अफवाह बाज़ार गर्म किया गया,माया अखिलेश कांग्रेस को 2 नही 14 सीट देने तैयार, दोनों ने नकारा की कोई बात ही नही हुई

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प्रियंका गांधी वाड्रा का असर दिखाने के लिए अफवाह बाज़ार सक्रिय कर दिया गया है,कतिपय पत्रकारों और मीडिया हाउस के माध्यम से खबर फैलाई जा रही है कि मायावती और अखिलेश यादव कांग्रेस को 14 सीट देने को तैयार हो गए हैं।
कांग्रेस के सूत्रों ने चर्चा प्रचलित कर दी है और बताया जा रहा है कि कांग्रेस को 14 सीटों का ऑफर भी दे दिया गया है. दूसरी तरफ कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी को सपा-बसपा से कम से कम 30 सीटें मिलने की उम्मीद है.
प्रियंका गांधी वाड्रा की एंट्री के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया ट्विस्ट देखने को मिल रहा है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सपा और बसपा ने कांग्रेस से गठबंधन पर पुनर्विचार शुरू कर दिया है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस को 14 सीटों का ऑफर भी दे दिया गया है. दूसरी तरफ कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी को सपा-बसपा से कम से कम 30 सीटें मिलने की उम्मीद है.
बता दें कि मायावती और अखिलेश यादव ने 12 जनवरी को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन का ऐलान किया था. दोनों पार्टियों ने यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 38-38 पर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी. दो सीटें गठबंधन की अन्य पार्टियों और अमेठी-रायबरेली सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ दी थी. कांग्रेस के लिए दो सीटें छोड़ने की घोषणा के साथ ही दोनों ने यह भी साफ किया था कि वे कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं करेंगे.
शुरुआत में जब सपा-बसपा ने कांग्रेस को गठबंधन से बाहर रखने का फैसला किया था तब उन्हें लग रहा था कि यूपी में कांग्रेस कमजोर खिलाड़ी के तौर पर चुनाव लड़ेगी. लेकिन प्रियंका गांधी की एंट्री से यूपी कांग्रेस में नया जोश आ गया है. कांग्रेस काफी अग्रेसिव रवैया अपना रही है. ऐसे में सपा-बसपा के आगे गैर-बीजेपी वोटों को बचाने की बड़ी चुनौती होगी. कांग्रेस के आक्रामक रुख को देखते हुए सपा-बसपा के अंदर एक अंडरस्टैंडिंग बढ़ रही है कि यदि कांग्रेस के गणित को समझते हुए अगर झुकना पड़े तो दोनों पार्टियां कांग्रेस को 14 सीटें देकर 32-32 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. हालांकि अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस उनका ऑफर एक्सेप्ट करती है या नहीं.
पिछले दिनों एक रैली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने साफ किया था कि कांग्रेस बातचीत के लिए तैयार है. उन्होंने कहा था कि वह मायावती और अखिलेश यादव का सम्मान करते हैं और यदि उनके नेता संपर्क करते हैं तो कांग्रेस बातचीत के लिए तैयार है.
हालांकि, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान मिलने के बाद से उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. पिछले दिनों खबर आई थी कि राजनीति में प्रियंका गांधी की एंट्री के बाद सपा और बसपा दोनों ने ही अपनी रणनीति में बदलाव किया है. खबर थी कि प्रियंका फैक्टर के सीटवार आंकलन और उम्मीदवार की मजबूती के आधार पर सपा-बसपा अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेंगी.
बता दें कि नवनियुक्त कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सोमवार को लखनऊ पहुंच रही हैं. प्रियंका के लखनऊ आगमन को लेकर कांग्रेसियों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है. अमौसी एयरपोर्ट से कांग्रेस मुख्यालय तक प्रियंका गांधी 25 किमी लंबा रोड शो होगा. इस दौरान 28 जगहों पर प्रियंका गांधी का कांग्रेसी स्वागत करेंगे. साथ ही प्रियंका गांधी लालबाग में जनसभा को भी संबोधित करेंगी. प्रियंका के साथ पश्चिमी यूपी के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया और अध्यक्ष राहुल गांधी भी रोड शो में मौजूद रहेंगे.