22 महीने में खुल गयी 15 हज़ार करोड़ की सड़क की पोल अखिलेश यादव की

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1.  अखिलेश यादव की समाजवादी सरकार में इस एक्सप्रेसवे को 23 महीने के रेकॉर्ड समय में बनाया गया था।

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इसे बनाने में करीब 15 हजार करोड़ रुपये की लगात आयी। एक्सप्रेसवे का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नवंबर 2016 को किया था। यह एक्सप्रेसवे 302 किलोमीटर लंबा है।  उद्घाटन के बाद यहां कई बार लड़ाकू विमानों को भी उतारा गया।

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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मिट्टी धंसने से अचानक खाई में गिर गई कार और फिर.. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बुधवार सुबह सर्विस लेन धंसने से एक कार खाई में गिरकर फंस
वह कहावत तो आपने सुनी होगी, ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’. कुछ ऐसा ही 302 किलोमीटर लंबे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुआ. एक्सप्रेसवे पर बुधवार सुबह सर्विस लेन धंसने से एक कार खाई में गिरकर फंस गई. हालांकि कार में सवार चारों लोगों को सही-सलामत बाहर निकाल लिया गया,

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जबकि कार अभी भी फंसी हुई है. हादसा आगरा के डौकी इलाके में आज सुबह हुआ. कार सवार लोग आगरा से कन्नौज जा रहे थे. पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण एक्सप्रेसवे के सर्विस लेने के नीचे की मिट्टी बह गई थी. इस बीच कार जैसे ही यहां पहुंची वह धंस गई. हालांकि कार सवार लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. दूसरी तरफ, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे में भी बड़ी दरार आने की ख़बर है. जिसके बाद प्रशासन ने काम शुरू करा दिया है.

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बताया जा रहा है कि कार सवार कन्नौज जिले के रहने वाले थे. कार के मालिक ने कुछ दिन पहले ही इसे मुंबई में सेकेंड हैंड खरीदा था और मुंबई से अपने तीन दोस्तो के साथ इसे लेकर कन्नौज जा रहा था. बताया जा रहा है कि चारो युवकों ने रास्ते की जानकारी के लिए एक नेविगेशन एप की मदद ली थी.

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हालांकि पहले उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का रूट नहीं लिया था और किसी तरह सर्विस रोड पर पहुंच गए. उन्हें पता नहीं चल पाया कि सर्विस रोड के नीचे की  मिट्टी इतनी गीली है कि वह धंस जाएगी. घटना के बाद युवकों को कार से निकाल लिया गया, लेकिन उनकी कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है. दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि इस पूरे मामले में एक थर्ड पार्टी एजेंसी (राइट्स लिमिटेड) को जांच के लिए कहा गया है. 15 दिनों में वे रिपोर्ट सबमिट करेंगे.

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Traveling on the world-class LucknowAgraExpressWay, prepared 23 months ago in UttarPradesh, is not less than playing with dangers, so I believe that wherever we were, right there, on the raw path of the village
Lucknow AgraExpressWay