संबोधन करेंगे और बाकी के कार्यकर्ता यवतमाल में बैठक में भाग लेंगे।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए, यवतमाल एसपी ने कहा कि उन्होंने केवल आयोजकों को कॉल कर उनसे कड़ा रुख अपनाने को कहा था। भुजबल ने कहा कि उन्होंने आयोजकों से कहा था कि अगर वे अपनी बैठक को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं, तो पुलिस इस स्थिति से निपट लेगी। लेकिन, भुजबल ने यह भी कहा कि उन्होंने नेताओं को एक जिम्मेदार फैसला लेने और टिकैत को यवतमाल न आने के लिए मनाने की सलाह दी थी। भुजबल ने स्वीकार किया कि राकेश टिकैत को ढोंगी ने जिले का दौरा करने से मना कर दिया

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