चाय नाश्ते के पैसे नही,बजट किया कुल 3 हज़ार

0
117
लोकसभा चुनाव से पहले भी फंड संकट की बात आई थी सामने
बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले भी कांग्रेस के सामने आर्थिक संकट की खबरें आई थीं। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि फंड की इतनी दिक्कत हो गई है कि पिछले 5 महीने से कांग्रेस नेतृत्व ने कई राज्यों में पार्टी कार्यालयों को संचालित करने के लिए जरूरी पैसा भी रोक दिया है।
कांग्रेस फंड की कमी का सामना कर रही है। अब पार्टी अपने पदाधिकारियों के खर्च पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए चाय-नाश्ते पर होनेवाले खर्च से लेकर हवाई यात्रा पर लगाम कसने की तैयारी है। पार्टी के एक सूत्र ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पार्टी के अकाउंट विभाग ने महासचिवों, राज्य प्रभारियों और अन्य पदाधिकारियों से कहा कि सभी अपने खर्च पर लगाम लगाएं।
चाय-नाश्ते पर खर्च सीमित करने का निर्देशपार्टी ने पदाधिकारियों से कहा कि चाय-नाश्ते पर खर्च की सीमा प्रति महीने 3 हजार रुपये रखें और यदि खर्च इससे अधिक होता है तो उसका भुगतान संबंधित व्यक्ति को करना होगा। उल्लेखनीय है कि पार्टी नेताओं और अन्य पदाधिकारियों को ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी (एआईसीसी) की कैंटीन से चाय-नाश्ते दिए जाते हैं। पदाधिकारी उसके बिल पर हस्ताक्षर करके लौटा देते हैं और इन सभी बिल का भुगतान अकाउंट विभाग की तरफ से किया जाता है।
छोटी दूरी की यात्रा ट्रेन से करने का निर्देश
एक अन्य सूत्र ने नाम न जाहिर करने के अनुरोध के साथ कहा कि पार्टी ने नेताओं को छोटी दूरी की यात्रा ट्रेन से करने के लिए कहा है। पार्टी ने यात्रा के दौरान रात में ठहरने की जरूरत न होने पर होटल बुक करने से भी मना किया है। असोसिएशन फॉर डेमोक्रैटिक रिफॉर्म्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस को 55.36 करोड़ रुपये का चंदा मिला है। पार्टी की संपत्तियों में 2017-18 में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है। वर्ष 2017 के लिए संपत्ति 854 करोड़ रुपये थी, जबकि 2018 में यह 754 करोड़ रुपये थी।
इसकी जानकारी रखने वाले पार्टी के लोगों ने बताया कि संकट से उबरने के लिए पार्टी के सदस्यों से योगदान का आग्रह किया गया है। साथ ही पदाधिकारियों से खर्चों में कटौती करने को भी कहा गया है।